रूपक अलंकार मराठी उदाहरण

Roopak Alankar MaRaathi Udaharan

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 12-05-2019

रूपक साहित्य में एक प्रकार का अर्थालंकार है जिसमें बहुत अधिक साम्य के आधार पर प्रस्तुत में अप्रस्तुत का आरोप करके अर्थात् उपमेय या उपमान के साधर्म्य का आरोप करके और दोंनों भेदों का अभाव दिखाते हुए उपमेय या उपमान के रूप में ही वर्णन किया जाता है। इसके सांग रूपक, अभेद रुपक, तद्रूप रूपक, न्यून रूपक, परम्परित रूपक आदि अनेक भेद हैं।



उदाहरण- चरन कमल बन्दउँ हरिराई



अन्य अर्थ



व्युत्पत्ति : [सं०√रूप्+णिच्+ण्वुल्-अक] जिसका कोई रूप हो। रूप से युक्त। रूपी।



१. किसी रूप की बनाई हुई प्रतिकृति या मूर्ति।

२. किसी प्रकार का चिह्न या लक्षण।

३. प्रकार। भेद।

४. प्राचीन काल का एक प्रकार का प्राचीन परिमाण।

५. चाँदी।

६. रुपया नाम का सिक्का जो चाँदी का होता है।

७. चाँदी का बना हुआ गहना।

८. ऐसा काव्य या और कोई साहित्यिक रचना, जिसका अभिनय होता हो, या हो सकता हो। नाटक। विशेष—पहले नाटक के लिए रूपक शब्द ही प्रचलित था और रूपक के दस भेदों में नाटक भी एक भेद मात्र था। पर अब इसकी जगह नाटक ही विशेष प्रचलित हो गया है। रूपक के दस भेद ये हैं—नाटक प्रकरण, भाण, व्यायोग, समवकार, डिम, ईहामृग, अंक, वीथी और प्रहसन।

९. बोल-चाल में कोई ऐसी बनावटी बात, जो किसी को डरा धमकाकर अपने अनुकूल बनाने के लिए कही जाय। जैसे—तुम जरो मत, यह सब उनका रूपक भर है। क्रि० प्र०—कसना।—बाँधना।

१०. संगीत में सात मात्राओं का एक दो ताला ताल, जिसमें दो आघात और एक खाली होता है।


GkExams on 12-05-2019

रूपक साहित्य में एक प्रकार का अर्थालंकार है जिसमें बहुत अधिक साम्य के आधार पर प्रस्तुत में अप्रस्तुत का आरोप करके अर्थात् उपमेय या उपमान के साधर्म्य का आरोप करके और दोंनों भेदों का अभाव दिखाते हुए उपमेय या उपमान के रूप में ही वर्णन किया जाता है। इसके सांग रूपक, अभेद रुपक, तद्रूप रूपक, न्यून रूपक, परम्परित रूपक आदि अनेक भेद हैं।



उदाहरण- चरन कमल बन्दउँ हरिराई



अन्य अर्थ



व्युत्पत्ति : [सं०√रूप्+णिच्+ण्वुल्-अक] जिसका कोई रूप हो। रूप से युक्त। रूपी।



१. किसी रूप की बनाई हुई प्रतिकृति या मूर्ति।

२. किसी प्रकार का चिह्न या लक्षण।

३. प्रकार। भेद।

४. प्राचीन काल का एक प्रकार का प्राचीन परिमाण।

५. चाँदी।

६. रुपया नाम का सिक्का जो चाँदी का होता है।

७. चाँदी का बना हुआ गहना।

८. ऐसा काव्य या और कोई साहित्यिक रचना, जिसका अभिनय होता हो, या हो सकता हो। नाटक। विशेष—पहले नाटक के लिए रूपक शब्द ही प्रचलित था और रूपक के दस भेदों में नाटक भी एक भेद मात्र था। पर अब इसकी जगह नाटक ही विशेष प्रचलित हो गया है। रूपक के दस भेद ये हैं—नाटक प्रकरण, भाण, व्यायोग, समवकार, डिम, ईहामृग, अंक, वीथी और प्रहसन।

९. बोल-चाल में कोई ऐसी बनावटी बात, जो किसी को डरा धमकाकर अपने अनुकूल बनाने के लिए कही जाय। जैसे—तुम जरो मत, यह सब उनका रूपक भर है। क्रि० प्र०—कसना।—बाँधना।

१०. संगीत में सात मात्राओं का एक दो ताला ताल, जिसमें दो आघात और एक खाली होता है।



Comments Nayana on 11-11-2019

Rupak aalakar

Nayana patil on 11-11-2019

Rupak aalakar

उदाहरण on 29-09-2019

रुपक के उदाहरण

Bhoomi hirwani on 13-08-2019

Mujhe roopak alankar ki paribhasa aur udharan sara sands main chahiye

Bhoomi hirwani on 13-08-2019

Mujhe roopak alankar ki paribhasa aur udharan sara sands main chahiye

रूपक अलंकार उदाहरण in marathi on 09-07-2019

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Examples of rupak alankar in marathi

Prem on 12-05-2019

Rupak alankar example

Mangal Mangal Geet meaner,asphyxiation Raja I mukp on 19-09-2018

Mangal Mangal Geet mhane,asphyxiation rajani mukpane Konya alnkar te sanga.



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