मुस्लिम त्यौहार लिस्ट २०१७

Muslim Tyohar List 2017

Pradeep Chawla on 20-10-2018


  1. 1.इस्लामी नया वर्ष – मुहर्रम
  2. 2.आशूरा
  3. 3.मीलाद उन-नबी
  4. 4.शब-ए-मेराज
  5. 5.रम्ज़ान
  6. 6.ईद-उल-फितर
  7. 7.ईद-उल-अजहा (बक्रिद)

मै इस लेख में आपको मुख्य 5 muslim festival की विशेष तरीके से बताउंगी और साथ-साथ में आपको ये भी बताउंगी कि इस वर्ष उन त्योहारों की कब की छुट्टी है. तो चलिए शुरू करे-

  • इस्लामी नया वर्ष – मुहर्रम

जिस तरह से इंग्लिश कैलेंडर के हिसाब से हमारा नया साल जनवरी माह से शुरू होता है ठीक उसी तरीके से इस्लाम का भी नया वर्ष जनवरी में ही शुरू होता है.


इस्लामी वर्ष यानी हिजरी सन्‌ का पहला महीना मुहर्रम ही है. और दोस्तों ख़ास बात तो यह है कि यह एक मुस्लिम त्यौहार भी है, और इस वर्ष 14 जनवरी 2018, को रविवार को मुहर्रम है.

शब-ए-मेराज-

शब-ए-मेराज अथवा शबे मेराज एक इस्लामी त्योहार है जो इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रजब के माह (सातवाँ महीना) में 27वीं तिथि को मनाया जाता है। इस साल यह त्योहार 13 अप्रैल, शुक्रवार 2018 है।


इसे आरोहण की रात्रि के रूप में मनाया जाता है और मान्यताओं के अनुसार इसी रात, मुहम्मद साहब एक दैवीय जानवर बुर्राक पर बैठ कर सातों स्वर्गों का भ्रमण किया था। अल्लाह से मुहम्मद साहब के मुलाक़ात की इस रात को विशेष प्रार्थनाओं और उपवास द्वारा मनाया जाता है और मस्जिदों में सजावट की जाती है तथा दीप जलाये जाते हैं.

मेराज के दो भाग हैं, प्रथम भाग को इसरा और दूसरे को मेराज कहा जाता है, लेकिन सार्वजनिक प्रयोग में दोनों ही को मेराज के नाम से याद कर लिया जाता है।

  • रमजान –

इस साल रमजान का महीना 15 मई, मंगलवार 2018 से 15 जुन, शुक्रवार 2018 तक है रमजान का महीना कभी 28 दिन का तो कभी 30 दिन का होता है। इस महीने में उपवास रखते हैं।

ज़रूर पढ़े

  • ईद-उल-फितर-(मीठी ईद)

मुस्लमान रमज़ान उल-मुबारक के महीने के बाद एक मज़हबी ख़ुशी का त्योहर मनाते हैं जिसे ईद उल-फ़ितर कहा जाता है. ईद उल-फ़ितर इस्लामी कैलेण्डर के दसवें महीने शव्वाल के पहले दिन मनाया जाता है।


मुसलमानों का त्योहार ईद मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है। इस त्योहार को सभी आपस में मिल के मनाते है और खुदा से सुख-शांति और बरक्कत के लिए दुआएं मांगते हैं। पूरे विश्व में ईद की खुशी पूरे हर्ष और उल्लास से मनाई जाती है.

मुसलमानों का त्योहार ईद रमज़ान का चांद डूबने और ईद का चांद नज़र आने पर उसके अगले दिन चांद की पहली तारीख़ को मनाई जाती है।

इसलामी साल में दो ईदों में से यह एक है (दूसरा ईद उल जुहा या बक्रिद कहलाता है)। पहला ईद उल-फ़ितर पैगम्बर मुहम्मद ने सन 624 ईसवी में जंग-ए-बदर के बाद मनाया था जाती है।

ईद-उल-अजहा (बक्रिद)-

इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों का एक प्रमुख त्योहर है। रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति के लगभग 70 दिनों बाद इसे मनाया जाता है।


इस्लामिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने पुत्र हजरत इस्माइल को इसी दिन खुदा के हुक्म पर खुदा कि राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उसके पुत्र को जीवनदान दे दिया जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है.


