विश्व में कपास का उत्पादन

Vishwa Me Kapas Ka Utpadan

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 12-05-2019

उत्पादन



कपास का फूल


संयुक्त राज्य अमेरिका कपास उत्पादन का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक देश

है। यहाँ विश्व का लगभग 22% कपास पैदा किया जाता है। चीन में विश्व का 17%

कपास का उत्पादन किया जाता है। चीन

में यांग्टसी नदी की निचली घाटी तथा ह्वांग-हो नदी का ऊपरी डेल्टा प्रमुख

कपास के उत्पादक क्षेत्र हैं। भारत में 8% कपास का उत्पादन किया जाता है।

कपास उत्पादन की दृष्टि से भारत का विश्व में तीसरा स्थान है। कपास उत्पादन के प्रमुख राज्यों में क्रमशः महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा

तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रमुख हैं। अन्य उत्पादक देशों में ब्राजील का

साओपोलो क्षेत्र, मिस्र का नील डेल्टा, सूडान का जजीरा व सफ़ेद नील की घाटी

तथा पाकिस्तान आदि महत्त्वपूर्ण हैं।

कपास की क़िस्म



व्यापारिक दृष्टिकोण से भारत में मुख्यतः 14 क़िस्मों की कपास पैदा की

जाती है। इनकी अच्छाई या बुराई, उनकी मज़बूती, धागे, सूक्ष्मता, रंग,

चमक और मोटाई की प्रतिशतता पर निर्भर करती है। ये क़िस्में इस प्रकार हैं-

बंगाल, अमरीकन, धौलेरा, उमरा, भड़ौच, सूरती, कम्पना, कम्बोडिया, जयवंत,

कोमिल, दक्षिणी झेलम, मद्रास-यूगेंडा और तिरुनलवेली।



  • रेशे की लम्बाई के अनुसार कपास तीन प्रकार की होती है-


  1. छोटे रेश वाली कपास - इसका धागा 19 मिमी. से कम होता है।

    इसकी मुख्य क़िस्में चिन्नापथी, मुगरा, उमरा, कोमिला, उत्तर प्रदेश देशी,

    पंजाब देशी, राजस्थान देशी तथा मेथिओं है। इसका उत्पादन अधिकतर असम, मणिपुर, त्रिपुरा, आन्ध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और मेघालय में किया जाता है। कुल उत्पादन का 15 प्रतिशत इसी प्रकार की कपास का होता है।
  2. मध्यम रेशे वाली कपास - इसका धागा 20 मिमी. से 24 मिमी. तक

    लम्बा होता है। इसकी मुख्य क़िस्में प्रभानी, गोरानी, पंजाब, अमेरिकन,

    दिग्विजय, विजल्प, संजय, इन्दौर-2, बूडी एल-147, खानदेश, गिरनार जयधर,

    काकीनाडा, कल्याण, उत्तरी, जरीला, बीरम, मालवी, राजस्थान अमरीकन हैं। कुल

    उत्पादन का लगभग 45 प्रतिशत इस प्रकार की कपास का होता है।
  3. लम्बे रेशे वाली कपास - इसका धागा 24.5 मिमी. से 27 मिमी. तक

    लम्बा होता हैं। इसकी मुख्य क़िस्में गुजरात, देवीराज, समुद्री कपास,

    बदनावार-1, मद्रास, कम्बोडिया, सुजाता, बूडी और लक्ष्मी हैं। कुल उत्पादन

    का 40 प्रतिशत इस क़िस्म का होता है।


भारत में उत्पादक क्षेत्र



कपास का खेत


भारत में कपास की खेती का क्षेत्र अत्यन्त बिखरा हुआ है। इन क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार की जलवायु, मिट्टी

और उत्पादन की दशाएँ पायी जाती हैं। अत: प्रत्येक क्षेत्र की कपास अन्य

क्षेत्रों से भिन्न होती है और उस क्षेत्र की अवस्थाओं के अनुरूप होती है।

कपास के उत्पादन की दृष्टि से दक्षिण की काली मिट्टी का प्रदेश बड़ा

महत्त्वपूर्ण है। गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु,

महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश मिलकर देश के उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत कपास

उत्पन्न करते हैं। देश की लगभग 60 प्रतिशत कपास का उत्पादन केवल तीन

राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और आन्ध्र प्रदेश में होता है। अन्य मुख्य

उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश और हरियाणा है।


गुजरात में कुल क्षेत्र का 21.7 प्रतिशत तथा उत्पादन का 31.9

प्रतिशत मिलता है। कपास उत्पादन के क्षेत्र में इस राज्य का देश में पहला

स्थान है। समुद्रतटीय क्षेत्रों को छोड़कर मुख्यतः तीन क्षेत्रों में कपास

पैदा की जाती है। अधिकतर उत्पादन वर्षा के सहारे ही होता है। इस राज्य में छोटे व मध्यम रेशे वाली देशी कपास पैदा की जाती है-



  1. उत्तरी गुजरात के अहमदाबाद, मेहसाना और बनासकोटा ज़िलों में साबरमती नदी के पार सौराष्ट्र और उत्तरी तथा कच्छ

    में धौलेरा और बागड़ क़िस्म की कपास पैदा की जाती है। अमरेली, अहमदाबाद

    तथा दक्षिणी सौराष्ट्र में घटिया क़िस्म की कपास पैदा होती है।
  2. मध्य गुजरात के भरूंच, बड़ोदरा, खेड़ा, गोहिलवाड़, पंचमहल, साबरकांठा ज़िले में भरौंच कपास पैदा की जाती है।
  3. दक्षिणी गुजरात के सूरत और पश्चिमी ख़ानदेश ज़िलों में सूरती, नवसारी तथा अमरीकन क़िस्में पैदा की जाती है।
  4. गुजरात में माही और नर्मदा नदी के बीच के क्षेत्रों में सबसे अधिक कपास पैदा की जाती है।


महाराष्ट्र कपास के उत्पादक क्षेत्रों में प्रमुख है। यहाँ कुल

क्षेत्र का 31 प्रतिशत पाया जाता है, जबकि कुल उत्पादन का 21.7 प्रतिशत

होता है, अर्थात् उत्पादन की दृष्टि से इस राज्य का देश में दूसरा स्थान

है। यहाँ कपास जून से अगस्त तक बोयी जाती है और दिसम्बर-जनवरी तक चुन ली जाती है। यहाँ कपास का उत्पादन कई क्षेत्रों में किया जाता है-



  1. अंकोला और अमरावती ज़िलों में ऊमरा और कम्बोडिया कपास बोयी जाती है।
  2. यवतमाल ज़िले में पूसद, दरवाहा ताल्लुको में ऊमरा और कम्बोडिया कपास होती है।
  3. बुलढाना ज़िले के मल्कपुर, महकार, खामगांव और जलगाँव ताल्लुकों में ऊमरा और कम्बोडिया कपास पैदा की जाती है। इन सब ज़िलों में कपास वर्षा के सहारे पैदा की जाती है।
  4. नागपुर, वर्धा, चन्द्रपुर और छिन्दवाड़ा ज़िलों में कम्बोडिया कपास वर्षा के सहारे ही पैदा की जाती है।
  5. सांगली, बीजापुर, नासिक, अहमदनगर, गोलापुर, पुणे तथा प्रभानी अन्य उत्पादक ज़िलें हैं, यहाँ ऊमरा और खानदेशी कपास होती है। इस राज्य में 43 लाख गांठ कपास का उत्पादन होता है।


कपास के फूल


मध्य प्रदेश में जून में बुवाई की जाती है और नवम्बर से फ़रवरी तक चुनाई की जाती है। यहाँ मालावाड़ के पठार एवं नर्मदा और तापी की घाटियों में काली और कछारी मिट्टियों में इसका उत्पादन किया जाता है। पश्चिम नीमाड़, इन्दौर, रायपुर, धार, देवास, उज्जैन, रतलाम, मन्दसौर ज़िलों में ऊमरा, जरीला, बिरनार, मालवी और इन्दौरी कपास बोयी जाती है। मध्य प्रदेश में प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख गांठ कपास का उत्पादन होता है।


राजस्थान में गंग नहर क्षेत्र में श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ ज़िलें में पंजाब-देशी और पंजाब-अमरीकन; झालावाड़, कोटा, टोंक, बूंदी ज़िलों में मालवी कपास तथा भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, चित्तौड़ और् अजमेर ज़िलों में राजस्थान देशी और अमरीकन कपास बोयी जाती हैं। इस राज्य में 6 लाख गांठ कपास का उत्पादन होता है।



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