जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन the modern vernacular literature of hindustan

George Abraham Griyerson The modern vernacular literature Of hindustan

Gk Exams at  2020-10-15

GkExams on 13-02-2019

ग्रियर्सन को भारतीय संस्कृति और यहाँ के निवासियों के प्रति अगाध प्रेम था। भारतीय भाषाविज्ञान के वे महान् उन्नायक थे। नव्य भारतीय आर्यभाषाओं के अध्ययन की दृष्टि से उन्हें बीम्स, भंडारकर और हार्नली के समकक्ष रखा जा सकता है। एक सहृदय व्यक्ति के रूप में भी वे भारतवासियों की श्रद्धा के पात्र बने। उनके द्वारा प्राप्त महत्त्वपूर्ण उपलब्धियाँ इस प्रकार हैं -

  • जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन सन् 1868 में राबर्ट एटकिंसन से संस्कृत वर्णमाला का ज्ञान प्राप्त किया।
  • इन्होंने भारत की पौराणिक गाथाओं में इतिहास का दर्शन किया और ग्रामीणों की कहावतों में ज्ञान प्राप्त किया। ये वेद, दर्शन और संस्कृत से भी बहुत प्रभावित थे। इनके सहायकों में गौरीकांत, स्टेनकोनों, ई. एच. हाल आदि रहे हैं। एक भाषा - वैज्ञानिक एवं इतिहासकार के रूप में ये प्रसिद्ध हैं।
  • इन्होंने बिहार में काम करना प्रारम्भ किया था। वहीं इन्होंने बिहारी भाषाओं का अध्ययन किया और 'बिहारी भाषाओं के सात व्याकरण 1883 से 1887 ई. तक प्रकाशित किये।

इसका विवरणात्मक भाग दो हिस्सों में विभक्त है। पहले का शीर्षक 'भूमिका' है और इसमें उन सभी पूर्व प्रयत्नों का विवरण प्रस्तुत है, जो भारत की भाषाओं के अध्ययन के सम्बन्ध में किये गये थे। दूसरे भाग में सर्वेक्षण के परिणामों तथा उन प्राप्त शिक्षाओं पर दृष्टिपात करने का प्रयत्न किया गया है। इन दो खण्डों के अतिरिक्त इस सर्वेक्षण में दो अन्य संग्रह भी है जिनमें समस्त सर्वेक्षण के लिए बृहत योग एवं लघु योग तथा शोधनीय सामग्री है। अंत में तीन परिशिष्ट भी जोड़े गये है। इनमें भारत की सभी भाषाओं की वर्गीकृत सूची, उन भाषाओं की सूची, जिनके ग्रामोफोन रेकार्ड इस देश में तथा पेरिस में उपलब्ध हैं तथा सभी भारतीय भाषाओं के नाम हैं। इसमें विभिन्न भाषाओं के नमूने भी हैं

- ग्रियर्सन
  • ग्रियर्सन को भारत में उपलब्ध हैं तथा सभी भारतीय भाषाओं के नाम हैं। इसमें विभिन्न भाषाओं के नमूने भी हैं।"
  • भाषा- सर्वेक्षण नामक यह हिन्दी, हिन्दुस्तानी का ही एक रूप है। *हिन्दुस्तानी को उन्होंने मूल भाषा माना है। इसकी परिणति वे उर्दू में मानते हैं।
  • ग्रियर्सन के भाषा-सर्वेक्षण में विभिन्न बोलियों के उदाहरण तो है किंतु अरबी - फारसी शब्दों की संख्या नगण्य है। वे ठेठ हिन्दुस्तानी को साहित्यिक उर्दू तथा हिन्दी की जननी मानते हैं। 11 जिल्दों में सभी भारतीय भाषाओं एवं बोलियों का उदाहरण एवं उनका व्याकरण दे देना ग्रियर्सन के अमरत्व के लिए पर्याप्त है।
  • ग्रियर्सन की सुविस्तृत भूमिका उनके श्रेष्ठ पाण्डित्य का उत्कृष्ट प्रमाण है।




Comments Anita on 20-12-2019

The modern vernacular of Hindi literature ka Hindi anuvad kis ne kiya

वंदना on 12-05-2019

मार्डन वर्नाक्यूलर लिटरेचर आईफोन हिन्दुस्तान ग्रंथ में कितने लेख हैं उनके नाम बताइए



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