यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण सामग्री अधिसूचित गांवों

Yamuna Express Ve Pradhikarann Samagri Adhisoochit Ganvon

Gk Exams at  2018-03-25


Go To Quiz

GkExams on 10-02-2019

यमुना एक्सप्रेस-वे से सटे आस-पास के गांव प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में शामिल होंगे। प्राधिकरण कई जिलों के गांवों को अधिसूचित क्षेत्र से बाहर कर सकता है। जेवर से आगरा के बीच अधिसूचित गांवों की भूगौलिक सीमा का अध्ययन करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने अधिसूचित गांवों का अध्ययन शुरू कर दिया है। अध्ययन के बाद कमेटी सीईओ को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद प्राधिकरण की सीमा से कितने गांव बाहर होंगे इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।
यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण ने गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ, हाथस, मथुरा व आगरा के 1189 गांवों को अपने अधिसूचित क्षेत्र में शामिल किया है। इन गांवों के किसान बिना प्राधिकरण की अनुमति के अपने भूमि पर कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकते है। एक तरह से देखा जाए तो यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण देश की सबसे बड़ा प्राधिकरण है, अभी तक किसी प्राधिकरण का इतना बड़ा क्षेत्रफल नहीं है, जिसमें 1189 गांव शामिल है। यमुना एक्सप्रेस-वे दोनों तरफ व्यवस्थित ढंग से शहर विकसित करने के लिए प्राधिकरण अपना क्षेत्रफल छोटा करना चाहता है। प्राधिकरण चाहता है कि यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में अब उन्हीं गांवों को शामिल किया जाए जहां पर विकास किया जा सके। ऐसे गांवों को लेने से कोई फायदा नहीं है जो एक्सप्रेस-वे से काफी दूर है, जहां की भूमि का अधिग्रहण करने पर वहां जल्द विकास कार्य न किया जा सके। शहर विकसित करने से पहले बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत होती है। एक्सप्रेस-वे से दूर-दराज गांवों में विकास कार्य करने से निवेश की संभावना कम रहती है। कोई निवेशक यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में निवेश करने से पहले सवाल उठता है कि जहां पर उसे भूमि आबंटित किया जाएगा वह एक्सप्रेस- वे से कितनी दूर है। इन सवालों से बचने के लिए यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण अपना दायरा समिति करना चाहता है। यमुना एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ के आसपास गांवों को प्राधिकरण अधिसूचित क्षेत्र में शामिल करना चाहता है। इसके लिए यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी संतोष यादव ने अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी डा.अरूण वीर सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है। कमेटी यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र के भूगौलिक सीमा का अध्ययन कर रही है। कमेटी एक माह के अंदर अध्ययन कर रिपोर्ट सीईओ को सौपेगी। इसके बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा कि किन जिलों के कौन-कौन से गांव प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र से बाहर किए जाए। इसक प्रस्ताव बोर्ड में रखा जाएगा। बोर्ड से प्रस्ताव मंजूर होने के बाद अधिसूचित क्षेत्र से बाहर किए गए गांवों की अधिसूचित जारी होगी।



Comments Rakesh kumar on 01-11-2019

Vikas pradhikarn main Mathura jile kI village list.



आप यहाँ पर यमुना gk, एक्सप्रेस question answers, वे general knowledge, प्राधिकरण सामान्य ज्ञान, सामग्री questions in hindi, अधिसूचित notes in hindi, गांवों pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Labels: , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।

Comment As:

अपना जवाब या सवाल नीचे दिये गए बॉक्स में लिखें।

Register to Comment