गाय में थनैला रोग का उपचार

Gaay Me थनैला Rog Ka Upchar

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 13-09-2018


1. पशुओं के बांधे जाने वाले स्थान/बैठने के स्थान व दूध दुहने के स्थान की सफाई का विशेष ध्यान रखें।







2. दूध दुहने की तकनीक सही होनी चाहिए जिससे थन को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।







3. थन में किसी प्रकार की चोट (मामूली खरोंच भी) का समुचित उपचार तुरंत करायें।







4. थन का उपचार दुहने से पहले व बाद में दवा के घोल में (पोटेशियम परमैगनेट 1:1000 या क्लोरहेक्सिडीन 0.5 प्रतिशत) डुबो कर करें।







5. दूध की धार कभी भी फर्श पर न मारें।







6. समय-समय पर दूध की जाँच (काले बर्तन पर धार देकर) या प्रयोगशाला में करवाते रहें।







7. शुष्क पशु उपचार भी ब्यांने के बाद थनैला रोग होने की संभावना लगभग समाप्त कर देता है। इसके लिए पशु चिकित्सक से संपर्क करें।







8. रोगी पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें तथा उन्हें दुहने वाले भी अलग हों। अगर ऐसा संभव न हो तो रोगी पशु सबसे अंत में दुहें।



Comments Parvinder on 12-05-2019

Sir gaye ke ek than me sujan aane se pani aa raha h

santosh on 12-05-2019

gay me thanaila rog ke upchar kya hai

अमोल पवार on 12-05-2019

थनैला रोग घरगुती उपाय



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