- Gk ebooks

Sponsored Links

फ़कीरचंद जैन

भारत के स्वातंत्रय समर में हजारों निरपराध मारे गये, और यदि सच कहा जाये तो सारे निरपराध ही मारे गये, आखिर अपनी आजादी की मांग करना कोई अपराध तो नहीं है। ऐसे ही निरपराधियों

अजीमुल्ला खाँ

अजीमुल्ला खाँ अजीमुल्ला खाँ 1857 की क्रांति के आधार स्तंभो में से थे। उन्होंने नाना साहब द्युद्यूपंत के साथ मिलकर क्रांति की योजना तैयार की थी नाना साहब ने इनके साथ भारत के

मौलवी अहमद शाह

मौलवी अहमद शाह प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के ज्वाज्वल्यमान नक्षत्रों में से एक मौलवी अहमदशाह भी थे। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी यह राष्ट्र-पुरूष कुशल संगठक, ओजस्वी वक्ता, क्रांतिकारी लेखक और

मंगल पाण्डेय

मंगल पाण्डेय मंगल पांडे 1857 की क्रांति के महानायक थे। ये वीर पुरुष आजादी के लिये हंसते-हंसते फाँसी पर लटक गये। इनके जन्म स्थान को लेकर शुरू से ही वैचारिक मतभेद हैं। कुछ इतिहासकारों का मानना है

बाबू कुंवर सिंह

बाबू कुंवर सिंह बिहार में स्वतंत्रता संग्राम की तैयारियाँ वर्ष 1855 से ही प्रारम्भ हो गई थी। उस समय वहाबी मुसलमानों की गतिविधियों का केन्द्र बिहार ही था। नाना साहब पेशवा का संदेश मिलते ही पूरे बिहार

नाना साहब पेशवा

नाना साहब पेशवा नाना साहब का जन्म 1824 में महाराष्ट्र के वेणु गांव में हुआ था। बचपन में इनका नाम भोगोपंत था। इन्होंने 1857 की क्रांति का कुशलता पूर्वक नेतृत्व किया। नाना साहब सुसंस्कृत, सुन्दर व प्रभावशाली

1857 के क्रांतिकारियों की सूची

क्रांतिकारियों की सूची 1. नाना साहब पेशवा 2. तात्या टोपे 3. बाबू कुंवर सिंह 4. बहादुर शाह जफ़र 5. मंगल पाण्डेय

ब्रिटिश समर्थक भारतीय

ब्रिटिश समर्थक भारतीय जगन्नाथ सिंह पवन के राजा जगन्नाथ सिंह ने ब्रितानियोें के साथ मिलकर क्रांतिकारी मौलवी अहमद शाह को मौत के घाट उतार दिया।

फ़ूट डालो और राज करो

फ़ूट डालो और राज करो हिन्दु मुसलमानों में फ़ूट डाली। मीर जाफर व सिराजुद्दौला में फ़ूट डाली। सिक्ख सैनिकों

1857 की क्रांति के परिणाम

1857 की क्रांति के परिणाम 1857 की क्रांति जल्दी ही समाप्त हो गई। क्रांतिकारियों को अधिक सफ़लता हाथ नहीं लगी, परन्तु क्रांति पूर्णतया विफ़ल भी नहीं रही। इस क्रांति का प्रभाव ब्रितानियों

1857 के विद्रोह की असफ़लता के कारण

1857 के विद्रोह की असफ़लता के कारण आजादी के लिये 1857 की क्रांति में सभी वर्ग के लोगों ने अपना सहयोग दिया था परन्तु यह क्रांति विफ़ल रही। इतिहासकार इस क्रांति की विफ़लता के निम्न

स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख तारीखें

स्वतंत्रता संग्राम की प्रमुख तारीखें भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की मुख्य घटनाएँ व उनकी तिथियां। प्रमुख तारीखें 1857

ब्रिटिश ऑफिसर्स

ब्रिटिश ऑफिसर्स हेनरी हेवलोक- हेनरी हेवलोक ब्रिटिश जनरल था। इसको ब्रिटिश सरकार ने कानपुर में 1857 की क्रांति के दौरान भारत में नियुक्त किया था। जेम्स आउट्रम - जेम्स आउट्रम

1857 की क्रांति कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

1857 की क्रांति कुछ महत्वपूर्ण तथ्य यह भारत में महाभारत के बाद लड़ा गया सबसे बडा युद्ध

1857 की क्रान्ति का फ़ैलाव

1857 की क्रान्ति का फ़ैलाव 1857 की क्रान्ति का विस्तार एवं फैलाव लगभग समूचे देश में था। यद्यपि अंग्रेज एवं अंग्रेजी के इतिहासकार ऐसा मानते है कि यह एक स्थानीय गदर था परन्तु वास्तविकता ऐसी

