बृज भाषा बनाम खड़ी बोली विवाद

Brij Bhasha Banam Khadi Boli Vivad

GkExams on 25-11-2018

ब्रजभाषा मूलत: ब्रज क्षेत्र की बोली है। (श्रीमद्भागवत के रचनाकाल में "व्रज" शब्द क्षेत्रवाची हो गया था। विक्रम की 13वीं शताब्दी से लेकर 20वीं शताब्दी तक भारत के मध्य देश की साहित्यिक भाषा रहने के कारण ब्रज की इस जनपदीय बोली ने अपने उत्थान एवं विकास के साथ आदरार्थ "भाषा" नाम प्राप्त किया और "ब्रजबोली" नाम से नहीं, अपितु "ब्रजभाषा" नाम से विख्यात हुई। अपने विशुद्ध रूप में यह आज भी आगरा, हिण्डौन सिटी,धौलपुर, मथुरा, मैनपुरी, एटा और अलीगढ़ जिलों में बोली जाती है। इसे हम "केंद्रीय ब्रजभाषा" भी कह सकते हैं।


ब्रजभाषा में ही प्रारम्भ में काव्य की रचना हुई। सभी भक्त कवियों ने अपनी रचनाएं इसी भाषा में लिखी हैं जिनमें प्रमुख हैं सूरदास, रहीम, रसखान, केशव, घनानंद, बिहारी, इत्यादि। फिल्मों के गीतों में भी ब्रजभाषा के शब्दों का प्रमुखता से प्रयोग किया जाता है।




खड़ी से अर्थ है खरी अर्थात शुद्ध अथवा ठेठ हिंदी बोली। शुद्ध अथवा ठेठ हिंदी बोली या भाषा को उस समय खरी या खड़ी बोली के नाम से संबोधित किया गया जबकि हिंदुस्तान में अरबी फारसी और हिंदुस्तानी शब्द मिश्रित उर्दू भाषा का चलन था या दूसरी तरफ अवधी या ब्रज भाषा का। ठेठ या शुद्ध हिंदी का चलन न था। यह लगभग 18वी शताब्दी के आरम्भ का समय था जब कुछ हिंदी गद्यकारों ने ठेठ हिंदी में लिखना शुरू किया। इसी ठेठ हिंदी को खरी हिंदी या खडी हिंदी बोली कहा गया। खड़ी बोली से तात्पर्य खड़ी बोली हिंदी से है जिसे भारतीय संविधान ने राजभाषा के रूप में स्वीकृत किया है। भाषाविज्ञान की दृष्टि से इसे आदर्श (स्टैंडर्ड) हिंदी, उर्दू तथा हिंदुस्तानी की मूल आधार स्वरूप बोली होने का गौरव प्राप्त है। खड़ी बोली पश्चिम रुहेलखंड, गंगा के उत्तरी दोआब तथा अंबाला जिले की उपभाषा है जो ग्रामीण जनता के द्वारा मातृभाषा के रूप में बोली जाती है। इस प्रदेश में रामपुर, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, सहारनपुर, देहरादून का मैदानी भाग, अंबाला तथा कलसिया और भूतपूर्व पटियाला रियासत के पूर्वी भाग आते हैं।


खड़ी बोली वह बोली है जिसपर ब्रजभाषा या अवधी आदि की छाप न हो। ठेंठ हिंदी। आज की राष्ट्रभाषा हिंदी का पूर्व रूप। इसका इतिहास शताब्दियों से चला आ रहा है। यह परिनिष्ठित पश्चिमी हिंदी का एक रूप है।





Comments Hrmn on 17-07-2020

Braj Bhasha k aru ka khadi mein kya roop hei ?

Sonam on 17-07-2020

Brij bhasha ke shabd aruka khadi boli Hindi mein kya roop hai

Prabhjot kaur on 17-07-2020

Braj bhasha ke Shabd अरु ka Khadi Hindi Mein Kya Roop Hai

Aruuu on 17-07-2020

Aruu

Aur on 17-07-2020

Aru ko khadi hindi me kya kahte

Krishi manhas on 17-07-2020

Brj Basha ke shabd aru ka khadi boli Hindi Mai Kya arth hai


Gurpreet kaur on 17-07-2020

बृज भाषा में अरू का खड़ी बोली में क्या रूप है

Khushi on 17-07-2020

Brij bhasha ke shabd Arun ke Khadi Boli Mein Kya Roop Hai

Arman on 17-07-2020

Braj bhasa K shabd aru ka khadi boli hindi mee kya roop hai

Arman on 17-07-2020

Braj bhasha ke shabd Aru ka Khadi boli Hindi Mein Kya Roop Hai

lovepreet Singh on 17-07-2020

Baraj basha ke shabd Aru ka khadi boli hindi me kya hai

Harsh deep on 17-07-2020

Braj ਭਾਸ਼ਾ ਕੇ aruu shabad ko hindi mein kya kehte Hain


Prachi on 17-07-2020

Brajj bhasha ke shabad arru ka Khaddo boli hinde me kya roop ha

Mansi on 17-07-2020

Braj bhasha ke shabad aruu ka khari boli Hindi mein kya ruup hai

Kanisha on 17-07-2020

Brj bhasha ke shbd Aru ko khadhi Hindi Mai kya kehte hai

Manveer Singh on 10-07-2020

Braj bhasa ke shabd kuch ka khadi boli me kya roop hai

Priyanka on 18-11-2019

Khadi boli K vikas mai braj bhasha ka vogdaan

sapna kumari on 12-05-2019

braj bhasha aur khadi bhasha m antar




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