प्रिज्म के अपवर्तनांक का सूत्र

Prism Ke Apvartanank Ka Sutra

Pradeep Chawla on 09-09-2018


पतन (i) के कोण के साथ का विचलन (d) के कोण का अध्ययन करना और i-d वक्र से न्यूनतम विचलन (D) के कोण का पता लगाना।

(ii) A और D का प्रयोग कर प्रिज्म की पदार्थ के अपवर्तनांक का पता लगाना

सिद्धांत

प्रिज्मं

प्रिज्मं के पारंपरिक ज्यामितीय आकार में त्रिकोणीय आधार और दो आयताकार भुजाएं होती हैं। इसे त्रिकोणीय प्रिज्म कहा जाता है।


कांच, प्लास्टिक और फ्लोराइट जैसी पदार्थ से प्रिज्म् बनाया जा सकता है। प्रकाश को उसके घटकों में विभाजित करने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है।


जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में जाता है, तो यह अपवर्तित हो जाता है और भिन्न कोण पर नए माध्यम में प्रवेश करता है। प्रकाश के पथ में झुकाव की मात्रा उस कोण पर निर्भर करती है जो प्रकाश की आपतित किरण प्रिज्म् की सतह के साथ बनाती है और दो माध्यमों के अपवर्तनांक के बीच के अनुपात पर निर्भर करती है। इसे स्नेल का नियम कहा जाता है।



जहां, n प्रिज्म के पदार्थ का अपवर्तनांक है


i आपतन का कोण है


R अपवर्तन का कोण है।


कई पदार्थों का अपवर्तनांक प्रयुक्त‍ प्रकाश की तरंगदैर्ध्य के साथ बदलता रहता है। इस परिघटना को प्रकीर्णन कहा जाता है।

अपवर्तनांक (n), प्रिज्म (A) के कोण और न्यूनतम विचलन (d) के कोण के बीच संबंध

निम्नतलिखित त्रिकोणीय प्रिज्म पर विचार करें।



दो अपवर्तन करने वाले पृष्ठों ABFE और ACDE के बीच कोण A प्रिज्म का कोण कहा जाता है।


प्रिज्म के माध्यम से गुजरने पर प्रकाश की किरण का दो अपवर्तन होता है। यदि भुजा AB पर गिरने वाला एकवर्णी प्रकाश KL है, तो यह अपवर्तित हो जाता और LM के साथ-साथ चलता है। यह M पर एक बार फिर से अपवर्तित होता है और MN के साथ-साथ बाहर निकलता है। वह कोण जिसके माध्यम से होकर निर्गामी किरण आपतित किरण की दिशा से विचलित होती है, उसे विचलन d का कोण कहा जाता है।




जैसे-जैसे आपतन के कोण में वृद्धि होती है, विचलन का कोण कम होता जाता है और न्यूनतम मान तक पहुँच जाता है। यदि आपतन के कोण में आगे और वृद्धि होती है, तो विचलन के कोण में भी वृद्धि होती है।



X- अक्ष के साथ-साथ आपतन(i) के कोण और Y-अक्ष के साथ-साथ विचलन (d) का कोण लेकर आपतन (i) के कोण और विचलन (d) के कोण के बीच ग्राफ खींचें। इसे घुमावदार ग्राफ होना चाहिए।


ग्राफ से न्यूनतम विचलन का कोण प्राप्त होता है। d को न्यूनतम विचलन का कोण मान लें, तो सूत्र का प्रयोग कर प्रिज्म की पदार्थ के अपवर्तनांक (n) की गणना की जाती है,




Comments Anam on 24-12-2021

Avatal darpan ki focus doori

PerIsom sutra on 01-08-2021

Presiom Sutra

Mukesh Kumar on 10-04-2021

प्रिजम के अपोवर्टन सूत्र

Isha on 11-02-2021

तरंगृग्र किसे कहते है

Ajay bhati on 09-02-2021

प्रिज्म के अपवर्तनांक का सूत्र ज्ञात करें

Shivani on 04-02-2021

janmdata Mrityu Dar ka anupat kahlata hai


Shubham on 24-11-2020

ek patale prism ke liye prizma kaun sa degree hai tatha prism ke padarth Ka apvartanank 1 point 5 hai newnatam vi chalan kaun ki ganana kijiye

Vivek chauhan on 17-11-2020

Prsim ke liye aapwtan ke liye sutra

nawabvahid66@gmail.com on 18-10-2020

Fridge mein ke padarth ka apvartanank root 3 hai iska newnatam vicharan code bataiye

Prism ko kaise darshat hain on 15-10-2020

Pata nahin

Khushaveer on 06-09-2020

कांच के प्रिज्म के पदार्थ के लिए अपवर्तनांक का सूत्र

Pavan on 25-08-2020

प्रिज्म् के लिए अप्वर्त्ननक् के सूत्र का नियम बताऊँँ


Ayushi Awasthi on 21-05-2020

Prijm ke apvartnank ka Sutra nigman

New Prakash Patel on 13-03-2020

Prism ke padarth ka apvartnank ke liye sutra ki vyutpatti kijiye

Balendra Singh on 21-01-2020

Ek prizm ka apvartnak root 2 h prizm ka kod 60 degree h vichlan kod kya hoga?

Ravi Rathore on 12-05-2019

2 refractive index formula



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