रात्रि का तीसरा पहर

Ratri Ka Teesra Pahar

Pradeep Chawla on 22-10-2018



आठ प्रहर के नाम :
दिन के चार प्रहर- 1.पूर्वान्ह, 2.मध्यान्ह, 3.अपरान्ह और 4.सायंकाल।

रात के चार प्रहर- 5.प्रदोष, 6.निशिथ, 7.त्रियामा एवं 8.उषा।



रात का तीसरा प्रहर
रात के तीसरे प्रहर को त्रियामा कहते हैं जो बजे से रात के बजे के बीच का होता है। इस मध्यरात्रि भी कहते हैं। यह समय शुद्ध रूप से तामिसक माना गया है। यह समय पूर्ण विश्राम का ही होता है। इस प्रहर में भोजन, स्नान या ध्यान करना वर्जित है। ऐसा करने से भारी नुकसान उठाना होता है। इस प्रहर में प्रार्थना करने से वह तुरंत फलदायी होती है।





Comments जेनिष on 13-10-2021

अगर नवरात्रि के किसी दिन त्रियामा प्रहर में शप्तशती पाठ किया जाए तो क्या फल होगा

Anjana patel on 15-03-2021

Din ka tisara prahar kab
Prarambh hota hain

Dinesh on 25-01-2021

Rattree kaa Trittya pahar kaa saay

BHUMESH on 21-11-2020

MERA CHOTA KYU HAI

yanshijaiswal64@gmail.com on 23-06-2020

Mam somwar din agr humea vrat hai to agr hum rat ko spne me 1, bje ke bd hi sote hm agr hum sote hm to RT ko spne me humane chikn Ka Sevan kr liy ho to ise vrat khndir to ni hota na vese mam me chikn phle khti thi but ab ni khti

Raj on 11-02-2020

Ratri ka teesra prahar ka samay kaise
Pata lagta hai


Ghyan Singh on 11-05-2019

Tattoo ka tiara pa.kab lasts hai.



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