बाल केन्द्रित शिक्षा की परिभाषा

Bal Kendrit Shiksha Ki Paribhasha

GkExams on 12-05-2019

बालक के मनोविज्ञान को समझते हुए शिक्षण की व्यवस्था करना तथा उसकी अधिगम सम्बन्धी कठिनाइयों को दूर करना बाल केन्द्रित शिक्षण कहलाता है. अर्थात बालक की रुचियों, प्रवृत्तियों, तथा क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करना ही बाल केन्द्रित शिक्षा कहलाता है. बाल केन्द्रित शिक्षण में व्यतिगत शिक्षण को महत्त्व दिया जाता है. इसमें बालक का व्यक्तिगत निरिक्षण कर उसकी दैनिक कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास क्या जाता है. बाल केन्द्रित शिक्षण में बालक की शारीरिक और मानसिक योग्यताओं के विकास के अधर पर शिक्षण की जाती है तथा बालक के व्यवहार और व्यक्तित्व में असामान्यता के लक्षण होने पर बौद्धिक दुर्बलता, समस्यात्मक बालक, रोगी बालक, अपराधी बालक इत्यादि का निदान किया जाता है.

मनोविज्ञान के आभाव में शिक्षक मार-पीट के द्वारा इन दोषों को दूर करने का प्रयास करता है, परंतु बालक को समझने वाला शिक्षक यह जानता है कि इन दोषों का आधार उनकी शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं में ही कहीं न कहीं है. इसी व्यक्तिक भिन्नता की अवधारणा ने शिक्षा और शिक्षण प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन किया है. इसी के कारण बाल-केन्द्रित शिक्षा का प्रचालन शुरू हुआ.



Comments Rakhi on 19-06-2021

बालकेन्द्रित शिक्षा क्या है?व्याख्या करें

Ni on 01-06-2021

Bal kendrit sikhya ka niskarsa

Rani on 10-04-2021

BAL kendrit samawesi siksha ki niskersh

दीप्ति on 02-06-2020

बाल केन्द्रित पाठ्चर्या की आवश्कता

Rathikka on 01-04-2020

बाल केंद्रीय शिक्षा का सारांश

Rathikka on 01-04-2020

बाल केंद्रीय शिक्षा का निष्कर्ष


Harshu on 12-05-2019

Bal kandrit pathyakrm ke sidhant



Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment