ग्रामीण जीवन की विशेषता

Gramin Jeevan Ki Visheshta

GkExams on 12-05-2019

भारतवर्ष प्रधानतः गांवों का देश है। यहाँ की दो-तिहाई से अधिक जनसँख्या गांवों में रहती है। आधे से अधिक लोगों का जीवन खेती पर निर्भर है। इसलिए गांवों के विकास के बिना देश का विकास किया जा सकता है, ऐसा सोंचा भी नहीं जा सकता। गांधी जी ने कहा था- ‘असली भारत गांवों में बसता है’। भारतीय ग्राम्य-जीवन सादगी और प्राकृतिक शोभा का भण्डार है।



भारतीय गांव के निवासियों का आय का मुख्य साधन कृषि है। कुछ लोग पशु-पालन और कुछ कुटीर उद्योग से अपनी जीविका कमाते हैँ। कठोर परिश्रम, सरल स्वभाव और उदार हृदय ग्रामीण जीवन की विशेषताएं हैं। भारतीय किसान सुबह से शाम तक खेतों मेँ कड़ी मेहनत करते हैँ। गांव की प्राकृतिक छटा मन मोह लेती है। दूर-दूर तक लहलहाते हुए हरे-भरे खेत और चारों तरफ रंग-बिरंगे फूल और उनकी फैली हुई ख़ुशबू मदहोश कर देती है। चारों तरफ चहचहाते हुए पक्षी मन मोह लेते हैं। सादगी और प्राकृतिक शोभा के भण्डार इन भारतीय गांवों की भी अपनी कथा है।



आज़ादी के बाद, खेती के विकास के साथ-साथ ग्राम-विकास कि गति भी बढ़ी। आज भारत के अधिकाँश गांवों में पक्के मकान पाये जाते हैं। लगभग सभी किसानों के पास अपने हल और बैल हैं। बहुतों के पास ट्रेक्टर आदि भी पाये जाते हैं। किसानों कि आय भी बढ़ी है। ग्राम-सुधार की दृष्टि से शिक्षा पर भी पर्याप्त ध्यान दिया जा रहा है। आज अधिकाँश गांवों में प्राथमिक पाठशालाएँ हैं। जहाँ नहीं हैं, वहाँ भी पाठशाला खोलने के प्रयत्न चल रहे हैं।



भारतीय किसानों की दयनीय स्थिति का एक प्रमुख कारण ऋण है। सेठ-साहूकार थोडा सा क़र्ज़ किसान को देकर उसे अपनी फसल बहुत कम दाम में बेचने को मजबूर कर देते हैं। इसलिए गांवों में बैंक खोले जा रहे हैं जो मामूली ब्याज पर किसानों को ऋण देते हैं। इसके अतिरिक्त ग्रामीण व्यक्तियों को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। हथकरघा और हस्त-शिल्प की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विचार यह है कि छोटे उद्योगों व कुटीर उद्योगों की स्थापना से किसानों को लाभ हो।



पहले गांवों में यातायात के साधन बहुत कम थे। गांव से पक्की सड़क 15-20 किलोमीटर दूर तक हुआ करती थी। कहीं-कहीं रेल पकड़ने के लिए ग्रामीणों को 50-60 किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ता था। अब धीरे-धीरे यातायात के साधनो का विकास किया जा रहा है। फिर भी ग्राम-सुधार की दिशा में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। अभी भी अधिकाँश भारतीय किसान निरक्षर हैं। भारतीय गांवों में उद्योग धंधों का विकास अधिक नहीं हो सका है। ग्राम-पंचायतों और न्याय-पंचायतों को धीरे-धीरे अधिक अधिकार प्रदान किये जा रहे हैं। इसलिए यह सोंचना भूल होगी कि जो कुछ किया जा चुका है, वह बहुत है। वास्तव में इस दिशा में जितना कुछ किया जाये, कम है।



हमें यह बात नहीं भूलनी चाहिए कि गांवों के विकास पर ही देश का विकास निर्भर है। यहाँ तक कि बड़े उद्योगों का माल भी तभी बिकेगा जब किसान के पास पैसा होगा। थोड़ी सी सफाई या कुछ सुविधाएँ प्रदान कर देने मात्र से गांवों का उद्धार नहीं हो सकेगा। भारतीय गांवों की समस्याओं पर पूरा-पूरा ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।



Comments Gramid jivan ki bisetay on 15-07-2021

Gramid jivan ki vistay

Tarun on 03-06-2021

ग्रामीण जीवन की तीन विशेषताएं बताइए

Rajat Gupta on 27-05-2021

ग्रामीण जीवन की तीन विशेषता बताइए

Harsh on 15-04-2021

ग्रामीण जीवन की पांच विशेषताएं बताइए

Vikash on 23-11-2020

Gramin jivan ki koi teen visheshtaen spasht kijiye

Yash on 04-03-2020

Gramin Jeevan ke baare mein Sanskrit main batay




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