भारत का संविधान-अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण Gk ebooks


Rajesh Kumar at  2018-08-27  at 09:30 PM
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अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण

20. (1) कोई व्यक्ति किसी अपराध के लिए तब तक सिद्धदोष नहीं ठहराया जाएगा, जब तक कि उसने ऐसा कोई कार्य करने के समय, जो अपराध के रूप में आरोपित है, किसी प्रवृत्त विधि का अतिक्रमण नहीं किया है या उससे अधिक शास्ति का भागी नहीं होगा जो उस अपराध के किए जाने के समय प्रवृत्त विधि के अधीन अधिरोपित की जा सकती थी।
(2) किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक बार
से अधिक अभियोजित और दंडित नहीं किया जाएगा।
(3) किसी अपराध के लिए अभियुक्त किसी व्यक्ति को
स्वयं अपने विरुद्ध साक्षी होने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।



सम्बन्धित महत्वपूर्ण लेख
अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
संवैधानिक उपचारों का अधिकार इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार।
कुछ निदेशक तत्वों को प्रभावी करने वाली विधियों की व्यावृत्ति
कुछ अधिनियमों अौर विनियमों का विधिमान्यकरण।
29 अल्पसंख्यक - वर्गों के हितों का संरक्षण
शिक्षा संस्थाओं की स्थापना अौर प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
अनुच्छेद 25 26 27 28 धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
अनुच्छेद 23 और 24 शोषण के विरुद्ध अधिकार
अनुच्छेद 22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण
अनुच्छेद 13. मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियां
अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण
अनुच्छेद 19 स्वातंत्र्य-अधिकार - वाक्-स्वातंत्र्य आदि
अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत
अनुच्छेद 16 लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता
अनुच्छेद 15 धर्म मूलवंश जाति लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध
अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता
मूल अधिकार अनुच्छेद 12 परिभाषा

Anuchhed 20 aparadhon Ke Liye DoshSiddhi Sambandh Me Sanrakhshan 1 Koi Vyakti Kisi Apraadh Tab Tak SiddhDosh Nahi Thahraya Jayega Jab Ki Usane Aisa Karya Karne Samay Jo Roop AaRopit Hai Pravrit Vidhi Ka Atikraman Kiya Ya Usase Adhik Shashti Bhaagi Hoga Us Kiye Jane Adheen Adhiropit Jaa Sakti Thi । 2 Ko Ek Hee Baar Se Abhiyojit Aur Dandit 3 Abhiyukt Swayam Apne Viruddh Sakshi Hone Badhy


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