जनसंख्या वृद्धि रोकने के उपाय

Jansankhya Vridhi Rokne Ke Upay

Gk Exams at  2018-03-25


Go To Quiz

GkExams on 03-01-2019

दुनिया में सबसे अधिक तेजी से जनसंख्या वृद्धि भारत में होती है। आज यह भारतकी सबसे बड़ी समस्या बन गयी है। क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत की जनसंख्या बहुतअधिक है। जनसंख्या वृद्धि के अनेक कारण है जैसे अशिक्षा, बेहतर चिकित्सा सुविधा, बालविवहा, अंधविश्वास आदि। जनसंख्या वृद्धि से अनके समस्याएं उत्पन्न हो रही है जिनमेंप्रमुख है पर्यावरण प्रदूषण, गरीबी, बेरोजगारी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं इन समस्याओं सेछुटकारा पाने के लिए प्रयास करना आवश्यक है तथा इसके लिए जनसंख्या वृद्धि परनियंत्रण करना सबसे ज्यादा आवश्यक है। जनसंख्या वृद्धि में नियंत्रण रखने में विज्ञानद्वारा किये गए उपाय कारगर साबित हो सकते है। आज विज्ञान ने इतनी प्रगति कर लीहै। कि इसके माध्यम से जनसंख्या वृद्धि जैसी जटिल समास्या पर काबू पाया जा सकताहै तथा हमारा भारत देश विकास की ओर अग्रसर हो सकता है।

भारत में जनसंख्या वृद्धि


हमारे देश में विज्ञान ने काफी विकास किया है। आज विश्व मे जब कही भी विज्ञानके विकास की चर्चा होती है तो हमारे देश का नाम अवश्य लिया जाता है। विज्ञान के क्षेत्रमें व्यापक स्तर पर विकास कर लेने के बाद भी हमारे देश का नाम विकसित देशों की सूचीमें नही आता आज भी भारत की गिनती विकासशील देशों मे होती है। इसका कारण है,हमारे देश की बढ़ती हुई जनसंख्या। अधिक जनसंख्या होने के कारण विज्ञान का लाभसही ढंग से हर व्यक्ति के नहीं पहुँच पाता। इसीलिए हमारे देश का जितना विकास होनाचाहिए नही हो पा रहा है।

जनसंख्या वृद्धि का स्वरूप

जनसंख्या वृद्धि का स्वरूप जानने से पहले हमें जन्मदर और मृत्यदर को समझनाआवश्यक है। जन्म दर प्रतिवर्ष प्रति हजार व्यक्ति पर पैदा होने वाले जीवित बच्चों कीसंख्या को जन्म दर कहते है।मृत्युदर प्रतिवर्ष प्रति हजार व्यक्ति पर मृत व्यक्तियों की संख्या को मृत्युदर कहतेहै। अर्थात एक वर्ष में पैदा हुए बच्चों की संख्या में से उस वर्ष में मरने वालों की संख्याको घटा दें तो जनसंख्या वृद्धि का पता चल जाता है।

प्रतिवर्ष पैदा होने वाले बच्चों की संख्या-मरने वाले व्यक्तियों की संख्या = जनसंख्या वृद्धि

दुनिया में सबसे अधिक तेजी से जनसंख्या वृद्धि भारत में हो रही है। पूरे विश्व मेंहर साल 8 करोड की जनसंख्या वृद्धि होती है जिसमें से 2 करोड़ की वृद्धि अकेले भारतकरता है। अर्थात पूरी दुनिया की कुल जनसंख्या वृद्धि का एक चौथाई हिस्सा अकेले भारतके हिस्से में आता है। भारत में प्रति मिनट 52 बच्चे पैदा होते है। जनसंख्या की दृष्टि सेभारत विश्व का दूसरा सबसे बडा देश है। पहले स्थान पर चीन है। किन्तु क्षेत्रफल की दृष्टिसे भारत का स्थान विश्व में सातवाँ है। क्षेत्रफल के अनुपात में भारत की जनसंख्या कई गुनाहै। इसलिए यहाँ जनसंख्या वृद्धि के कारण जनजीवन से जुडी अनेक समस्याएं पैदा हो गईहै।

