बारडोली सत्याग्रह आंदोलन

बारडोली Satyagrah Andolan

Pradeep Chawla on 21-10-2018


बारडोली सत्याग्रह, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौरान वर्ष 1928 में में हुआ यह एक प्रमुख किसान आंदोलन था जिसका नेतृत्व ने किया था। उस समय प्रांतीय सरकार ने किसानों के में तीस प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी थी। पटेल ने इस वृद्धि का जमकर विरोध किया। सरकार ने इस सत्याग्रह आंदोलन को कुचलने के लिए कठोर कदम उठाए, पर अंतत: विवश होकर उसे किसानों की मांगों को मानना पड़ा। एक न्यायिक अधिकारी बूमफील्ड और एक राजस्व अधिकारी मैक्सवेल ने संपूर्ण मामलों की जांच कर 22 प्रतिशत लगान वृद्धि को गलत ठहराते हुए इसे घटाकर 6.03 प्रतिशत कर दिया।


इस सत्याग्रह आंदोलन के सफल होने के बाद वहां की महिलाओं ने को ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की। किसान संघर्ष एवं राष्ट्रीय स्वाधीनता संग्राम के अंर्तसबंधों की व्याख्या बारदोली किसान संघर्ष के संदर्भ में करते हुए गांधीजी ने कहा कि इस तरह का हर संघर्ष, हर कोशिश हमें के करीब पहुंचा रही है और हम सबको स्वराज की मंजिल तक पहुंचाने में ये संघर्ष सीधे स्वराज के लिए संघर्ष से कहीं ज्यादा सहायक सिद्ध हो सकते हैं।



Comments jeet on 12-05-2019

Bharat ke Pratham Pradhan Mantri Kaun The



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