ग्राम सेवा सहकारी समिति राजस्थान रिक्रूटमेंट

Gram Sewa Sahakari Samiti Rajasthan Recruitment

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 06-02-2019

सहकारिता एवं गोपालन मंत्री अजय सिंह किलक ने सोमवार को राज्य विधान सभा में घोषणा की कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं में 1550 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पद बैंकों, केवीएसएस, जीएसएस जैसी संस्थाओं में भरे जाएंगे। श्री किलक सदन में मांग संख्या 36 सहकारिता पर हुई बहस का जबाव दे रहे थे। बहस के बाद सदन ने सहकारिता की 5 अरब 35 करोड़ 51 लाख 63 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनि मत से पारित कर दी। उन्होंने कहा कि बैंकों में 250 पदों पर भर्ती के लिए ऑन लाईन परीक्षा ली जाएगी तथा साक्षात्कार आयोजित नहीं होगा। केवीएसएस एवं उपभोक्ता भण्ड़ार में 300 पद तथा जीएसएस में व्यवस्थापक एवं सहायक व्यवस्थापकों के 1000 से अधिक रिक्त पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शीघ्र ही प्रारम्भ कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में 1000 से अधिक महिला दुग्ध सहकारी समिति बनाएंगे। तथा हमारे सदस्यों के बेरोजगार सदस्यों को कौशल विकास की ट्रेंनिंग देने के लिए जयपुर जिले में पायलेट प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। सहकारिता मंत्री ने कहा कि लंबे समय से नए सदस्य बनाने एवं उनको ऋण देने की मांग उठती रही है। इसको ध्यान मे रखते हुए मई-जून में अलग से विशेष शिविर आयोजित कर लगभग 3 लाख नए सदस्यों को ब्याज मुक्त फसली ऋण दिया जाएगा जिन्हें योजना के प्रारम्भ से कभी भी ऋण नहीं मिला है। जून-जुलाई माह में भी अलग से शिविर लगाकर नए सदस्य बनाए जाएंगे तथा इसके लिए अधिकारियों को नियुक्त किया जाएगा। यदि कोई दोषी पाया जाएगा तो नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।

श्री किलक ने कहा कि वर्तमान में 6487 ग्राम सेवा सहकारी समितियां हैं तथा विगत 3 वर्षों में हमने 300 नई जीएसएस का गठन किया है। जिन ग्राम पंचायतों में जीएसएस नहीं हैं, वहां मापदण्ड़ पूरा होते ही जीएसएस का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से 60 प्रतिशत राशि प्राप्त होते ही राज्य की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि हमारी केन्द्रीय सहकारी बैंकों की सभी शाखाएं कोर बैंकिंग सोल्यूशन प्लेटफार्म पर हैं तथा इन बैंकों में 297 एटीएम एवं 2500 से अधिक माइक्रो एटीएम लगाने की प्रक्रिया चल रही है तथा शीघ्र ही ग्रामस्तर पर वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने के लिए 77 वित्तीय साक्षरता केन्द्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि 26 लाख से अधिक किसानों को सीसीबी के माध्यम से नवीन तकनीक के म्डट राज सहकार रूपे डेबिट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे, जिस पर किसान का नाम एवं फोटो होगा।

