महात्मा गांधी जी का नारा

Mahatma Gandhi Ji Ka Nara

GkExams on 20-12-2018

  1. कानों का दुरुपयोग मन को दूषित और अशांत करता है।
  2. किसी की मेहरबानी माँगाना, अपनी आजादी बेचना है।
  3. आँख के बदले में आँख पूरे दुनीया को अँधा बना देगी।
  4. विश्व में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इतने भूखे हैं कि भगवान् उन्हें किसी और रूप में नहीं दिख सकता, सिवाय रोटी देने वाले के रूप में।
  5. जब आपका सामना किसी विरोधी से हो, तो उसे प्रेम से जीतें, अहिंसा से जीते।
  6. आप मुझे बेडियों से जकड़ सकते हैं, यातना भी दे सकते हैं, यहाँ तक की आप इस शरीर को ख़त्म भी कर सकते हैं, लेकिन आप कदापि मेरे विचारों को कैद नहीं कर सकते।
  7. दिल की कोई भाषा नहीं होती, दिल – दिल से बात करता है।
  8. आप कभी भी यह नहीं समझ सकेंगे की आपके लिए कौन महत्त्वपूर्ण है जब तक की आप उन्हें वास्तव में खो नहीं देंगे।
  9. जहाँ पवित्रता है, वहीं निर्भयता है।
  10. इंसान हमेशा वो बन जाता है जो वो होने में वो यकीन करता है। अगर मैं खुद से यह कहता रहूँ कि मैं इस चीज को नहीं कर सकता, तो यह संभव है कि मैं शायद सचमुच में वो करने में असमर्थ हो जाऊं। और इसके विपरीत अगर मैं यह यकीन करूँ कि मैं ये कर सकता हूँ, तो मैं निश्चित रूप से उसे करने की क्षमता पा ही लूँगा, फिर भले ही शुरू में मेरे पास वो क्षमता ना रही हो।




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