स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम

Swatantr Apvyuhan Ka Niyam

GkExams on 22-12-2018

मेंडल ने दो जोड़ी विपर्यासी लक्षणों वाले भिन्न पौधों के मध्य संकरण कराया , इसे ही द्विसंकरण प्रयोग कहते है ।
उदा. गोल व पीले बीज(RRYY) और झुर्रीदार व हरे(rryy) बीज वाले पौधे के मध्य संकरण

प्रथम पीढ़ी से प्राप्त पौधों के मध्य संकरण


मेंडल ने जब गोल व पीले बीज (RRYY) और झुर्रीदार व हरे बीज (rryy) वाले पौधों के मध्य संकरण कराया तो प्रथम पीढ़ी में सभी पौधे गोल व पीले बीज (RrYy) वाले प्राप्त हुए । जब प्रथम पीढ़ी से प्राप्त पौधों के मध्य स्वपरागण होने दिया तो प्राप्त द्वितीय पीढ़ी में चार प्रकार के संयोजन प्राप्त हुए जिसमें फीनोटाइपिक अनुपात निम्न है –



अतः इससे निष्कर्ष निकला कि द्वितीय पीढ़ी में लक्षणों का स्वतंत्र रूप से पृथक्करण होने के कारण प्रत्येक जोड़ी के विपर्यासी लक्षण दूसरी जोड़ी के विपर्यासी लक्षणों से स्वतंत्र व्यवहार करते है । इस कारण इसे स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम भी कहते है । इससे पता चला कि विभिन्न लक्षण स्वतंत्र रूप से वंशानुगत होते है ।





Comments Zuber on 23-04-2021

ww RR ww rr

concept educationrbse on 03-03-2021

Are dwara samjhaie satranj paath vidhi Shankar Shankar

Ravataram on 08-02-2021

राजस्था

Rohit on 23-01-2021

Swift on table horn canyon

Osama on 27-11-2020

Medal ke niyam

Shorya on 26-11-2020

Swatantra apviewn ka Niyam samjhaie


Riya on 24-11-2020

Sajan Swatantra abhivahan ka Niyam likhiye samjhaie

Yamini mehar on 23-11-2020

Linkej ka gudsutri sidhant

Riya patel on 23-11-2020

Prabhavita ka niyam samjhaiye

Manish kuama on 30-10-2020

Sawtantra apvyahun ka niyam ka example

Soni on 26-10-2020

thanks

Ashish on 21-10-2020

Me school jata hu.


ankit shukla on 28-02-2020

Middle ka prabhavita ka Niyam

ankit shukla on 28-02-2020

Shankar per tippani likhiye

मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम समझाइए on 10-01-2020

मेंडल के स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम समझाइए

Jayapatidar on 09-01-2020

Iska chakr bord kA photo chya

अजय कुमार on 02-11-2019

स्वतंत्र आभिवन् का नियम

Rohit on 16-10-2019

Prabhavita ka niyam




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