मीराबाई के दोहे इन हिंदी विकिपीडिया

Mirabai Ke Dohe In Hindi Wikipedia

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 20-10-2018


हरि बिन कूण गती मेरी।
तुम मेरे प्रतिपाल कहिये मैं रावरी चेरी।।
आदि अंत निज नाँव तेरो हीयामें फेरी।
बेर बेर पुकार कहूं प्रभु आरति है तेरी।।
यौ संसार बिकार सागर बीच में घेरी।
नाव फाटी प्रभु पाल बाँधो बूड़त है बेरी।।
बिरहणि पिवकी बाट जोवै राखल्यो नेरी।
दासि मीरा राम रटत है मैं सरण हूं तेरी।।1।।
शब्दार्थ /अर्थ :- कूण = कौन क्या। हीयामें फेरी = हृदय में याद करती रहती हूं।
आरति =उत्कण्ठा, चाह। यौ = यह। पाल बांधो = पाल तान लो।
बेरी =नाव का बेड़ा। नेरी =निकट



Comments Sabita on 16-01-2020

Rana her ka doha

Sabita on 16-01-2020

Rana her ka doha

Sabita on 16-01-2020

Rana her ka doha

Sabita on 16-01-2020

Rana her ka doha

Kritika on 26-11-2019

Those chore dohe nahi likhe Kya meera ne

tanuja khot on 21-09-2019

Gali to charo band hui he pad ka arth bataye


pallavi on 21-08-2019

meera ji ke doho ka ulakhan kijiye

pallavi on 21-08-2019

meere bai ke dohe

pallavi on 21-08-2019

meere bai ke dohe

pallavi on 21-08-2019

meere bai ke dohe

pallavi on 21-08-2019

meere bai ke dohe

varun gupta on 09-08-2019

mira bai ke dohe


Mira bai ke dohe in Hindi on 19-05-2019

Mira bai ke doha Hindi me Arth sahit



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