मोर के बारे में जानकारी

Mor Ke Bare Me Jankari

GkExams on 14-01-2019









पंखो को फैलाए हुए मोर




मोर को कार्तिकेय (मुरुगन) का वाहन माना जाता है। प्रख्यात चित्रकार मोर अथवा मयूर एक पक्षी है जिसका मूलस्थान दक्षिणी और दक्षिणपूर्वी एशिया में है। ये ज़्यादातर खुले वनों में वन्यपक्षी की तरह रहते हैं। नीला मोर भारत और श्रीलंका का राष्ट्रीय पक्षी है। नर की एक ख़ूबसूरत और रंग-बिरंगी फरों से बनी पूँछ होती है, जिसे वो खोलकर प्रणय निवेदन के लिए नाचता है, विशेष रूप से बसन्त और बारिश के मौसम में। मोर की मादा मोरनी कहलाती है। जावाई मोर हरे रंग का होता है।


बरसात के मौसम में काली घटा छाने पर जब यह पक्षी पंख फैला कर नाचता है तो ऐसा लगता मानो इसने हीरों से जरी शाही पोशाक पहनी हुई हो; इसीलिए मोर को पक्षियों का राजा कहा जाता है। पक्षियों का राजा होने के कारण ही प्रकृति ने इसके सिर पर ताज जैसी कलंगी लगायी है। मोर के अद्भुत सौंदर्य के कारण ही भारत सरकार ने 26 जनवरी,1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया। हमारे पड़ोसी देश म्यांमार का राष्ट्रीय पक्षी भी मोर ही है। ‘फैसियानिडाई’ परिवार के सदस्य मोर का वैज्ञानिक नाम ‘पावो क्रिस्टेटस’ है। अंग्रेजी भाषा में इसे ‘ब्ल्यू पीफॉउल’ अथवा ‘पीकॉक’ कहते हैं। संस्कृत भाषा में यह मयूर के नाम से जाना जाता है। मोर भारत तथा श्रीलंका में बहुतायत में पाया जाता है। मोर मूलतः वन्य पक्षी है, लेकिन भोजन की तलाश इसे कई बार मानव आबादी तक ले आती है।


मोर प्रारम्भ से ही मनुष्य के आकर्षण का केन्द्र रहा है। अनेक धार्मिक कथाओं में मोर को उच्च कोटी का दर्जा दिया गया है। हिन्दू धर्म में मोर को मार कर खाना महापाप समझा जाता है। भगवान् श्रीकृष्ण के मुकुट में लगा मोर का पंख इस पक्षी के महत्त्व को दर्शाता है। महाकवि कालिदास ने महाकाव्य ‘मेघदूत’ में मोर को राष्ट्रीय पक्षी से भी अधिक ऊँचा स्थान दिया है। राजा-महाराजाओं को भी मोर बहुत पसंद रहा है। प्रसिद्ध सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के राज्य में जो सिक्के चलते थे, उनके एक तरफ मोर बना होता था। मुगल बादशाह शाहजहाँ जिस तख्त पर बैठते थे, उसकी संरचना मोर जैसी थी। दो मोरों के मध्य बादशाह की गद्दी थी तथा पीछे पंख फैलाये मोर। हीरों-पन्नों से जरे इस तख्त का नाम तख्त-ए-ताऊस’ रखा गया। अरबी भाषा में मोर को ‘ताऊस’ कहते हैं।

मोर पंख



नर मोर की लम्बाई लगभग 215 सेंटीमीटर तथा ऊँचाई लगभग 50 सेंटीमीटर होती है। मादा मोर की लम्बाई लगभग 95 सेंटीमीटर ही होती है। नर और मादा मोर की पहचान करना बहुत आसान है। नर के सिर पर बड़ी कलंगी तथा मादा के सिर पर छोटी कलंगी होती है। नर मोर की छोटी-सी पूँछ पर लम्बे व सजावटी पंखों का एक गुच्छा होता है। मोर के इन पंखों की संख्या 150 के लगभग होती है। मादा पक्षी के ये सजावटी पंख नहीं होते। वर्षा ऋतु में मोर जब पूरी मस्ती में नाचता है तो उसके कुछ पंख टूट जाते हैं। वैसे भी वर्ष में एक बार अगस्त के महीने में मोर के सभी पंख झड़ जाते हैं। ग्रीष्म-काल के आने से पहले ये पंख फिर से निकल आते हैं। मुख्यतः मोर नीले रंग में पाया जाता है, परन्तु यह सफेद, हरे, व जामुनी रंग का भी होता है। इसकी उम्र 25 से 30 वर्ष तक होती है। मोरनी घोंसला नहीं बनाती, यह जमीन पर ही सुरक्षित स्थान पर अंडे देती है।



