प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति

Prathmik Krishi Sakh Sahakari Samiti

GkExams on 11-01-2019

शून्‍य प्रतिशत ब्‍याज दर पर अल्‍पकालीन कृषि ऋण

वर्ष 2012-13 से प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्‍यम से कृषकों को अल्‍पकालीन फसल ऋण (राशि रू.3.00 लाख तक) 0 (शून्‍य) प्रतिशत ब्‍याज दर पर उपलब्‍ध कराया जा रहा है। इस हेतु 11 प्रतिशत बेसरेट के आधार पर राज्‍य शासन द्वारा 6 प्रतिशत् ब्‍याज सहायता एवं शेष 5 प्रतिशत् (2+3) केन्‍द्र शासन द्वारा उपलब्‍ध करायी जा रही है।

वर्ष 2012-13 से कृषकों को शून्‍य प्रतिशत् ब्‍याज दर पर उपलब्‍ध कराये गये कृषकों की संख्‍या एवं अनुदान राशि का वर्षवार विवरण निम्‍नानुसार है :-

(संख्‍या लाखों में राशि करोड़ों में)

वर्षलाभांवित किसानों की संख्‍याकिसानों को प्रदत्‍त अनुदान की राशिराज्‍य शासन द्वारा निर्गमित राशि
2012-1327.18403.85328.12
2013-1428.22494.58328.27
2014-1527.64482.12128.20
2015-1626.31438.60871.97

वर्ष 2016-17 में 30 लाख कृषकों को राशि रू. 15000.00 करोड़ के फसल ऋण वितरण का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है जिसके विरूद्ध दिनांक 10.02.2017 तक राशि रू. 10549.55 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।

मुख्‍यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना

राज्‍य शासन द्वारा लिये गये निर्णयानुसार मुख्‍यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों द्वारा रबी 2015-16 से अल्‍पा‍वधि फसल ऋण में वस्‍तु ऋण की राशि पर 10 प्रतिशतद्य अधिकतम रू.10000/- प्रति कृषक प्रतिवर्ष अनुदान देय है।


योजना अंतर्गत उन्‍हीं कृषकों को लाभ मिलेगा जिनक द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से लिये गये अल्‍पावधि ऋण में से नगद ऋण शत्- प्रतिशत् एवं वस्‍तु ऋण की 90 प्रतिशत् राशि की अदायगी ड्यू डेअ तक जमा की गई।


अनुदान वस्‍तु ऋण के 10 प्रतिशत् के आधार पर आंकलित कर खरीफ मौसम में वितरित (01 अप्रैल से 30 सितम्‍बर) ऋण का तृतीय त्रैमास एवं रबी (01 अक्‍टूबर से 31 मार्च) में वितरित ऋणों का आगामी वर्ष के प्रथम त्रैमास में अग्रिम प्रदान किया जावेगा।


रबी वर्ष 2015-16 योजनांतर्गत 6.12 लाख कृषकों को राशि रू. 88.48 करोड़ का लाभ उपलब्‍ध कराया गया है।

एकीकृत सहकारी विकास परियोजना -

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम नई दिल्ली द्वारा कृषि, उद्योग, प्रक्रिया, विपणन और उपभोक्ता क्षेत्रों में विकास के लिये योजनाऐं संचालित की जा रही है। इनमें वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण योजना एकीकृत सहकारी विकास परियोजना है। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित मदों के लिये सहायता उपलब्ध कराई जा रही है:-

क्रमांकसंस्थाओं के प्रकारउपलब्ध सहायता
01.प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थायेंबैकिंग काउंटर, गोदाम मरम्मत, नवीन गोदाम निर्माण, मार्जिन मनी।
02.विपणन समितिनवीन गोदाम, मार्किटयार्ड, ट्रक, टेंकर मार्जिन मनी, गोदाम मरम्मत
03.बगवानीहिस्सापूंजी
04.मत्स्य पालनहिस्सापूंजी, जाल किश्ती, बीज साईकिल
05.जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकबैंकिंग काउंटर, हिस्सापूंजी, लाॅकर
06.हाथकरघा (बुनकर)हिस्सापूंजी, गोदाम निर्माण, शोरूम, लूम्स एवं एसेसरीज
07.डेयरीहिस्सापूंजी, मिल्ककेन, दुग्ध संग्रह केन्द्र, पशुआहार, गोदाम
08.वनोपज, रेशम उदवहन, सिंचाई, परियोजना तथा महिला सोसायटीजअंशपूंजी एवं अन्य वित्तीय सहायता
09.मानव संसाधन विकासपी.आई.टी.कास्ट, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन
10.औद्योगिक सहकारितामार्जिन मनी

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली तथा राज्य शासन के सहयोग से पूर्ण हो चुकी 25 एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:-


(राशि लाखों में)

क्रमांकपरियोजनाशामिल जिलेलागत
01.नरसिंहपुरनरसिंहपुर748.30
02.रायसेनरायसेन734.95
03.छिन्दवाड़ाछिन्दवाड़ा1112.56
04.गुनागुना अशोक नगर,794.87
05.रतलामरतलाम1225.95
06.जबलपुरजबलपुर, कटनी1338.33
07.भिण्डभिण्ड1290.00
08.राजगढ़राजगढ़1279.00
09.खरगौनखरगौन, बड़वानी861.27
10.सीधीसीधी, सिंगरोली509.98
11.सागरसागर1600.00
12.सीहोरसीहोर1727.40
13.उज्जैनउज्जैन1675.20
14.विदिशाविदिशा1246.16
15.झाबुआझाबुआ, अलीराजपुर1235.50
16.मंदसौरमंदसौर1869.68
17.नीमचनीमच918.05
18.इंदौरइंदौर1906.78
19.बैतूलबैतूल1660.25
20.टीकमगढ़टीकमगढ़1130.74
21.खंडवाखंडवा1311.21
22.बुरहानपुरबुरहानपुर747.20
23.शहडोलशहडोल682.92
24.उमरियाउमरिया305.67
25.अनुपपुरअनुपपुर406.62
योग253028318.59

