भारत का संविधान-अनुच्छेद 13. मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियां Gk ebooks


Rajesh Kumar at  2018-08-27  at 09:30 PM
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मूल अधिकार अनुच्छेद 13. मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियां

(1) इस संविधान के प्रारंभ से ठीक पहले भारत के राज्यक्षेत्र में प्रवृत्त सभी विधियां उस मात्रा तक शून्य होंगी जिस तक वे इस भाग के उपबंधों से असंगत हैं।
(2) राज्य ऐसी कोई विधि नहीं बनाएगा जो इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनती है या न्यून करती है अौर इस खंड के उल्लंघन में बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक शून्य होगी।
(3) इस अनुच्छेद में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,—
   (क) “विधि” के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में विधि का बल रखने वाला कोई अध्यादेश, आदेश, उपविधि, नियम विनियम अधिसूचना, रूढि या प्रथा है ;
   (ख) “प्रवृत्त विधि” के अंतर्गत भारत के राज्यक्षेत्र में किसी विधान-मंडल या अन्य सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस संविधान के प्रारंभ से पहले पारित या बनाई गई विधि है जो पहले ही निरसित नहीं कर दी गई, चाहे ऐसी कोई विधि या उसका कोई भाग या उस समय पूणर्तया या विशिष्ट क्षेत्रों में प्रवतर्न में नहीं है।
[ (4) इस अनुच्छेद की कोई बात अनुच्छेद 368 के अधीन किए गए इस संविधान के किसी संशोधन को लागू नहीं
होगी।] परिभाषा। 



1 संविधान (चौबीसवां संशोधन) अधिनियम 1971 की धारा 2 द्वारा अंत—स्थापित।


सम्बन्धित महत्वपूर्ण लेख
अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता
संवैधानिक उपचारों का अधिकार इस भाग द्वारा प्रदत्त अधिकारों को प्रवर्तित कराने के लिए उपचार।
कुछ निदेशक तत्वों को प्रभावी करने वाली विधियों की व्यावृत्ति
कुछ अधिनियमों अौर विनियमों का विधिमान्यकरण।
29 अल्पसंख्यक - वर्गों के हितों का संरक्षण
शिक्षा संस्थाओं की स्थापना अौर प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों का अधिकार
संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार अल्पसंख्यक वर्गों के हितों का संरक्षण
अनुच्छेद 25 26 27 28 धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
अनुच्छेद 23 और 24 शोषण के विरुद्ध अधिकार
अनुच्छेद 22 कुछ दशाओं में गिरफ्तारी और निरोध से संरक्षण
अनुच्छेद 13. मूल अधिकारों से असंगत या उनका अल्पीकरण करने वाली विधियां
अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण
अनुच्छेद 19 स्वातंत्र्य-अधिकार - वाक्-स्वातंत्र्य आदि
अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत
अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता का अंत
अनुच्छेद 16 लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता
अनुच्छेद 15 धर्म मूलवंश जाति लिंग या जन्मस्थान के आधार पर विभेद का प्रतिषेध
अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता
मूल अधिकार अनुच्छेद 12 परिभाषा

Mool Adhikar Anuchhed 13 Adhikaron Se Asangat Ya Unka Alpikaran Karne Wali Vidhiyan 1 Is Samvidhan Ke Prarambh Theek Pehle Bhaarat rajyakshetra Me Pravrit Sabhi Us Matra Tak Shunya Hongi Jis Ve Bhag UpBandhon Hain । 2 Rajya Aisi Koi Vidhi Nahi Banayega Jo Dwara Pradatt Ko Chheenti Hai Nyun Karti Aur Khand Ullanghan Banai Gayi Pratyek Ki Hogi 3 Jab Sandarbh Anyatha Apekshit n Ho — क “ ” Antargat Ka Bal Rakhne Wala AdhyaDe


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