1857 की क्रांति की शुरुआत

1857 की क्रांति की शुरुआत भारत के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत 1857 में हुई थी, इसे हम 1857 की क्रान्ति के रुप में अधिक जानते है।भारत में अंग्रेजों का आगमन कम्पनियों के रुप में

1857 की क्रांति के आर्थिक कारण

1857 की क्रांति के आर्थिक कारण 1. व्यापार का विनाश : ब्रितानियों ने भारतीयों का जमकर आर्थिक शोषण किया था। ब्रितानियों ने भारत में लूट-मार करके धन प्राप्त किया तथा उसे इंग्लैंड भेज

1857 की क्रांति के तत्कालीन कारण

1857 की क्रांति के तत्कालीन कारण 1857 ई. तक भारत में विद्रोह का वातावरण पूरी तरह तैयार हो चूका था और अब बारूद के ढेर में आग लगाने वाली केवल एक चिंगारी की आवश्यकता थी। यह चिंगारी

1857 की क्रांति के सैनिक कारण

1857 की क्रांति के सैनिक कारण ब्रितानियों ने भारतीय सेना की सहायता से ही सम्पूर्ण भारत में अपना साम्राज्य स्थापित किया था। अतः कम्पनी की सेना में कई भारतीय सैनिक थे। वेलेजली द्वारा सहायक सन्धि की प्रथा

1857 की क्रांति के धार्मिक कारण

1857 की क्रांति के धार्मिक कारण भारत में सर्वप्रथम ईसाई धर्म का प्रचार पुर्तगालियों ने किया था, किन्तु ब्रितानियों ने इसे बहुत फैलाया। 1831 ई. में चार्टर एक्ट पारित किया गया, जिसके द्वारा ईसाई मिशनरियों को भारत

1857 की क्रांति के सामाजिक कारण

1857 की क्रांति के सामाजिक कारण 1. ब्रितानियों द्वारा भारतीयों के सामाजिक जीवन में हस्तक्षेप : ब्रितानियों ने भारतीयों के सामाजिक जीवन में जो हस्तक्षेप किया, उनके कारण भारत की परम्परावादी एवं रूढ़िवादी

1857 की क्रांति के प्रशासनिक कारण

1857 की क्रांति के प्रशासनिक कारण ब्रितानियों की विविध त्रुटिपूर्ण नीतियों के कारण भारत में प्रचलित संस्थाओं एवं परंपराओं का समापन होता जा रहा था। प्रशासन जनता से पृथक हो रहा था। ब्रितानियों ने भेद-भाव पूर्ण नीति

1857 की क्रांति के राजनीतिक कारण

1857 की क्रांति के राजनीतिक कारण 1. डलहौज़ी की साम्राज्यवादी नीति : लार्ड डलहौजी (1848-56 ई.) ने भारत में अपना साम्राज्य विस्तार करने के लिए विभिन्न अन्यायपूर्ण तरीके अपनाए। अतः देशी रियासतों एवं

1857 की क्रांति के मुख्य कारण

1857 की क्रांति के मुख्य कारण "सन् 1857 का विप्लव भारत-भूमि पर ब्रितानी राज्य के इतिहास की सबसे अधिक रोमांचकारी और महत्वपूर्ण घटना थी। " यह एक ऐसी भयानक घटना थी जिसकी प्रचण्ड लपटों में एक बार तो ब्रितानियों

1853 का चार्टर एक्ट

1853 का चार्टर एक्ट 1853 के चार्टर एक्ट द्वारा कम्पनी के प्रशासनिक ढाँचे में परिवर्तन किए गए, परन्तु इससे शासकीय नीति तथा प्रशासन की कार्यकुशलता में बिल्कुल वृद्धि नहीं हुई। एक्ट के पास होने


 at   at 09:30 PM


सम्बन्धित महत्वपूर्ण लेख


Labels,,,
Sponsored Links

सामान्य अध्ययन विस्तारपूर्वक

आधुनिक भारत का इतिहास Modern History of India
राजस्थान सामान्य ज्ञान Rajasthan Gk
भारत का संविधान Constitution of India
1857 की क्रान्ति Revolt of 1857

News Articles

जियो फोन हुआ लॉन्च असीमित 4 जी डेटा जानिए कितने में पड़ेगा
Rpsc Second Grade Science Answer Key Solved Paper Question Answers
MP Board 2017: 12वीं क्लास के परीक्षा के नतीजे घोषित, mpresults.nic.in पर ऐसे करें चेक
RPSC 2nd grade gk paper Group 2 Answer key Rpsc second grade teacher

Current Affairs

मार्च 2017 करेंट अफेयर्स Current Affairs in Hindi
Act East Neeti एक्ट ईस्ट नीति में भारत के लिए नई सम्भावनाएँ
March 2017 National Current Affairs In Hindi
करेंट अफेयर्स फरवरी 2017 समसामयिकी

Sponsored Links