संयुक्त राष्ट्र संघ की विफलता का मुख्य कारण

Sanyukt Rashtra Sangh Ki Vifalta Ka Mukhya Karan

Pradeep Chawla on 20-09-2018


पेरिस शांति सम्मेलन की उपज के रूप में उभरा अंतर्राष्ट्रीय संगठन विश्व शान्ति स्थापना के लिए गठित किया गया था. इसकी स्थापना में अमेरिका के राष्ट्रपति की अग्रणी भूमिका थी. वर्साय संधि के साथ ही जन्म लेने वाला संगठन अपनी कार्यशैली तथा स्वरूप के कारण अपने उद्देश्यों में सफल नही हो सका, जिसका परिणाम दूसरे विश्व युद्ध के रूप में देखने को मिला. इस संगठन की असफलता के पीछे कई कारण थे, जो निम्नलिखित थे.



इसकी असफलता का प्रमुख कारण सदस्य राष्ट्रों द्वारा ही इस पर विशवास नही किया जाना था, जिस कारण यह मात्र एक संगठन बनकर रह गया.

हालाँकि लीग ऑफ नेशंस की नीव अमेरिकी राष्ट्रपति के द्वारा रखी गई, मगर अमेरिका जैसे प्रभावशाली देश का इसका सदस्य न रहना. इसकी असफलता का सबसे बड़ा कारण था. इस वजह से राष्ट्रसंघ एक दुर्बल संगठन बनकर रह गया, जो किसी भी तानाशाही राष्ट्र पर किसी तरह का प्रतिबंध नही लगा सकता था.

यू.एस.एस.आर. आरम्भ से ही इसे अमेरिका तथा कुछ पूंजीपति देशों का संगठन मानकर चलता था. शुरुआत में यू.एस.एस.आर. को इसका सदस्य भी नही बनाया था, मगर हिटलर के भय के चलते सोवियत रूस को राष्ट्रसंघ की सदस्यता दी गई.

आरम्भ में जर्मनी को इसका सदस्य बनाया गया था, लेकिन वर्साय की अपमानजनक संधि के चलते जर्मनी ने कभी भी राष्ट्रसंघ का साथ नही दिया, तानाशाही शासक हिटलर अपने इस अपमान का बदला लेना चाहता था.

दूसरी तरफ इटली का शासक मुसोलिनी विश्व शांति के सिद्धांत में यकीन नही रखता था. इस कारण जर्मनी तथा इटली जैसे बड़े देशों का सहयोग भी इस संगठन को नही मिल सका.

शेष बचे यूरोपीय देश और सोवियत संघ सीधे तौर पर किसी पर कार्यवाही करके अपने राष्ट्र हितों को नुक्सान नही पहुचाना चाहते थे.



इस तरह की कमजोर और असहयोगी व्यवस्था को लेकर “राष्ट्र संघ”का लम्बे समय तक काम करना संभव नही था. इसी के परिनामस्वरूप दुनिया को दूसरे विश्व युद्ध की मार झेलनी पड़ी



Comments Sahida khatun on 05-06-2021

गठबंधन सरकार के लाभ एवं हानि का वर्णन कीजिए

Sk on 03-06-2021

Describe any six failures of the UNO



आप यहाँ पर विफलता gk, question answers, general knowledge, विफलता सामान्य ज्ञान, questions in hindi, notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment