बाल केन्द्रित शिक्षा के लाभ

Bal Kendrit Shiksha Ke Labh

Pradeep Chawla on 30-09-2018

बालक के मनोविज्ञान को समझते हुए शिक्षण की व्यवस्था करना तथा उसकी अधिगम सम्बन्धी कठिनाइयों को दूर करना बाल केन्द्रित शिक्षण कहलाता है. अर्थात बालक की रुचियों, प्रवृत्तियों, तथा क्षमताओं को ध्यान में रखकर शिक्षा प्रदान करना ही बाल केन्द्रित शिक्षा कहलाता है. बाल केन्द्रित शिक्षण में व्यतिगत शिक्षण को महत्त्व दिया जाता है. इसमें बालक का व्यक्तिगत निरिक्षण कर उसकी दैनिक कठिनाइयों को दूर करने का प्रयास क्या जाता है. बाल केन्द्रित शिक्षण में बालक की शारीरिक और मानसिक योग्यताओं के विकास के अधर पर शिक्षण की जाती है तथा बालक के व्यवहार और व्यक्तित्व में असामान्यता के लक्षण होने पर बौद्धिक दुर्बलता, समस्यात्मक बालक, रोगी बालक, अपराधी बालक इत्यादि का निदान किया जाता है.

मनोविज्ञान के आभाव में शिक्षक मार-पीट के द्वारा इन दोषों को दूर करने का प्रयास करता है, परंतु बालक को समझने वाला शिक्षक यह जानता है कि इन दोषों का आधार उनकी शारीरिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक आवश्यकताओं में ही कहीं न कहीं है. इसी व्यक्तिक भिन्नता की अवधारणा ने शिक्षा और शिक्षण प्रक्रिया में व्यापक परिवर्तन किया है. इसी के कारण बाल-केन्द्रित शिक्षा का प्रचालन शुरू हुआ.



Comments Suman on 25-03-2021

Bal kendrit yao shikshk kendrit vidhio ke gun yeo dish bataye.

कंचन on 24-03-2021

बाल केन्द्रित औऱ शिक्षक केन्द्रित शिक्षण के गुण औऱ दोषों को बताएं

इरशाद on 14-03-2021

शिक्षार्थी केन्द्रीत और शिक्षक केन्द्रीत शिक्षण के गुण और दोषों का वचन कीजिये

Bal kendrit shiksha on 19-10-2020

Bal kendrit shiksha

Shivam on 27-09-2020

Bharat kendrit shiksha ka labh



Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment