प्रिज्म द्वारा प्रकाश का अपवर्तन

Prism Dwara Prakash Ka Apvartan

Pradeep Chawla on 13-10-2018

जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में तिरछा प्रवेश करती है, तो अभिलम्ब की ओर मुड़ जाती है या झुक जाती है तथा जब सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो अभिलम्ब से दूर हट जाती है। प्रकाश के विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करने के बाद अभिलम्ब की ओर मुड़ना तथा सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करने के बाद अभिलम्ब से दूर मुड़ने की प्रक्रिया को प्रकाश का अपवर्तन कहते हैं।

प्रिज्म (Prism)

पारदर्शी पदार्थ, जैसे सीसा, प्लास्टिक आदि से बनी वैसी वस्तु जिसमें कम से कम आयताकार पार्श्व पृष्ठ आपस में न्यूनकोण (90 डिग्री से कम का कोण) बनाते हों, प्रिज्म कहलाते हैं।


एक प्रिज्म के दो त्रिभुजाकार आधार तथा तीन आयताकार पृष्ठ होते हैं। ये पृष्ठ एक दूसरे पर झुके होते हैं तथा न्यूनकोण (90 डिग्री से कम का कोण) बनाते हैं। इसके दो पार्श्व फलकों के कोण को प्रिज्म कोण कहते हैं।

प्रिज्म के द्वारा प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light through a Prism)

जब प्रकाश की किरण हवा से काँच के प्रिज्म में प्रवेश करता है, तो अभिलम्ब की तरफ झुक जाता है। पुन: जब ये प्रकाश की किरण प्रिज्म से बाहर हवा में निकलता है तो अभिलम्ब से दूर झुक जाते हैं।


प्रिज्म से प्रकाश का यह अपवर्तन भी स्नेल के नियम का पालन करते हैं। स्नेल के नियम के अनुसार

(i) आपतित किरण (incident ray), अपवर्तित किरण (refractive ray) तथा दोनों माध्यमों को पृथक करने वाले पृष्ठ के आपतन बिन्दु (point of incidence) पर अभिलम्ब (normal) सभी एक ही तल में होते हैं।


(ii) प्रकाश के किसी निश्चित रंग तथा निश्चित माध्यमों के युग्म (pair of medium) के लिये आपतन कोण (angle of incidence) की ज्या (sine) तथा अपवर्तन कोण (angle of refraction) की ज्या (sine) का अनुपात (ratio) स्थिर (constant) होता है


इस नियम को स्नेल का अपवर्तन नियम (Snell's Law of Refraction) भी कहते हैं।


यदि i

आपतन कोण (angle of incidence) हो तथा r

अपवर्तन कोण (angle of refraction) हो तब


sinisinr=


स्थिरांक (constant)


इस स्थिरांक मान को दूसरे माध्यम का पहले माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक (refractive index) कहते हैं।


मान लिया कि एक प्रकाश की किरण PQ काँच के एक प्रिज्म ABC में बिन्दु E से प्रवेश करती है। हवा से प्रिज्म में प्रवेश करने पर प्रकाश की किरण अभिलम्ब NN' की तरफ मुड़ जाती है तथा प्रिजम में EF पथ पर आगे बढ़ती है। जब प्रकाश की किरण EF प्रिज्म से बाहर आती है और हवा में प्रवेश करती है तो अभिलम्ब MM' से दूड़ मुड़ जाती है तथा RS पथ पर हवा में आगे जाती है।


यहाँ,

  • ∠A प्रिज्म कोण है।

  • PQ या PQE या PE आपतित किरण है।

  • बिन्दु E प्रिज्म की सतह पर आपतन बिन्दु है।

  • NN' आपतन बिन्दु E पर अभिलम्ब है।

  • ∠ i आपतन कोण है।

  • EF अपवर्तित किरण है।

  • PS निर्गत किरण है।

  • ∠ e निर्गत कोण है।

  • MM' निर्गत बिन्दु F पर अभिलम्ब है।

  • FS या RS या FRS निर्गत किरण है।

  • GH जिसे बिन्दु रेखा द्वारा दिखाया गया है, प्रकाश की किरण PQ का मूल पथ है।

  • GS विचलन के बाद प्रकाश की किरण क पथ है।

  • ∠D विचलन कोण है।

अत: प्रकाश की किरण प्रिज्म के प्रवेश करने के बाद अपवर्तन के पश्चात ∠D पर विचलित होती है, जिसे विचलन कोण कहते हैं। ऐसा प्रिज्म के द्वारा बनाये गये न्यून कोण, जिसे प्रिज्म कोण कहते हैं के कारण होता है। जबकि प्रकाश की एक किरण सीसे के आयताकार पट्टी से परावर्तन के बाद बाहर आती है, तो यह आपतित किरण के समानांतर जाती है।





Comments Puche on 21-01-2022

. prijam se apvartan ko sachitar samjaye

Prichhepd on 17-01-2022

Prichhepd

Tanya on 15-01-2022

Manav netra ke nikat bindu aur dur bindu me vibhedh kijiye.

prachi rana on 06-01-2022

prise tatha prism ke apvartan

Sandeep Prajapat on 23-12-2021

Prism mein dwara Prakash ka apvartan sachitra samjhaie

Aayush kasaudhan on 08-12-2021

Jal me ghulansheel vitamin hai


Nandni yadav on 21-10-2021

Please dwara sweater ka Khali jagah hota hai

Ritikakumari on 05-10-2020

Kanch ke prism dwara sweet Prakash ka Pratidin

Pradeep on 26-09-2020

Goliy darpan me bane pratibimb rekhiy avardhan ke liye Sutra m=_v/u sthapit kijia

Mohit on 19-01-2020

Prism ki upyogita

Danish on 21-09-2019

Prism ke kitne apvartak satah hote

hn

Prizm kis ka example h on 20-08-2018

Prizm kis ka example h
Varn vixapen ka ya apvrtan ya paravartan ka




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