गोंडवाना हिस्ट्री इन हिंदी

Gondwana History In Hindi

GkExams on 12-05-2019

आदिवासी (जनजाति)



आदिवासियों (गोंडवाना भू-भाग के निवासियों) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि



मेरा भारतीय इतिहास से तात्पर्य नहीं है, भारतीय इतिहास में तो आदिवासी (गोंडी) गण गाथाओं का कसायल गंध भी नहीं मिलता ।



मुझे तो उस भू-भाग में पल्लवित, पुष्पित आदिम समाज की खुशबू आ रही है, जो अनंतकाल पूर्व इस श्रृष्टि की अगाध जलदाह में अंकुरित सम्पूर्ण भू-मंडल का आधे से ज्यादा हिस्सा गोंडवाना लैंड कहलाया और इसके प्रथम अधिपति गोंडवानावासी (गोंड) आदिवासी कहलाए ।



गोंडवाना लैंड की उत्पत्ति एवं विकास



आधुनिक युग में कपोल कल्पित बातों, काल्पनिक आस्था एवं तथ्यों का कोई स्थान नहीं है ।



इस युग के लोग शोधपरख ज्ञान और अनुसंधान पर विश्वास रखते हैं, विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों द्वारा ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं पुरातात्विक स्त्रोतों पर किए गए गहन शोध एवं अनुसंधानों ने यह सिद्ध कर दिया है कि धरती (पृथ्वी) की उम्र ३५ करोड़ वर्ष है, अर्थात धरती की उत्पत्ति लगभग ३५ करोड़ वर्ष पूर्व हुई ।



धरती का स्वरुप प्रारंभ में वायु की गतिशील, द्रवित, तप्त अंगार का गोला था, कालान्तर में यह तप्त अंगार का गोला ठंडा होकर धूल, मिट्टी, पत्थर, चट्टान मिश्रित भू-भाग में परिवर्तित हो गया. यह भू-भाग सम्पूर्ण सृष्टि का एक चौथाई हिस्सा निर्मित हुआ और शेष तीन चौथाई जलमग्न रहा ।



इस प्रारंभिक भू-भाग को वैज्ञानिकों दारा पेंजिया कहा गया. कालान्तर में २० करोड़ वर्ष पूर्व पेंजिया शनैः शनैः दो भागों में विखंडित हुआ ।



इस पेंजिया के विखंडित भू-खण्डों में से उत्तरी भू-खण्ड को लौरेशिया (अण्डोद्वीप) एवं दक्षिणी भू-खण्ड को गोंडवाना लैण्ड (गण्डोद्वीप) कहा गया ।





लाखों वर्षों के कालान्तर में भू-गार्भिक बदलाव के कारण गोंडवाना लैण्ड (गण्डोद्वीप) शनैः शनैः पुनः पांच भू-खण्डों में विभक्त हो गया, जिससे गोंडवाना का पंचमहाद्वीपीय- अफ्रिका, दक्षिण अमेरिका, कोयामूर, आस्ट्रेलिया एवं अंटार्कटिका बने ।



पुरातात्विक, भौगोलिक एवं मानवशास्त्रीय अनुसंधानों ने यह भी सिद्ध किया कि जीव जगत की प्रथम जीव की उत्पत्ति इस श्रृष्टि में व्याप्त सत्व तत्व मिट्टी, हवा, ऊर्जा एवं पोकरण (दलदल) से हुई ।



गोंडवाना लैण्ड में प्रथम मातृ एवं पितृ शक्तियों से विस्तारित मूल मानव वंश ही आज का आदिवासी मूलनिवासी समाज है ।



Comments Durgesh bhalavi on 23-08-2021

Dada hirashing markam konsa gain ka he

Dk on 23-08-2021

Mahatma gandi ka nara

Mahesh singh saiyam on 17-06-2021

किस ब्रिटिश भू वैज्ञानिक ने गोंडवाना इतिहास लिखा वह पुस्तक कोन सी है कृपया बताये धन्यवाद

Bijendra Singh on 12-05-2019

India mai gond kon-kon se stage mai hai



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