Essay On Peacock In Hindi मोर पर निबंध

1. मोर Peacock भारत का राष्ट्रीय पक्षी है। यह दिखने मे बहुत खूबसूरत होता है और मोर पूरे भारत मे पाये जाते है।



2. ये हरे और नीले रंग के होते है। मोर की गर्दन और छाती नीले रंग की होती है।


3. मोर की पूंछ में कई सारे पंख होते है जो रंगीन होते है। इसके पंख के आगे का हिस्सा चांद जैसा होता है।


4. मोर पक्षी का सिर छोटा होता है। इसके सिर पर एक कलगी होती है और यह भी मोर की खूबसूरती में इजाफा करती है।



5. मोर Peacock के सिर की कलगी को मुकुट भी कहते है इसलिये मोर को पक्षियों का राजा भी कहते है।


6. सुंदर मोर के लम्बी टांगे भी होती है जो दिखने में बहुत बदसूरत होती है।


7. मोर की आवाज तीखी और कठोर होती है।


8. बारिश के मौसम में मोर अपने पँखो को फैलाकर नाचते भी है। मोर का नृत्य मनमोहक होता है।



9. मोर नर होता है जबकि मादा मोरनी होती है और यह मोर जितनी खूबसूरत नही होती है। इसके मोर की तरह पंख नही होते है।


10. मोर Peacock का मुख्य भोजन अनाज और कीड़े होते है वेसे मोर सांप का भी शिकार करते है।


11. मोर की उम्र 15 से 20 वर्ष होती है और इनका वजन किलोग्राम के आसपास होता है।



12.मोर का वैज्ञानिक नाम पावो क्रिस्टेट्स है।

Information About Peacock In Hindi –

13. मोर के झुंड में एक मोर और से मादा मोरनी होती है। मोरनी हर साल बार अंडे देती है।


14. मोर पक्षी शिकारियों से बचने के लिए पेड़ पर बैठ जाते है।


15. वेसे तो मोर हवा में उड़ सकते है लेकिन ज्यादा देर ये हवा में नही रह सकते है। मोर जमीन पर चलना ज्यादा पसंद करते है।


16. मोर Peacock पहले बहुतायत में थे लेकिन अत्यधिक शिकार के चलते इनकी संख्या में भारी कमी आयी है। मोर की कई प्रजातियां विलुप्ति के कगार पर है।


17. यह भारत के अलावा नेपाल, भूटान, पाकिस्तान जैसे देशों में भी पाया जाता है।


18.मोर भारतीय सभ्यता और संस्कृति का हिस्सा है।


19. मोर को संस्कृत में मयूर भी कहते है।


20. मोर Peacock शिवजी के पुत्र कार्तिकेय का वाहन भी है।


21. भगवान श्रीकृष्ण के सर पर मोर का पंख लगा होता है।


22. मुगल बादशाह शाहजहां ने तख्त ऐ ताऊस बनवाया था जो मोर की सौंदर्य से प्रेरित था। ताऊस का फ़ारसी में अर्थ मोर होता है।


23. सजावट के लिए मोरपंख का उपयोग किया जाता है।


24. मोर पक्षी पँखो से हवा करने के लिए पंखे भी बनाये जाते है।







Comments Mani on 28-04-2021

I love peacock

Manish Kumar Munna on 06-04-2021

Mor ke bare mein Adhik se Adhik Jankari Den class seven ki

Mor ki awaaz ke bare mein on 04-01-2021

Mor ki awaaz ke bare mein

Deepali choudhary on 06-03-2020

Sanskrit Mein Mor ke bare mein

Trushna on 08-01-2020

Not kaisa hats hai



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