इस दिन जानवर की कुर्बानी देना एक प्रकार की प्रतीकात्मक कुर्बानी है। हज और उसके साथ जुड़ी हुई पध्दति हजरत इब्राहीम और उनके परिबार द्वारा किए गये कार्यो को प्रतीकात्मक तौर पर दोहराने का नाम है।


हजरत इब्राहीम के परिवार में उनकी पत्नी हाजरा और पुत्र इस्माइल थे।मान्यता है कि हजरत इब्राहीम ने एक स्वप्न देखा था जिसमे बह अपने पुत्र इस्माइल की कुर्बानी दे रहे थे हजरत इब्राहीम अपने दस वर्षीय पुत्र इस्माइल को ईश्बर की राह पर कुर्बान करने निकल पड़े।

पुस्तको में आता है कि ईश्बर ने अपने फरिश्तो को भेजकर इस्माइल की जगह एक जानवर की कुर्बानी करने को कहा।

इश्माइलिट्स वंश की शुरुआत-


दरअसल इब्राहीम से जो असल कुर्बानी मागीँ गई थी वह थी उनकी खुद की जब की, जब उन्होने अपने पुत्र इस्माइल और उनकी मां हाजरा को मक्का में बसाने का निर्णय लिया।

Muslim Festivals Names in Hindi

Muslim Festivals Names in Hindi

लेकिन मक्का उस समय रेगिस्तान के सिबा कुछ न था। उन्हे मक्का में बसाकर बे खुद मानव सेबा के लिए निकल गये। इस तरह एक रेगिस्तान में वसना उनकी और उनके पूरे परिवार की कुर्बानी थी.


जब इस्माइल बड़े हुए तो उधर से एक काफिला गुजरा और इस्माइल का विबाह उस काफिले में से एक युवती से करा दिया गया फिर प्ररांम्भ हुआ एक वंश जिसे इतिहास में इश्माइलिट्स, या वनु इस्माइल के नाम से जाना गया।


हजरत मुहम्मद सहाब का इसी वंश में जन्म हुआ था। ईद उल अजहा के दो शंन्देश है पहला परिवार के प्रथम सदस्य को स्वार्थ के परे देखना चाहिये।

ईद उल अजहा यह याद दिलाता है कि कैसे एक छोटे से परिवार में एक नया अध्याय लिखा गया।



Comments sattamatka on 26-03-2021

Matka or satta is a form of betting and lottery which originally involved betting on the opening and closing rates of cotton transmitted from the New York Cotton Exchange to the Bombay Cotton Exchange. It originates from before the era of Indian independence when it was known as Ankada Jugar.

Indias No.1 Matka Site Dpboss Heartly Welcome. Here You Will Get Perfect Guessing By Top Guesser And Fast Matka Result. Aaj Ka Satta Kalyan Fix Single Jodi Free Update Here You Find Top Matka Market Of India Kalyan Main Milan Rajdhani kalyan Matka Tips fast Matka Result kalyan Main Rajdhani Matka Chart Matka Guessing By Dp Boss By App Best Matka Site By Dp Boss.

Satta matka - Get satta matka result, kalyan satta matka, kalyan matka, sattamatka, matka result, satta matta matka, kalyan satta, satta matka kalyan, indian matka, satta batta, matka boss, kalyan matka result, matka satta, satta matka com, satta matka net, sata matka, sattamataka143, result matka and satka matka from @sattamatkagod.

Satta matka

We strictly recommend you to please visit and browse this site on your own risk.

All the information available here is strictly for informational purposes and based on

astrology and numerology calculations. We are no way associated or affiliated with any

illegal Matka or business. We abide by rules and regulations of the regions

where you are accessing the website. Sattamatka May be it is illegal or banned in your region.

If you are using our website despite ban, you will be solely responsible for the damage or loss occurred

or legal action taken. Please leave our website immediately if you dont like our

disclaimer. Copying any information / content posted on the website is strictly

prohibited and against the law.


Sanjri ka tyohar ki date on 05-03-2021

Sanjri ke tyohar ki date

Aadil on 01-06-2019

Jumeraat ki Eid kab thi

Firoz ali on 12-05-2019

Subraat per kis paigamber ki niyaaz fatiha di jati hai



Labels: , , , , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।




Register to Comment