धन आवेश किसे कहते है

Dhan Aavesh Kise Kehte Hai

Gk Exams at  2020-10-15

GkExams on 12-01-2019

विद्युत् :- वह ऊर्जा है जिसके कारण किसी वस्तु या पदार्थ में हल्की वस्तुओं को आकर्षित करने का गुण उत्पन्न हो जाता है। घर्षण विद्युत् :- दो वस्तुओं को आपस में रगड़ने या घर्षण कराने पर उत्पन्न विद्युत् घर्षण विद्युत् कहलाती है। आवेशित वस्तु :- यदि किसी वस्तु में हल्की वस्तुओं को आकर्षित करने का गुण उत्पन्न हो जाता है तो उस वस्तु को आवेशित वस्तु कहते हैं।
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प्रयोग -1
यदि हम कांच की छड़ को रेशम के कपड़े से रगड़ते है तो कांच की छड़ पर धन आवेश तथा रेशम के कपड़े पर ऋण आवेश उत्पन्न हो जाता है। (यहाँ पर कांच की छड़ पर उत्पन्न आवेश को सुविधा की दृष्टि से धन आवेश माना गया है। )
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प्रयोग-2
अब यदि हम उक्त प्रयोग को दो अलग-अलग कांच की छड़ों एवं रेशम के कपड़ों पर दुहराते है तथा इस प्रकार आवेशित दोनों कांच की छड़ों को धागे की सहायता से दो स्टैंड पर लटकाकर एक दूसरे के समीप लाते हैं तो वे दोनों छड़े एक दूसरे से कुछ दूर हट जाती है इसका अर्थ यह हुआ की समान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते है क्योंकि प्रयोग क्रमांक 1 के अनुसार दोनों कांच की छड़ों पर धन आवेश उत्पन्न हो जाता है।
प्रयोग -3

यदि हम एबोनाइट की छड़ को फलालेन के कपड़े से रगड़ते है तो एबोनाइट की छड़ पर ऋण आवेश तथा फलालेन के कपड़े पर धन आवेश उत्पन्न हो जाता है। (यहाँ पर एबोनाइट की छड़ पर उत्पन्न आवेश को सुविधा की दृष्टि से ऋण आवेश माना गया है)
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प्रयोग -4
अब यदि हम उक्त प्रयोग को दो अलग-अलग एबोनाइट की छड़ों एवं फलालेन के कपड़ों पर दुहराते है तथा इस प्रकार आवेशित दोनों एबोनाइट की छड़ों को धागे की सहायता से दो स्टैंड पर लटकाकर एक दूसरे के समीप लाते हैं तो वे दोनों छड़े एक दूसरे से कुछ दूर हट जाती है इसका अर्थ यह हुआ की समान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते है क्योंकि प्रयोग क्रमांक 3 के अनुसार दोनों एबोनाइट की छड़ों पर ऋण आवेश उत्पन्न हो जाता है।

प्रयोग -5
अब प्रयोग क्रमांक 2 से प्राप्त कांच की छड़ को जिस पर धन आवेश उपस्थित है एक स्टैंड पर धागे की सहायता से लटका देते हैं तथा प्रयोग क्रमांक 4 से प्राप्त एबोनाइट की छड़ को जिस पर ऋण आवेश उपस्थित है एक दूसरे स्टैंड पर धागे की सहायता से लटका देते हैं। अब स्टैंड की सहायता से इन दोनों छड़ों को पास में लाते हैं तो वे एक दूसरे की ओर आकर्षित हो जाती है इससे यह निष्कर्ष निकलता है की विपरीत आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं।
इस प्रकार हम कह सकते है की समान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं जबकि विपरीत आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते है।




Comments Vishan gotam on 21-09-2020

सर इसमें यही बताया गया है कि पॉजिटिव चार्ज कैसे बनता है हमें यह बताएं कि इसकी परिभाषा क्या है

Prachi pandey on 15-09-2020

What is positive charge?

Swati mandloi on 14-09-2020

धनावेश और रीणात्मक आवेश की परिभाषा बताइये

Dhan aavesh kya hai on 17-08-2020

Dhan aavesh kya

Mansi on 11-08-2020

Dhan aavesh ki paribhasha

Sanny singh on 18-07-2020

Dhanvesh kise kahate Hain


Ajit Yadav on 16-03-2020

Dhan aaveshit Kise Kahate Hain

Sonukumar on 03-01-2020

धन आवेस क्या है

What is Dhan aavesh on 18-12-2019

Dhan aavesh Kise Kahate Hain



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