प्रसंग लेखन हिंदी निबंध

Prasang Lekhan Hindi Nibandh

GkExams on 03-12-2018

बारिश के मौसम में, शाम को आकाश में घने बादल छा गए। तेज़ हवा चलने लगी। आकाश में बिजली दमकने लगी। बादल
गरजने लगे। हवा और तेज़ हो गयी। बिजली के तार कट गए और घर में अँधेरा हो गया। जल्दी
से मैंने मोमबत्ती जलाई। पर तेज़ हवा के कारण वह बुझ गयी। हमारे घर के पास सभी पेड़
जोर जोर से हिलने लगे।

मैंने सोचा विद्युत् भवन फोन करके बिजली ठीक करने के लिए कहूँ।
परंतु फोन नहीं मिला। फिर मैंने अपने पड़ोसियों को फोन करके सहायता प्राप्त करने का
प्रयत्न करा। परंतु संपर्क स्थापित न हो सका। तब मुझे ज्ञात हुआ कि फोन की लाइन भी
कट गयी है।

मैं अकेले अँधेरे में डर गया। हवा के तेज़ झोंकों के कारण खिड़की
दरवाजे जोर जोर से खुल रहे थे और बंद हो रहे थे। मुझे लगा कि वह रात कभी अंत नहीं
होगी। समय जैसे बीत ही नहीं रहा था। इतने में मुझे किसी नर्म चीज़ ने स्पर्श करा।
मैं डर कर कूदा। परंतु जब वह चीज़ मेरे और करीब आई तो मुझे पता चला कि एक कुत्ता
मेरे घर में आश्रय लेने आया है।
उसके आने के बाद तूफानी रात आसानी से कट गयी। मुझे एक साथी मिल गया और हम दोनों हमेशा के लिए दोस्त बन गए।




Comments Jh on 21-11-2021

प्रसग

Tuehar on 25-10-2021

Tuehar

Kay re bochya on 13-02-2021

Nay dhungnya katyghhjfg

Gourav on 10-05-2020

Mst

Manisha on 12-01-2020

Duniya my abi tak gribi qu he

Kute Rushikesh Madhukar on 20-12-2019

कौटुंबिक निर्णयात असे वाटते


प्रसंग लेखन on 20-09-2019

प्रसंग लेखन



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