सीसा संचायक सेल को आवेशित करने पर

Seesa Sanchayak Sale Ko Aaveshit Karne Par

GkExams on 07-02-2019

लेड-एसिड बैटरी (Lead-acid batteries) बहुतायत में प्रयोग आने वाली बैटरी है जिसका आविष्कार सन् 1859 में फ्रांसीसी भौतिकशास्त्री गैस्टन प्लेन्टी (Gaston Planté) ने किया था। पुन: आवेशित (चार्ज) करने योग्य बैटरियों में यह सबसे पुरानी बैटरी है।


सबसे कम उर्जा-से-भार के अनुपात की दृष्टि से निकिल-कैडमियम बैटरी के बाद यह दूसरे स्थान पर आती है। इसमें थोड़े समय के लिये उच्च धारा प्रदान करने की क्षमता होती है। उपरोक्त गुणों के अतिरिक्त यह बहुत ही सस्ती भी होती है जिसके कारण कारों, ट्रकों, अन्य गाड़ियों तथा व्यवधानरहित शक्ति स्रोतों में बहुतायत में प्रयोग की जाती है।


लेड-एसिड बैटरी में एक या अधिक सेल श्रेणीक्रम में जुड़े होते हैं। उदाहरण के लिये 12 वोल्ट की बैटरी में 6 सेल श्रेणीक्रम में होते हैं। प्रत्येक सेल दो प्लेटों (धनात्मक ऋणात्मक) से मिलकर बना होता है। इन दोनों प्लेटों के बीच कोई विद्युत कुचालक रखा जाता है ताकि दोनों प्लेटे आपस में सटने न पायें। प्लेटें और उनको विलग रखने वाला कुचालक आदि सब कुछ जल और तनु गंधकाम्ल(water:acid=3:1) में डूबा रहता है (विद्युत अपघट्य)। धनात्मक प्लेट लेड पेराक्साइड (PbO2) की बनी होती है जो ऋणात्मक प्लेट लेड (Pb) होती है।





Comments दिनेश on 31-07-2021

सीसा संचायक सेल की आवेशम तथा निवेशय किया लिखिए

Asked on 17-02-2021

Sesha sanchayk sel ko anaveshit charg

Ajeet varma on 19-11-2020

सीसा sanchayak सेल को अनावेशित करने पर क्या होता है

Amit on 03-09-2020

Sisa sanchayak cell kya kary karta hai

J.k.R.. on 22-02-2020

Sisa sanchayak cell ko aaveshit karne par kya Hota hai..

Saksham Mishra on 13-12-2019

Shisha sanchayak cell ko aaveshit karne par Kya bantahai


Viresh on 21-11-2019

Shiksha sanchsyak sell ko avrshit karne par kya hogaya?

Brijesh chaudhary on 12-05-2019

Seesa sanchayak s
el ko aavesit Keane par kya hota hai



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