आधुनिक हिन्दी कविता का विकास

Aadhunik Hindi Kavita Ka Vikash



GkExams on 23-05-2022


आधुनिक हिन्दी कविता का विकास : 1850 ई. से लेकर आज तक की कविता (hindi poets chart) 'आधुनिक हिंदी कविता' नाम से पहचानी जाती है। आपकी बेहतर जानकारी के लिए बता दे की भारतेन्दु युगीन कविता द्विवेदी युगीन कविता, छायावादी कविता, प्रगतिवादी कविता, प्रयोगवादी कविता, नयी कविता, समकालीन (hindi poets and writers) तथा आज की कविता नामक आंदोलनों से गुजरकर वह आज अपने विकास की चरम सीमा पर पहुँच चुकी है।


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ध्यान रहे की हिंदी काव्य का आधुनिक काल 1850 से आरम्भ होता है। इसी युग मे हिंदी पद्य के साथ साथ गद्य का भी विकास हुआ। जन संचार के विभिन्न साधनों जैसे रेडिओ व समाचार पत्र का विकास इसी समय हुआ था। जिसका प्रभाव आधुनिक हिंदी काव्य (hindi poets famous) पर भी पड़ा।


आधुनिक काल का हिंदी पद्य साहित्य पिछली सदी में विकास के अनेक पड़ावों से गुज़रा। जिसमें अनेक विचार धाराओं का बहुत तेज़ी से विकास हुआ। जहाँ काव्य में इसे छायावादी युग, प्रगतिवादी युग, प्रयोगवादी युग, नई कविता युग और साठोत्तरी कविता (hindi poet and poetess) इन नामों से जाना गया, छायावाद से पहले के पद्य को भारतेंदु हरिश्चंद्र युग और महावीर प्रसाद द्विवेदी युग के दो और युगों में बाँटा गया।


भारतेंदु हरिश्चंद्र युग की कविता (1850-1900) :




इस काल के प्रमुख कवि - भार्तेन्दु हरिश्चन्द्र, प्रताप नारायण मिश्र, बद्रीनारायण चौधरी 'प्रेमघन', राधाचरण गोस्वामी औउर अम्बिका दत्त व्यास है।


पं महावीर प्रसाद द्विवेदी युग की कविता (1900-1920) :




इस काल के प्रमुख कवि - अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', रामचरित उपध्याय, जगन्नाथ दास रत्नाकर, गया प्रसाद शुक्ल 'सनेही', श्रीधर पाठक, राम नरेश त्रिपाठी, मैथिलीशरण गुप्त, लोचन प्रसाद पाण्डेय और सियारामशरण गुप्त है।


छायावादी युग की कविता (1920-1936 ) :




इस काल के प्रमुख कवि - जयशंकर प्रसाद, निराला, सुमित्रानंदन पंत और महादेवी वर्मा है।


उत्तर-छायावाद युग-(1936-1943) :




इस काल के प्रमुख कवि - माखनलाल चतुर्वेदी, बालकृष्ण शर्मा 'नवीन', सुभद्रा कुमारी चौहान, रामधारी सिंह 'दिनकर', हरिवंश राय 'बच्चन', भगवतीचरण वर्मा, नरेन्द्र शर्मा, रामेश्वर शुक्ल 'अंचल', शिवमंगल सिंह 'सुमन', नागार्जुन, केदारनाथ अग्रवाल, त्रिलोचन और रांगेयराघव है।


नई कविता के बारें में :




नई कविता स्वतंत्रता के बाद लिखी गई वह कविता है जिसमे नवीन भावबोध, नए मूल्य तथा नया शिल्प विधान है, इस प्रकार की कविता को नई कविता कहा गया है। ध्यान रहे की नई कविता (पत्रिका) का प्रकाशन सन् 1954 में आरंभ हुआ। इसके प्रकाशन की योजना आलोचना (पत्रिका) के तत्कालीन संपादक...Read More




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Comments राजेश on 29-09-2021

अगीत



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