भारत की 70 प्रतिशत जनसंख्या गांवो में रहती है। वहाँ जनसंख्या नियंत्रण केउपायो का प्रयोग न हो पाने के कारण जन्म दर अधिक है। किन्तु शहरो में रोजगार कीतलाश में गांव के लोगो का पलायन होने से शहरो की जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। इससेशहरो में स्थान की कमी, पीने के पानी की समस्या , बिजली और यातायात की समस्या बढजाती है।

विश्व में जनसंख्या वृद्धि का स्वरूप

दुनिया की कुल आबादी छ: अरब से भी अधिक है। ध्यान देने की बात तो यह हैकि इस बढती आबादी का सबसे अधिक हिस्सा विकासशील देशों का है। जहाँ अमेरिका,फ्रांस , ब्रिटेन, जर्मनी आदि जैसे विकसित देशो की जनसंख्या वृद्धि की दर 0.1 प्रतिशत है।चीन समेंत अन्य विकासशील देशो की औसत जनसंख्या वृद्धि 2.0 प्रतिशत है। इस बढतीहुई जनसंख्या में अधिकांश योगदान अफ्रीकी और एशियाई देशों का है। 1900 से लेकर1975 तक दुनिया में हुई कुल जनसंख्या वृद्धि का 80 प्रतिशत हिस्सा विकासशील देशो कारहा जो अब बढकर 98 प्रतिशत पहुँच गया है।

अफ्रीकी देशो में जनसंख्या वृद्धि का औसत दर 2.5प्रतिशत है। ईरान, इराक, कुवैत,यमन, ओामान, कतर, सीरिया आदि मुस्लिम देशो में जनसंख्या वृद्धि की औसत दर 2.2प्रतिशत है। भारत , पाकिस्तान, श्री लंका, अफगानिस्तान, बंगला देश नेपाल और भूटानजैसे दक्षेस (सार्क) देशों में औसत जनसंख्या वृद्धि की दर 1.9 प्रतिशत है। यही कारण हैकि इन्ही देशो में बेरोजगारी, निरक्षरता तथा भ्रष्टाचार जैसी जटिल समस्याएं है। सन 2000तक भारत की कुल आबादी बढकर 1 अरब हो गई थी। इस दृष्टि से दुनिया का हर 60वांव्यक्ति भारतीय है। 2007 में भारत की जनसंख्या 1,02,87,37,436 है। जिनमें 53,22,23,090पुरूष तथा 49,65,14,436 महिलाएँ है। जिनमें 53,22,23,090 पुरूष तथा महिलाएँ है। जनसंख्या वृद्धि के कारण भारत दुनिया के कुछ समस्याग्रस्त देशों में से एक है। जनसंख्या वृद्धि के कारण - हमारे देश में जनसंख्या वृद्धि के अनेक कारण है। उन्ही कारणो में से एक यह भी है कि चिकित्सा पद्धतियों, दवाईयों तथा वैज्ञानिक उपकरणो की खोज व प्रयोगो से विज्ञान ने मृत्युदर में तो नियंत्रण पा लिया है परंतु जन्मदर में नियंत्रण पाने में असमर्थ है। जनसंख्या वृद्धि को रोकने में विज्ञान की काफी बडी भूमिका है फिर भी जनसंख्या वृद्धि में पूरी तरह नियंत्रण नही हो पाया है।

पुरूष तथा 49,65,14,436 महिलाएँ है। जिनमें 53,22,23,090 पुरूष तथा महिलाएँ है।जनसंख्या वृद्धि के कारण भारत दुनिया के कुछ समस्याग्रस्त देशों में से एक है।



वर्तमान में भारत की जनसंख्या में प्रतिवर्ष लगभग 1 करोड़ 70 लाख कीवृद्धि हो रही है। जनसंख्या में यह तीव्र वृद्धि देश के लिए अभिशाप है परिणामस्वरूप हमारेयहॉं गरीबी, बेराजगारी व महॅंगाई आदि समस्याए दिनों-दिन बढ़ती जा रही हैं। इससेहमारे आर्थिक विकास की सभी योजनाए निष्फल सिद्ध हो रही है। अत: यदि हमें विकासकी गति का लाभ उठाना है और उन्नत जीवन स्तर प्राप्त करना है तो जनसंख्या वृद्धि परनियन्त्रण करना अति आवश्यक है।

