रूपक अलंकार की पहचान

Roopak Alankar Ki Pehchan

Pradeep Chawla on 12-05-2019

रूपक साहित्य में एक प्रकार का अर्थालंकार है जिसमें बहुत अधिक साम्य के आधार पर प्रस्तुत में अप्रस्तुत का आरोप करके अर्थात् उपमेय या उपमान के साधर्म्य का आरोप करके और दोंनों भेदों का अभाव दिखाते हुए उपमेय या उपमान के रूप में ही वर्णन किया जाता है। इसके सांग रूपक, अभेद रुपक, तद्रूप रूपक, न्यून रूपक, परम्परित रूपक आदि अनेक भेद हैं।







उदाहरण- चरन कमल बन्दउँ हरिराई







अन्य अर्थ







व्युत्पत्ति : [सं०√रूप्+णिच्+ण्वुल्-अक] जिसका कोई रूप हो। रूप से युक्त। रूपी।







१. किसी रूप की बनाई हुई प्रतिकृति या मूर्ति।



२. किसी प्रकार का चिह्न या लक्षण।



३. प्रकार। भेद।



४. प्राचीन काल का एक प्रकार का प्राचीन परिमाण।



५. चाँदी।



६. रुपया नाम का सिक्का जो चाँदी का होता है।



७. चाँदी का बना हुआ गहना।



८. ऐसा काव्य या और कोई साहित्यिक रचना, जिसका अभिनय होता हो, या हो सकता हो। नाटक। विशेष—पहले नाटक के लिए रूपक शब्द ही प्रचलित था और रूपक के दस भेदों में नाटक भी एक भेद मात्र था। पर अब इसकी जगह नाटक ही विशेष प्रचलित हो गया है। रूपक के दस भेद ये हैं—नाटक प्रकरण, भाण, व्यायोग, समवकार, डिम, ईहामृग, अंक, वीथी और प्रहसन।



९. बोल-चाल में कोई ऐसी बनावटी बात, जो किसी को डरा धमकाकर अपने अनुकूल बनाने के लिए कही जाय। जैसे—तुम जरो मत, यह सब उनका रूपक भर है। क्रि० प्र०—कसना।—बाँधना।



१०. संगीत में सात मात्राओं का एक दो ताला ताल, जिसमें दो आघात और एक खाली होता है।



Comments Aaa on 12-02-2021

Rupak alankar ki pahchan ?

Sanjana yadav on 07-09-2020

Rupak alkar ko kaise pahchane ???

Rahul on 01-10-2019

Repair alankar kya hain

Rupak alankar hai ya upma alankar kaise pahchane on 12-05-2019

Utprechha alnkar hai kaise jane

Ruhi on 07-03-2019

Rupak alankar ko kese pehchante hai

ASHUTOSH chaturvedi on 27-09-2018

Rupak alnkar ki pahchan Kya hoti hai kese Jane ki is pad me rupak alnkar hai


Harish Kumar on 24-09-2018

Rupak alankar ki paribhasa

Alok Pandey on 23-09-2018

This is very good



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