हिंदी में पत्र लेखन

Hindi Me Patra Lekhan

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 30-10-2018


हिंदी में पत्र लेखन यह ध्यान रखें

हिंदी में पत्र लेखन अंग्रेजी भाषा की तरह ही होता है, पत्र लिखते समय आप को यह ध्यान रखना है की जो पत्र आप लिख रहे हैं पढ़ने वाले को कितना समझ में आएगा ! क्योंकि जब कोई पत्र पढ़ता है तो आप वहां पर नहीं होते हैं, तो आपका पत्र लेखन ऐसा हो कि आप उसके सामने नहीं होते हुए भी उसको अनुभव दिलाते हैं कि मैं आपके पास हूं और आपसे वार्तालाप कर रहा हूं !


सरल भाषा का उपयोग हमेशा अच्छा माना जाता है ! लेकिन जटिल शब्दों का प्रयोग व उलझे हुए वाक्य पाठक को निरर्थक एवं उबाऊ बना देते हैं ! निश्चयात्मकता, आपके पत्र में होनी चाहिए यदि पाठक को पत्र पढ़ने के बाद कोई शंका या दुविधा बनी रहती है तो पत्र लिखने का सारा उद्देश्य ही खत्म हो जाता है ! संक्षिप्तता से अपनी पूरी बात लिखना ही अच्छा पत्र लेखन माना जाता है ! पत्र लेखन को दो वर्गो में विभाजित किया जाता है -

  • औपचारिक पत्र
  • अनौपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र

औपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका कोई निजी परिचय नहीं है यदि आपका व्यक्तिगत लगाव या परिचय भी हो तो लेखन में वह व्यक्त नहीं होना चाहिए ! औपचारिक पत्र लेखन में मुख्यतः संदेश, सूचना एवं तथ्यों का ही अधिक महत्व दिया जाता है ! इस प्रकार के पत्र संस्था के अधिकारी एवं कार्यालय के अधिकारी को लिखा जाता है !

अनौपचारिक पत्र

अनौपचारिक पत्र, हिंदी में पत्र लेखन में ध्यान रखें की जिसको आप पत्र लिख रहे हैं उनसे आपका निजी परिचय है और उनसे व्यक्तिगत संबंध भी हैं ! इस तरह के पत्र लेखन में व्यक्तिगत सुख-दुख का ब्योरा एवं विवरण के साथ व्यक्तिगत संबंध को उल्लेख किया जाता है ! अपने परिवार के लोग मित्र एवं निकट संबंधियों को इस तरह के पत्र लिखे जाते हैं !

पत्र लेखन नमूना

औपचारिक पत्र - पत्र लेखन नमूना

हिन्दी सरकारी पत्र लेखन में निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र, जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन, और शासकीय पत्र लेखन आदि शामिल है ! अक्सर लोगों का यह प्रश्न होता है कि आवेदन पत्र कैसे लिखे !


पत्र लेखन प्रारूप - ध्यान देना अति आवश्यक है जो आपके पत्र लेखन को आसान बना देता है वह कैसे आप को उदाहरण देकर मैं समझाता हूं !


औपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पत्र-प्रेक्षक का पता बायीं ओर लिखा जाता है तथा पत्र-प्रेषक अपना नाम के नीचे स्वनिर्देशि के बाद लिखते हैं !
  • मध्य भाग में संदेश का विवरण होता है !
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता है

पत्र लेखन नमूना - निवास प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

निवास प्रमाण पत्र के साथ स्वयं शपथ पत्र देना आवश्यक होता है, नीचे के चित्र में दोनों नमूने को आप देख सकते हैं !



आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र



पत्र लेखन नमूना - निवासी प्रमाण पत्र

पत्र लेखन नमूना - आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

पत्र लेखन नमूना - आय प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र

पत्र लेखन नमूना - जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन

पत्र लेखन नमूना - जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन आवेदन


नोट - आज के समय हमारी सरकार भी हमारी सुविधा के लिए काफी तात्पर्य है इस तरह के आवेदन पत्र, आपको सरकारी ऑफिस में फ्री में उपलब्ध होता है जिसको आप भरकर जमा कर सकते हैं या फिर सरकार के वेबसाइट से डाउनलोड कर कर के, प्रिंट आउट निकाल सकते हैं और उस से भर कर संबंधित कार्यालय में जमा कर सकते हैं ! अगर इन दोनों सुविधाओं में से कोई भी सुविधा उपलब्ध ना हो तो ऊपर के नमूनों को देखकर आप पेपर पर लिक सकते हैं और उसमें संबंधित जानकारी देकर कार्यालय में जमा कर सकते हैं ! परीक्षार्थियों के लिए सिर्फ ऐसे याद करने का विकल्प है !

अनौपचारिक पत्र - पत्र लेखन नमूना

पत्र लेखन प्रारूप - ध्यान देना अति आवश्यक है जो आपके पत्र लेखन को आसान बना देता है वह कैसे आप को उदाहरण देकर मैं समझाता हूं !


अनौपचारिक पत्र लेखन में

  • शीर्ष भाग में पता, दिनांक, संबोधन और प्रशस्ति आते हैं !
  • मध्य भाग में संदेश व कथा का विवरण होता है !
  • अंतिम भाग आभार सूचक वाक्य जैसे आप का, प्रणाम, धन्यवाद आदि का प्रयोग किया जाता है !

पिताजी को पत्र - अनौपचारिक पत्र Format

स्थान का नाम………


तिथि…………


पूजनीय पिता जी,


सादर प्रणाम


कल ही संध्याकालीन भारतीय डाक से आपका पत्र मिला ! आप सभी का कुशल-क्षेम जानकर अत्यधिक प्रसन्नता हुई ! यहां पर गौरव एवं मीनाक्षी ठीक हैं !


आपने अपने पत्र में परीक्षा की तैयारी के विषय में पूछा था आपको बता दूं कि हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है जो भी बचा है मैं समय रहते पूरा कर लूंगा ! हमें कुछ और पुस्तक खरीदने की आवश्यकता है जो हमारी प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए उत्तम सिद्ध हो सकता है !

मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि ₹1000 हमें भेज दें और मैं उससे पुस्तक खरीद लूंगा !


शेष सब कुशल है ! माता-जी, बुआआदि को मैं और मेरे मित्र उनको प्रणाम कहते हैं !


आपका सदैव आज्ञाकारी पुत्र


नाम………



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