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के उपाय

1- शिक्षा का प्रसार-

भारत की 80 प्रतिशत जनसंख्या गॉंवों में निवास करती है। जनसंख्या मेंयह तीव्र वृद्धि देश के लिए अभिशाप बनती जा रही है। फलस्वरूप गरीबी, बेराजगारी तथामहंगाई आदि समस्यायें दिनों दिन बढ़ती जा रही है। गांवों में शिक्षा की कमी औरअज्ञानता के कारण तथा नगरों में गंदी बस्तियों के लोगों में शिक्षा की कमी के कारणजनसंख्या नियंत्रण का कोई भी कार्यक्रम सफल नहीं हो पा रहा है। अतएव लोगों में शिक्षाका प्रसार कर ही जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण किया जा सकता है।

2- परिवार नियोजन-

जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए परिवार नियोजन के विभिन्न कार्यक्रमोंका प्रचार-प्रसार अति आवश्यक है। परिवार नियोजन कार्यक्रम को जन आंदोलन का रूपदिया जाना चाहिए।

3- विवाह की आयु में वृद्धि करना-

हमारे देश में आज भी बाल विवाह की प्रथा है। अत: बाल-विवाह परकारगर कानूनी रोक लगायी जानी चाहिए। साथ ही लड़के-लडकियों की विवाह की उम्रको भी बढ़ाई जानी चाहिए।

4- संतानोत्पत्ति की सीमा निर्धारण-

परिवार, समाज और राष्ट्र के हित में संतान की सीमा निर्धारण करना अतिआवश्यक है। जनसंख्या विस्फोट से बचने के लिए प्रत्येक दम्पत्ति के संतानों की संख्या1 या 2 करना अति आवश्यक है। चीन में इसी उपाय को अपनाकर जनसंख्या वृद्धि मेंनियंत्रण पा लिया गया है।

5- सामाजिक सुरक्षा-

हमारे देश में वृद्धावस्था, बेकारी अथवा दुर्घटना से सुरक्षा न होने के कारणलोग बड़े परिवार की इच्छा रखते हैं। अतएव यहॉं सामाजिक सुरक्षा के कार्यक्रमों मेंबेराजगारी भत्ता, वृद्धावस्था, पेंशन, वृद्धा-आश्रम चलाकर लोगों में सुरक्षा की भावनाजाग्रत की जाय।

6- सन्तति सुधार कार्यक्रम-

जनसंख्या की वृद्धि को रोकने के लिए सन्तति सुधार कार्यक्रमों को भीअपनाया जाना चाहिए। संक्रामक रोगों से ग्रस्त व्यक्तियों के विवाह और सन्तानोत्पत्ति परप्रतिबंध लगाया जाये।

7- जीवन-स्तर को ऊॅंचा उठाने का प्रयास-

देश में कृषि व औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाकर लोगों के जीवन स्तर कोऊॅंचा उठाने के प्रयास किये जाने चाहिए । जीवन स्तर के ऊॅंचा उठ जाने पर लोग स्वयंही छोटे परिवार के महत्व को समझने लग जायेंगे।

8- स्वास्थ्य सेवा व मनोरजन के साधन-

देश के नागरिकों की कार्यकुशलता एवं आर्थिक उत्पादन की क्षमता कोबनाये रखने के लिए सार्वजनिक व घरेलू स्वास्थ्य सुविधा एवं सफाई पर ध्यान देनाआवश्यक है। डाक्टर, नर्स एवं परिचारिकाओं आदि की संख्या में वृद्धि किया जानाचाहिए। ग्रामीणों को स्वास्थ्यप्रद जीवन व्यतीत करने तथा मनोरंजन के लिए पर्याप्तसाधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए और इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि गॉंवोंमें स्त्री पुरूषों के लिए एकमात्र मनोरंजन का साधन न रहे।

9- जनसंख्या शिक्षा-

ये एक ऐसा कार्यक्रम है जो सरकार तथा स्वयं सेवी संगठनो द्वारा अपने अपने स्तरपर चलाया जा रहा है। उसके माध्यम से लोगो की बढती हुई जनसंख्या से उत्पन्नकठिनाईयाँ, दुष्प्रभावो, खान पान, बीमारी, स्वास्थ्य संबंधी गडबडियाँ, विवाह योग्य सही उम्रआदि की जानकारी दी जाती है। अब तो जनसंख्या शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है। ताकियुवाओ में जनसंख्या के प्रति जागरूकता आ सके। लोगो को जागरूक बनाकर जनसंख्यावृद्धि को कम किया जा सकता है।