वर्तमान में संचालित परियोजनाएं

(राशि लाखों में)

क्रमांकपरियोजनाशामिल जिलेकार्यकाललागत
01.शाजापुरशाजापुर, आगरवर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक2857.10
02.रीवारीवावर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक1213.56
03.बालाघाटबालाघाटवर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक2119.05
04.होशंगाबादहोशंगाबादवर्ष 2013-14 से 31.12.2017 तक2857.59
05.हरदाहरदावर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक1502.98
06.सिवनीसिवनीवर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक2362.24
07.भोपालभोपालवर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक1445.65
08.देवासदेवासवर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक3419.95
09.शिवपुरीशिवपुरीवर्ष 2013-14 से 30.09.2017 तक2862.02
10.धारधारवर्ष 2013-14 से 31.12.2017 तक3996.50
11ग्वालियरग्वालियरवर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक1749.29
12.छतरपुरछतरपुरवर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक2500.60

निम्नानुसार 05 जिलों में परियोजनाएं प्रारंभ किये जाने हेतु परीक्षण समिति से डी.पी.आर.अनुमोदित।

क्रमांकजिला
01.मण्डला
02.मुरैना
03.पन्ना
04.सतना
05.श्योपुर

निम्नानुसार 03 जिलों में परियोजनाएं प्रारंभ किये जाने हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन

क्रमांकजिला
01.डिण्डोरी
02.दतिया
03.दमोह

सहकारी भण्डारण योजना 2012 (आर.के.व्ही.वाय.)

  1. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 1000 मेट्रिक टन क्षमता के 200 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य।
  2. योजनान्तर्गत भण्डारण क्षमता में वृद्धि प्रस्तावित 2 लाख मेट्रिक टन।
  3. योजनान्तर्गत सहकारी विभाग द्वारा शासकीय भूमि पर गोदाम निर्माण।
  4. वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक राशि रू. 56.00 करोड़ आहरित।
  5. 90 स्थानों पर गोदाम निर्माण कार्य निर्माणाधीन, जिसके विरूद्ध 80 स्थानों पर गोदाम निर्माण कार्य पूर्ण।
  6. वर्ष 2015-16 हेतु 40 गोदाम निर्माण हेतु निविदा कार्य पूर्ण।
  7. वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 के शेष रहे 70 गोदामों हेतु भूमि चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

भण्डारगृह निर्माण योजना 2012

सुदूर ग्रामीण अंचलों में कृषकों की सुविधा के उद्देश्य से भण्डारण क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर राज्य शासन ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण कराने का निर्णय लिया है। इस योजनान्तर्गत

  1. राज्य शासन द्वारा संस्थाओं को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराना। लगभग 1500 पैक्स/लेम्पस हेतु संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा निःशुल्क भूमि आवंटित।
  2. आगामी 5 वर्षों में 500 मेट्रिक टन क्षमता के 300 गोदाम निर्माण से 1.50 लाख मेट्रिक टन भण्डारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य।
  3. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम नई दिल्ली द्वारा गोदाम निर्माण लागत का 50 प्रतिशत ऋण तथा 20 प्रतिशत अनुदान एवं राज्य शासन द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान।
  4. वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में प्रदेश की 120 समितियों हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की स्वीकृति प्राप्त।
  5. निर्माण कार्य के लिये शासकीय बजट में वित्तीय वर्ष 2015-16 में राशि रू. 12.00 करोड़ का प्रावधान।
  6. निर्माणाधीन 120 गोदामों में से 66 गोदाम निर्माण कार्य पूर्ण। शेष प्रक्रियाधीन।
  7. तृतीय चरण हेतु भी 60 समितियों का चयन पूर्ण किया जाकर एन.सी.डी.सी.नई दिल्ली को राज्य शासन के माध्यम से प्रेषित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

विपणन सहकारी संस्थाओं का सुदृढीकरण

मध्यप्रदेश में 245 प्राथमिक विपणन सहकारी संस्थाऐं पंजीकृत हैं। इन संस्थाओं के सुदृढीकरण हेतु म.प्र. शासन द्वारा 3 वर्षीय योजना स्वीकृत की गई है जिसके अनुसार 3 वर्षों में 164 विपणन सहकारी संस्थाओं को अंशपूंजी व ऋण के रूप में रू. 12 लाख प्रति संस्था की दर पर कुल राशि रू.19.68 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदाय किया जाना है |





Comments Rohit chaurasiya on 03-07-2021

Dap khad len hai

form on 05-02-2021

form

Ashok Kumar verma on 06-06-2020

2हेक्टेयर जमीन पर कितना खाद मिलता है

Vikram kumar on 07-01-2020

पैक्स के कमेटी में क्या कोई ऐसा सदस्य रह सकता है जो दूसरे अभी राजनीतिक पदों पर हैं

Shambhu ray on 25-12-2019

adhaydh matdata chunege ya banayege

Krishi on 18-12-2019

Krishi disha nirdesh




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