उन्होंने कहा कि बजट में सहकार किसान कल्याण योजना एवं दीर्घकालीन कृषि ऋण योजना के तहत वितरित ऋणों में क्रमशः 2 प्रतिशत एवं 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान की घोषणा की गई है। अतः अब पीएलडीबी द्वारा 7.10 प्रतिशत एवं सीसीबी द्वारा 9.50 प्रतिशत की दर से कृषि कार्यों के लिए ऋण दिया जाएगा। श्री किलक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में 30 नई बैंक शाखाएं खोली जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमने किसानों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए राज सहकार व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा शुरू की थी, जिसमें बीमा क्लेम 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया गया था, जिसे बढ़ाकर 1 अप्रेल से 6 लाख रुपये किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तीन वर्षों में 542 गोदामों के निर्माण की स्वीकृति जारी की है। जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पांच वर्षों में मात्र 238 गोदामों का निर्माण किया था। हमारा प्रयास है कि कम से कम 300 गोदामों के निर्माण की स्वीकृति आरकेवीवाई योजना के तहत करवाई जाएगी। श्री किलक ने कहा कि नवगठित जीएसएस में 100-100 मैट्रिक टन क्षमता के 100 नए गोदाम तथा नवगठित केवीएसएस में 250 मैट्रिक टन क्षमता के 20 नए गोदाम बनाए जाएंगे।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि कुछ चयनित जीएसएस एवं केवीएसएस या अधिकृत वेयरहाउस के गोदामों में किसान द्वारा अपनी उपज रखने पर उसका मूल्य निर्धारण कर उसकी 75 प्रतिशत तक की राशि प्लेज ऋण के रूप में दी जाएगी और ऎसे ऋण प्रदान करने वाली जीएसएस/केवीएसएस को सहकार किसान कल्याण योजना के अन्तर्गत 2 प्रतिशत ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। श्री किलक ने कहा कि वर्तमान में सीकर, जालौर एवं बांसवाड़ा जिलों में आईसीडीपी योजना चल रही है तथा शीघ्र ही इस योजना को अलवर, सवाईमाधोपुर, करौली, टोंक एवं झालावाड़ जिलों में प्रारम्भ किया जाएगा। जिसके तहत 50 से अधिक सुपर मार्केट तथा युवाओं की मांग पर जिम्नेजियम स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे द्वारा जैविक खेती की आवश्यकता पर बल दिया गया है और इस पर निर्णय लेते हुए अब राजफैड के द्वारा किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण जैविक खाद की आपूर्ति तथा उच्च तकनीक के उन्नत बीज किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। श्री किलक ने कहा कि राजफैड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में उचित मूल्य पर सीमेन्ट उपलब्ध कराने के लिए मेक इन राजस्थान को बढ़ावा देते हुए राजस्थान में सीमेन्ट बनाने वाली कम्पनियों से कॉन्ट्रेक्ट किया जाएगा।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि हम सहकारिता के माध्यम से मेक इन राजस्थान एवं मेक इन इण्डिया को बढ़ावा देने जा रहे हैं। जिसके तहत ऎसी कम्पनियों के एमओयू या एग्रीमेंट किया जाएगा, जो स्वयं के उत्पादों का उत्पादन करती हो। इन्हें सहकार संघ व्यापार नीति के तहत कॉनफैड के द्वारा जिला उपभोक्ता भण्डार एवं सहकारी समितियों के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत तक पहुंचाया जाएगा ताकि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को ब्राण्डेड, गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं एवं दवाइयां उचित मूल्य पर उपलब्ध हो सके। श्री किलक ने कहा कि सहकारिता विभाग एवं राज्य की समस्त सहकारी संस्थाओं की योजनाओं, गतिविधियों एवं नवाचारों को आमजन तक पहुंचाने के लिए पीआरओ शाखा के अधीन सोशल मीडिया सेल का गठन किया जाएगा। जिसके तहत विभाग का एक फेसबुक पेज बनाया जाएगा।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि वर्ष 2013 तक जयपुर शहर की 124 गृह निर्माण सहकारी समितियों में से 4 समितियों का ऑडिट पूर्ण हुआ था ।श्री किलक ने कहा कि सभी तरह की सहकारी समितियों का मार्च, 2017 तक 80 प्रतिशत ऑडिट हो जाएगी। इससे पहले सहकारिता मंत्री ने सदस्यों को आश्वस्त किया कि अनुदान मांगों के संदर्भ में 154 कटौती प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनका जबाव शीघ्र ही भिजवा दिया जाएगा।



Comments Mohan Lal Prajapat on 30-11-2019

Ham ko loan Lena hai gram sahakari samiti se



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