मेरे गाँव का मेला निबंध

Mere Village Ka Mela Nibandh

Pradeep Chawla on 27-09-2018


मैं बेहद खुश था क्योंकि मेले में बहुत कुछ देखने को मिलता है.मैंने अपने एक दोस्त से भी अपने साथ चलने के लिए कहा वह भी तैयार हो गया अब हम मेले के लिए निकलने वाले थे तभी मैंने अपने दोस्त को फोन किया और वह भी एक जगह पर मिल गया और हम सभी एक साथ मेला देखने के लिए निकल पड़े.जब हम टेकरी सरकार के उस मेले में पहुंचे तो हमने देखा कि वहां पर बहुत भीड़ पड़ी है इतनी ज्यादा भीड़ कि ऐसा लग रहा था कि पैर रखना भी मुश्किल होगा.हम देख रहे थे कि हर कोई आगे निकलने के लिए एक दूसरे में धक्के दे रहा था और वहां पर बहुत ज्यादा शोर शराबा हो रहा था हमने उन सभी की तरह मेले में अंदर जाने का सोचा और आगे जाने लगे.हम जब मेले में पहुंचे तो सबसे पहले मेरे पिताजी के कहने पर हम टेकरी सरकार के मंदिर पर गए वहां से आने के बाद हमने मिलकर मेला देखा मैंने देखा कि उस मेले में चारों और तरह-तरह की दुकाने लगी हुई है लोग बेहद खुश हैं वहां पर खाने पीने की दुकानें ,खिलौने की दुकानें, पुस्तकों की दुकानें,चारों और सुसज्जित हो रही थी.



मैं और मेरा परिवार बेहद खुश था मैंने देखा कि मेले में ऊपर जाने वाला झूला, मौत का कुआं जादू का खेल बताने के लिए लोग वहां पर उपस्थित थे मैंने भी अपने परिवार के सदस्यों और अपने दोस्त के साथ झूले में झूलना चाहा.हम जब झूले में बैठे और ऊपर की तरफ गए तो मुझे बेहद खुशी हुई ,झूला झूलने के बाद मुझे ऐसा लगा कि एक बार और झूला झूलना चाहिए उसके बाद हमने मौत का कुआं देखा जिसमें कुएं की दीवार पर चलती मोटरसाइकिल और जीप ने हमारा मनोरंजन किया हम उसे देख कर बहुत ही आश्चर्यचकित थे इसके बाद हम जैसे ही वहां से बाहर निकल रहे थे तब हमने जादू के खेल के लिए बाहर पोस्टर लगे हुए देखे. मैंने अपने दोस्त से उस जादू का खेल देखने के लिए चलने को कहा.हम दोनों जादू का खेल देखने अंदर चले गए.जादूगर के द्वारा बताए गए तरह तरह के खेल हमको बहुत भाये. हमको ऐसा लगा कि ऐ कैसे हो सकता है.हमने वहां पर देखा की एक लड़की पर कुछ रोशनी पड़ती है और वह नागिन का रुप ले लेती है इस तरह से उसने नागिन कमल का फूल जैसे रूप बदले.


हम यह सब देखकर बेहद आश्चर्यचकित थे हमने इस जादू के खेल में तरह-तरह के आश्चर्यचकित जादू देखें जो कुछ हाथ की सफाई थी और कुछ ऐसा लग रहा था कि सचमुच जादू थे हम यह सब देख कर वहां से बाहर निकल गए उसके बाद मैंने और मेरे परिवार ने हमारे परिवार के बच्चों को कुछ खिलौने लिए जिसमें हाथी घोड़ा कार मोटरसाइकिल कैसे खिलौने थे इसके बाद अब हमने खाना खाने का सोचा वहां पर उपस्थित तरह तरह के पकवान हमारे पूरे परिवार ने खाए,वहां पर घूमने में ऐसा लग रहा था कि हम यहीं पर काफी समय तक रुके,कुछ समय तक हम वहां पर भी रुके लेकिन फिर हम वापस अपने घर आ गए लेकिन घर आने के बाद उस मेले के दृश्य हमारी आंखों में बार-बार आ रहे थे. रात में सोने से पहले भी उस मेले के दृश्य आंखों में आ रहे थे फिर थोड़ी देर सोचते हुए मेरी नींद लग गई.



Comments Salma nayak on 16-03-2021

Mere daal ka mela English mein nibandh

Vijay on 04-02-2021

Mere Gaon Ka Mela

Ronak Sharma on 04-02-2021

Mere gaon ka mela pr nibandh likhe 10 panktiyon mei

Jyoti on 04-02-2021

Mara gav ka mala 10 lins

H on 16-09-2020

H

Bagul sejal on 10-09-2020

Super tha


Bagul sejal on 10-09-2020

Mere watan per bhi likha hai kya

Tanuja jadhav on 29-07-2020

Mere peese jitane hee

Tanuja Avinash pol on 15-07-2020

गाव का मेला

Ujjwal on 18-06-2020

Super

Puche on 21-01-2020

M Mela prativedan

हेमू सिसंदिया on 22-08-2018

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