10. परिवार नियोजन संबंधी शिक्षा-

लोगो को परिवार नियोजन की जानकारी देकर जनसंख्या वश्द्धि में नियंत्रण कियाजा सकता है। गर्भ निरोधकों के प्रयोग से जिसमें निरोध, कापरटी, नसबंदी, गर्भ निरोधकोकी गोलियों का सेवन इत्यादि की जानकारी देकर तथा इनका प्रचार, प्रसार करकेजनसंख्या वृद्धि मे काबू पाया जा सकता है।

11- महिला शिक्षा-

हमारे देश में आज भी महिलाओं की शिक्षा का स्तर पुरूषों की अपेक्षा काफी कमहै। महिलाओं के शिक्षित न होने के कारण व जनसंख्या वृद्धि के दृष्परिणामों को नहीसमझ पाती। वे अपने खान पान पर भी ध्यान नहीं देपाती तथा जनसंख्या नियंत्रण मेंअपना योगदान नहीं दे पाती। जिन क्षेत्रों मे महिलाओं का शिक्षा स्तर कम है। वहांजनसंख्या वृद्धि दर अधिक है। पढ़ी लिखी महिलाएं जनसंख्या नियंत्रण के प्रति जागरूकहोती है।इस तरह महिलाएं शिक्षित होंगी तो वे अपने बच्चों के खानपान, पोषण तथास्वास्थ्य पर भी ध्यान देंगी तथा जनसंख्या पर भी नियंत्रण होगा और एक स्वस्थ समाजका निर्माण होगा।

12- यौन शिक्षा-

आज भी हमारे समाज में यौन संबंधों को छिपाने की चीज समझा ज्ञाता है। लोगयौन संबंधी बातें तथा उससे जुड़ी समस्याओं पर खुलकर बातें करने से कतराते है। यौनसंबंधी जानकारी न होने के कारण लोग असमय तथा अधिक बच्चे पैदा करते है। यौनसंबंधी जानकारी से जनसंख्या वृद्धि को रोकने में सहायता मिल सकती है।

13- जन संपर्क-

कई स्वयं सेवी संगठन भी लोगो के बीच जाकर उनसे बातचीत कर जनसंख्या वृद्धिसे उत्पन्न समस्याओं की जानकारी देते हैं। उन्हें नुक्कड नाटको, सांस्कृतिक कार्यक्रमोंतथा तरह-तरह की प्रतियोगिताएं कराकर जनसंख्या वृद्धि के कारणों तथा समस्याओं कीजानकारी देकर उन्हे जागरूक बनाते है।

14. जनसंचार माध्यमों द्वारा प्रचार प्रसार-

सरकार समाचार पत्रो, पत्रिकाओं, रेडियों, टेलीविजन पर परिवार नियोजन तथाजनसंख्या शिक्षण संबंधी कार्यक्रमों को बढ़ावा दे रही है। इस प्रकार जनसंख्या वृद्धि सेहोने वाली समस्याओं तथा उन्हें रोकने के उपयों का प्रचार प्रसार भी करती है।

उपर्युक्त उपायों के अतिरिक्त अन्योन्य उपायों से जन्मदर में कमी करना विवाह की अनिवार्यता को ढीला बनाना, स्त्री शिक्षा, स्त्रियों के आर्थिक स्वावलम्बन पर जोर देना, गर्भपात एवं बन्ध्याकरण की विश्वसनीय सुविधाओं का विस्तार करना, अधिक सन्तान उत्पन्न करने वाले दम्पत्ति को सरकारी सुविधाओं से वंचित करना एक या दो बच्चे पैदा करने वाले दम्पत्ति को विभिन्न शासकीय लाभ दिया जाना चाहिए। 1970 के बाद चीन ने ‘एक दम्पत्ति एक सन्तान’ का नारा देकर अपनी बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है।



Comments Rabbani on 06-12-2019

Jansankhya vridhi ke karan aur jansankhya vridhi ko rokne ke upay hindi me



आप यहाँ पर जनसंख्या gk, रोकने question answers, general knowledge, जनसंख्या सामान्य ज्ञान, रोकने questions in hindi, notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Total views 1296
Labels: , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।

Comment As:

अपना जवाब या सवाल नीचे दिये गए बॉक्स में लिखें।

Register to Comment