यंग का प्रयोग

Yung Ka Prayog

GkExams on 12-01-2019

यंग्स डबल स्लिट परीक्षण, आधूनिक डबल स्लिट परीक्षण का मूल रूप है। यह प्रयोग थोमस यंग के द्वारा 19 वीं शताब्दी मे प्रदर्शित किया गया था। इस प्रयोग ने प्रकाश की तरंग सिद्धांत की स्वीकृति में एक प्रमुख भूमिका निभाई है। खुद थोमस यंग का कहना था कि यह उनकी सभी उपलब्धियों मे से अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्धि है।

डबल- स्लिट प्रयोग एक प्रदर्शन है जिसके प्रकार प्रकाश तथा बात दोनों तरंगों और कणों के रूपक व्यवहार कर सकता है। इसके अलावा, यह क्वांटम यांत्रिक घटना की मौलिक "संभाव्य प्रकृति" (अंग्रेजी: probabilistic nature) को प्रदर्शित करता है।


इस प्रयोग मे एक सुसंगत प्रकाश स्रोत (उदाहरण: एक लेजर बीम), एक थाली में दो समानांतर छेदों को प्रकाशित करता है। इन छेदों द्वारा गुज़रने वाले प्रकाश का निरीक्षण, पीछे एक स्क्रीन पर किया जाता है।दोनो छेदों से निकासित प्रकाश के बीच संपर्क के कारण, स्क्रीन पर उज्ज्वल तथा अंधेरे बैंड उत्पादित होते है। अगर प्रकाश कणो के गठन से बना है, तो इन बैंडों के प्रतिमान का कोई मतलब नही बनता। इससे पता लगता है कि प्रकाश तरंगो की तरह व्यवहार करता है। परंतु कुछ अनेक प्रयोगो, जैसे फोटो एलेक्ट्रिक एफेक्ट, से मालुम पडता है कि प्रकाश कणों के समान भी व्यवहार करता है। इसे प्रकाश का "तरंग-कण द्वैतता" कहा जाता है।


प्रकाश के साथ-साथ कई अन्य अपरमाणविक कण जैसे इलेक्ट्रॉन भी इन गुणों को धरण मे रखते हैं।



Comments Ajay Singh on 10-07-2021

Yang kA prayog kab Diya Gaya

Sonika Tomar sir question h on 17-02-2021

Yang ka double jhirri use m jhirriyon ke madhya duri 1mm or parde ke jhurriyo se duri 1m h.ak 500nm ke tarang dherya ki

Ajit kumar on 25-09-2020

Yang ka prayog

Aashik singh on 23-04-2020

Yang Ka Miami

Shivam singh on 23-04-2020

Yang Ka niyam

Krishna Kant Chaturvedi on 27-09-2018

Is the same light frequency and amplitude of two bulbs


Ajay kumar on 02-09-2018

Dhara kya hai



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