किशोरावस्था में शिक्षक की भूमिका

Kishoravastha Me Shikshak Ki Bhumika

GkExams on 12-11-2018


विद्यालय व शिक्षकों की भूमिका -

किशोरों के विकास पर विद्यालय व शिक्षकों का अत्यंत प्रभाव पड़ता है। विद्यालय में यदि स्कूल का अनुशासन बहुत सख्त नही है और विद्याथ्र्ाी की भावनाओं का आदर किया जाता है तो विद्याथ्र्ाी को पढ़ार्इ करने में आनंद आता है। शिक्षक उचित रूप से प्रशिक्षित, है हँसमुख एवं उत्साहित हो तों बच्चों में छिपी प्रतिभा को जागृत कर सकते है। किशोर अपने बारे में सकारात्मक सोंच बना सकते है। अप्रशिक्षित, अयोग्य अध्यापक व छात्रों की अधिक संख्या, अधिक कार्यभार, सख्त पाठ्यक्रम तथा नियम बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डालते है। विद्यालय जाने से कतराते हैं। पढ़ार्इ में रूचि कम हो जाती है तथा अच्छे परिणाम नहीं ला पाते।

शैक्षणिक व सामाजिक कौशल देने की भूमिका के अतिरिक्त विद्यालय अभिभावकों तथा किशोरों के मध्य ‘पीढ़ी अंतराल’ को कम करने का दायित्व भी निभा सकते हैं। अत: विद्यालय में समय-समय पर अभिभावकों की बैठक भी लेना चाहिए जिससे अध्यापक अभिभावकों के विचारों को उनके बच्चों तक मित्रवत् ढंग से पहुॅंचाने में मददकर सकें।



Comments Kusum Shrivastava on 26-10-2021

Kishor avastha mein netik bikas

Pragya kurrey on 05-07-2021

Kisoreawstha ki samasyao ko kam karne k liye shikkhk ki bhumika ko ispastha kijiye

Rani on 01-07-2021

किशोरावस्था की समस्याओं के समाधान में शिक्षक की भूमिका की विवेचना करें

Lokjeet on 22-06-2021

Kisoravastha me viddhalay avam sikshako kinimna bhumika honi chahiye

Rinku on 04-06-2021

Kishoravastha ki samsyaon ke samadhan mein shikshak aur parivar ki bhumika ka vararn karein

Priti on 21-07-2020

किशोरों के विकास में शिक्षक की भूमिका का वणन करें


Soni moni on 03-03-2020

किशोरावस्था में तनाव के मुख्य कारण क्या है किशोर यादव की सहायता एवं आरक्षण के लिए अध्यापक की भूमिका की विवेचना कीजिए


Thanks on 05-01-2020

Kisor k vikas me abhibhavk k bhumika

Smt jyotsana on 16-06-2019

Buddhi ka arth aur prakriti kya hai.

ranjan soniaya on 30-04-2019

kisoro ke vikas me teacher ki bhumika ka varnan



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