गोहिल वंश का इतिहास

गोहिल Vansh Ka Itihas

Pradeep Chawla on 12-05-2019

गेहलोत / गोहिल / सिसोदिया क्षत्रिय भगवान राम के वंशज हैं। सूर्यवंश के आदि पुरुष की 65 वीं पीढ़ी में भगवान राम हुए 195 वीं पीढ़ी में वृहदंतक हुये। 125 वीं पीढ़ी में सुमित्र हुये। 155 वीं पीढ़ी अर्थात सुमित्र की 30 वीं पीढ़ी में गुहिल हुए जो गोहिल(गुहिल)/ गहलोत वंश की संस्थापक पुरुष कहलाये। गुहिल से कुछ पीढ़ी पहले कनकसेन हुए जिन्होंने सौराष्ट्र में सूर्यवंश के राज्य की स्थापना की। गुहिल का समय 566 ई. था। गुह्यदत्त(गुहिल) के वंश में बप्पा रावल(कालभोज) हुए, बप्पा रावल ने सन 734 ई० में मान मोरी(मौर्य) से चित्तौड की सत्ता छीन कर मेवाड में गुहिल/गहलौत वंश के शासक का सूत्रधार बनने का गौरव प्राप्त किया। इनका काल सन 734 ई० से 753 ई० तक था।

१. महाराजा गुहादित्य(गुहिल) --- गुहिल(गोहिल)/ गुहिलोत वंश के स्थापक (ई.स.566 - 586)

२. भोज (ई.स.586 - 606)

३. महेन्द्र - (प्रथम) (ई.स.606 - 626)

४. नागादित्य – नाग (ई.स.626 - 646)

५. शिलादित्य (ई.स.646 - 661)

६. अपराजित (ई.स.661 - 688)

७. महेन्द्र – (द्वीतीय) (ई.स.688 - 734)

८. कालभोज (बप्पा रावल) (ई.स.734 - 753)



(मेवाड राज्य के गोहिल/गहलौत शासन के सूत्रधार।)........................

1) बाप्पा रावल के 12 वी पीढ़ी पुत्र शालिवाहन जी के पुत्रो का खैरगढ़ पर राज था और उनकी 27 वी पीढ़ी में सेजकजी हुए जो खैरगढ़ से गुजरात गए वहा उनके वन्सज गोहिल कहलाये और भावनगर ,पालिताना आदि राज्य कायम किये 2) बाप्पा रावल के 26 वी पीढ़ी कर्ण सिंह से वागड़ क्षेत्र में डूंगरपुर बांसवाड़ा राज्य बने जो गहलोत वंश कहलाये

3) बाप्पा रावल के 34 वी पीढ़ी समर सिंह के एक पुत्र कुम्भकरण नेपाल चले वह नेपाल में अपना राज्य कायम किया वहां वे राणा वंश से विख्यात हुए

4) बाप्पा रावल के 36 वे पुत्र हमीर सिंह के बड़े पुत्र के नाम से सिसोदिया शाखा चली जिनका राज्य विश्व प्रशिद्ध मेवाड़ रहा

5) बाप्पा रावल के 36 वी पीढ़ी हमीर सिंह के छोटे पुत्र सज्जन सिंह जो दखन (महाराष्ट्र) चले गए उनके नाम से वह भोसले वंश चला सज्जन सिंह जी के चौथे पुत्र भोसजी के नाम से भोसले वंश चला जिनके कोल्हापुर ,मुधोल,सावंतवाड़ी,सातारा आदि राज्य थे (इसको लेकर अन्य जातिया विवादित रहती है पर महाराष्ट्र के भोंसले ,घोरपडे राजवंश खुद अपने को सिसोदिया मानते है और पूर्वज सज्जन सिंह को छत्रपति शिवजी के राजतिलक के समय राजतिलक करने वाले वाराणसी के पंडित गंगा भट्ट ये बात प्रमाणित कर चुके है)



Comments Gohil Gujarat vansavali on 18-01-2022

Gohil Gujarat vansavali

CS RATHORE on 20-11-2021

मेवाड़ में गोहिल (राजपूत) के ठिकाने कहा है ?

Kuldipsinh Gohil on 29-07-2021

Aaj bhavnagar ka vistar gohilwad ke name se Jana jata he

gohel suresh on 10-07-2021

Gohel ane gohil cast me kya farak he

Ritesh kumar modi on 16-06-2021

Gohil Gohil gotra ki Kuldevi kuldevta kaun hai Hamen bataen

Bhupendra Bagwan on 18-04-2021

Fholmali samj ke gahlot vansh ke kuldevi kaha hee........


Guman Singh on 08-04-2021

Gohil vansh ki kuldevi baan mata hai
Or kuldev bhagvan aklingji hai
Or bheru kala gora hai

Bhupendra singh on 21-03-2021

भावनगर से निकले गोहिल वंश की कुलदेवी कोन है गोहिल और सिसोदिया में अंतर क्या है क्या गोहिल वंश सिसोदिया की शाखा है

Ajit on 06-08-2020

Gohil ki kuddevi kon he

krishnapal singh gohil on 03-07-2020

gohil aur sisodiya kya antar hai

Vishnu ram San off Tara ram on 20-06-2020

gohil vansh ki kuldevi aur bheru ji ka dham kaha par sthit hai aur goyal vansh ki kuldevi ka naam

Vishnaram on 20-06-2020

Goyal vansh ki kuldevi ka dham kahan per sthit hai


Akhil Barot on 03-04-2020

Bhavnagar bayati Gohil rajputon Ne PDF

Jaypal Singh gohil Jodhpur on 01-04-2020

Gohil vansh ki kuldevi baan mata ji hai hukm

Rakesh gohil on 13-12-2019

Gohil vans ke mata libocha ma panchasar me he

Do gohil on 01-12-2019

Gohil me se sisodiya kese bane

Dhambha on 16-10-2019

Khergadh nu hal nu nam

Gohil me se Sindha gohil kese bane on 25-06-2019

Gohil me se Sindha gohil kese bane


Hitendrasinh sindha on 03-06-2019

Sindha Gohil vansh it has janavo

Ishan on 19-05-2019

Guhil vansh ke kuldevi kaha he or bheruji kha he plz batiye

Ishan guhil on 19-05-2019

Gohil vansh ke kuldevi mata kha he

Ishan guhil on 19-05-2019

Gohil vansh ke kuldevi mata kha he.

Gohil Dhavalsinh pratapsinh on 26-12-2018

Gohil ka hatiyar kya he

Ranjitsingh on 21-10-2018

Rajput

Gohil Nikulsinh on 07-09-2018

Jay mataji

Vishubha gohil Vishubha gohil on 31-08-2018

Amar rahe gohil vansh



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