राजस्थान के लोक देवी देवता

Rajasthan Ke Lok Devi Devta

GkExams on 12-05-2019

गोगाजी

जन्म चुरू जिले के ददरेवा नामक स्थान पर हुआ था

पिता का नाम जेवर, माता का नाम बाछल था

हनुमानगड़ के गोगामेडी मे प्रत्येक गोगानवमी के दिन मेला लगता है

गोगा जी का प्रतिक घोड़ा है

तेजाजी

जन्म नागौर जिले के खड़नाल गॉव मे हुआ था

पिता का नाम ताहडजी, माता का नाम राजकुँवर था

सर्पो के देवता के रूप मे पूजा की जाती है

नागौर जिले के परबतसर गाँव मे हर साल भाद्रपद की शुक्ल दशमी को पशु मेला लगता

पाबूजी

जन्म फलोदी (जोधपुर) जिले के कोलू गॉव मे हुआ था

ऊँटो के देवता के रूप मे प्रसिद

पाबूजी का प्रतिक चिन्ह भाला लिए अश्वारोही रूप है

कोलू (फलोदी) मे हर साल मेला लगता है

रामदेवजी

जन्म बाड़मेर जिले के उडूकासमेर गाँव मे

पिता का नाम अजमल, माँ का नाम मेनादेवी

पोकरण (जैसलमेर) के पास रुणेचा, यहाँ हर साल भाद्रपद शुक्ला द्वितीय को एकादशी तक मेला लगता है

रामदेव जी का प्रतिक चिन्ह चरण चिन्ह (पगलिये)है

बाबा तल्लीनाथ

तल्लीनाथ जी का बचपन का नाम गागदेव, पिता का नाम विरमदेव था

तल्लीनाथ जी ने सदेव पेड़ पौधो की रक्षा व सवर्धन पर बल दिया इसलिए तल्लीनाथ पूजा स्थली पंचमुखी पहाड़ पर कोई पेड़ पौधा नहीं काटता है

इनके गुरु का नाम जलन्धर नाथ था

केला देवी

केला देवी यदुवंशी राजवंश की कुल देवी है

जो दुर्गा के रूप मे मानी जाती है

प्रतिवर्ष चेत्र मास की शुक्ल अष्टमी को लक्खी मेला लगता है

मंदिर त्रिकुट पर्वत (करोली) राजस्थान मे है

शीलादेवी

आमेर राज्य के शासक मानसिंह (प्रथम) ने पूर्वी बंगाल विजय के बाद इसे आमेर के राजभवनो के मध्य मे स्थापित करवाया था

शीलादेवी की स्थापना 16 वी शताब्दी मे हुई थी

शीलादेवी की प्रतिमा अष्टभुजी है

करणीमाता

करणी माता बीकानेर के राठौर वंश की कुलदेवी है

करणी माता का मंदिर बीकानेर जिले के देशनोक नामक स्थान पर स्थित है

करणी माता चूहों की देवी के नाम से भी प्रसिद है यहाँ पर सफ़ेद चूहों को काबा कहा जाता है

नवरात्री के दिनों मे देशनोक मे करणीमाता का मेला भरा जाता है

जीणमाता

जीणमाता का मंदिर सीकर जिले मे हर्ष की पहाड़ी के ऊपर स्थित है

चौहानों की कुलदेवी है

जीणमाता का मेला प्रतिवर्ष चेत्र व आश्विन माह के नवरात्रों मे आता है

शीतला माता

शीतला माता की पुजा कुम्हार करते है

चाकसू मे शील की डूंगरी पर शीतला माता का मंदिर स्थित है

शीतला माता अकेली देवी है जो खण्डित रूप मे पूजी जाती

यहाँ प्रतिवर्ष शीतला अष्टमी को मेला लगता है

सकराय माता

सकराय माता का मंदिर उदयपुरवाट़ी (झुंझुनू) के समीप स्थित है

खंडेलवालो की कुल देवी है

इन्हेंशाकम्भरी देवी भी कहा जाता है



धुरमेढी स्थान किस लोक देवता से सम्बन्धित है।

( गोगाजी )



संत पीपा के गुरू कौन थे।

( रामानन्द )



कंठेसरी माता किसकी लोकदेवी मानी जाती है।

( आदिवासियों की )



बाणमाता कुल देवी की अराधना होती है।

( मेवाड़ में )



सच्चिया माता कुल देवी है।

( ओसवालों की )



अन्नपूर्णा देवी किस राजपरिवार की अराध्य देवी है।

( कछवाहा )



भारतीय डाक विभाग ने किस लोक देवता की फड़ पर डाक टिकट जारी किया है।

( देवनारायण जी )



राजस्थान का हरिद्वार किसे कहते है।

( मातृकुण्डिया )



आवरी माता का मंदिर कहाॅं स्थित है।

( निकुम्भ )



किस देवी को सैनिकों की देवी कहा जाता है।

( तनोटिया माता )



सुडांमाता का मन्दिर स्थित है।

( जालौर )



वीर तेजाजी की घोड़ी का नाम है।

( लीलण )



प्लेग रक्षक देवता के रूप में प्रसिद्व है।

( पाबूजी )



Comments Vike meens on 06-08-2021

कंटेसरी माता का मन्दिर कौनसी जगह है??

Vikash on 12-05-2019

Rajasthan k panch peer



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