गुरु नानक के दोहे in punjabi

Guru Nanak Ke Dohe in punjabi

Gk Exams at  2020-10-15

GkExams on 12-11-2018


(गुरु नानक देव के दोहे पंजाबी )

एक ओंकार सतिनाम, करता पुरखु निरभऊ।
निरबैर, अकाल मूरति, अजूनी, सैभं गुर प्रसादि ।।
हुकमी उत्तम नीचु हुकमि लिखित दुखसुख पाई अहि।
इकना हुकमी बक्शीस इकि हुकमी सदा भवाई अहि ॥
सालाही सालाही एती सुरति न पाइया।
नदिआ अते वाह पवहि समुंदि न जाणी अहि ॥
पवणु गुरु पानी पिता माता धरति महतु।
दिवस रात दुई दाई दाइआ खेले सगलु जगतु ॥

Sikh Guru Nanak Dev Ke Dohe In Hindi

हरि बिनु तेरो को न सहाई।
काकी मात-पिता सुत बनिता, को काहू को भाई॥
धनु धरनी अरु संपति सगरी जो मानिओ अपनाई।
तन छूटै कुछ संग न चालै, कहा ताहि लपटाई॥
दीन दयाल सदा दु:ख-भंजन, ता सिउ रुचि न बढाई।
नानक कहत जगत सभ मिथिआ, ज्यों सुपना रैनाई॥
जगत में झूठी देखी प्रीत।
अपने ही सुखसों सब लागे, क्या दारा क्या मीत॥
मेरो मेरो सभी कहत हैं, हित सों बाध्यौ चीत।
अंतकाल संगी नहिं कोऊ, यह अचरज की रीत॥
मन मूरख अजहूँ नहिं समुझत, सिख दै हारयो नीत।
नानक भव-जल-पार परै जो गावै प्रभु के गीत॥



Comments Karishma on 07-06-2020

Guru Nanak Dev Ji de dohe Punjabi Vich likhya Hoya

Jaiprakash on 30-04-2020

रूप न रेख न रंग किछ त्रै गुण ते परभ भिन्न तिसे बुझाए नानका जिस होवे सुपरसन

बस इसका अर्थ

Ritika on 04-11-2019

Shri guru Nanak Dev ji ka dohe in Punjabi

Lavjeeet Singh brar on 17-07-2019

Guru Nanak Dev

मनोज on 18-09-2018

मीराबाईकीपदावली



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