विश्व सिनेमा का इतिहास

Vishwa Cinema Ka Itihas

Gk Exams at  2020-10-15

GkExams on 18-12-2018


जहां तक यह प्रश्न है कि सिनेमा कब और कैसे अस्तित्व में आया है तो इसके उत्तर में कहना चाहिए कि सिनेमा, सिनेमाटोग्राफ से निकला है जिसका अर्थ गतिशीलता से गुज़रना है। सिनेमा उन सभी दृश्यों के संग्रह को कहते हैं जो कैमरे द्वारा उतारे जाते हैं और फिर उनमें आवाज़ बढ़ा दी जाती है इस पूरी प्रक्रिया में जिस चीज़ की रचना होती है वह चित्रकला का उत्कृष्ट व आधुनिक नमूना होता है जो गति व संकलन के द्वारा एसी विशेषताओं से संपन्न हो जाती है जिससे दश्य ठहरा हुआ नहीं रह जाता।


अधिकांश लोगों का मानना है कि सिनेमा का अविष्कार, लोमीर ब्रदर्स अर्थात आगोस्ट और लुई ने या फिर एडीसन ने किया है। लोमीर ब्रदर्स ने वर्ष 1895 में अपनी पहली फिल्म का प्रदर्शन पेरिस में एक तहखाना किराए पर लेकर आरंभ किया। लोमीर ब्रदर्स और एडीसन के अविष्कारों में अंतर यह था कि एडिसन की मशीन बाइस्कोप की तरह थी जबकि लोमीर ब्रदर्स की मशीन वर्तमान मशीन की भांति ही थी। वर्ष 1929 में फिल्मों में संवाद के प्रवेश के साथ ही इस उद्योग में क्रांति आ गयी। चित्रों के साथ आवाज को भी रिकार्ड करने का विचार सब से पहले एडिसन के मन में आया और उन्होंने कैमन ग्राफ नामक एक साधन बना कर इस काम में सफलता भी प्राप्त की।


कई दशक बीत जाने और बड़े बड़े आर्थिक संकटों और दो विश्व युद्धों के बाद टीवी ने सिनेमा के दर्शकों को अपना लिया। यही कारण था कि बीसवीं शताब्दी के मध्य में सिनेमा ने दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए नये नये तरीके खोजे। सिनेमा में रंग की वृद्धि तथा चित्रों के आकार में परिवर्तन और सिनेमास्कोप उन शैलियों में शामिल हैं जिनके बाद सिनेमा उद्योग में पुनः क्रांति आयी और उसके दर्शकों में भी वृद्धि हुई किंतु इसके बावजूद सिनेमा को अपना अस्तित्व बचाए रखने के लिए अधिक विस्तार व प्रगति की आवश्यकता थी और उसे तकनीकी दृष्टि से अधिक आधुनिकता की ओर बढ़ना था।


बीसवीं शताब्दी के अंतिम दशकों और वर्तमान शताब्दी के प्रथम दस वर्षों में आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय लोगों ने अपनी रचनात्मकता को दर्शकों के सामने पेश किये और इस प्रकार से वह अपनी कला और सिनेमा को विश्व के कोने कोने तक पहुंचाने में सफल रहे और दर्शक थियेटरों तक खिंचे चले आए। दूसरी ओर विषय और उसके स्तर में भी परिवर्तन और आकर्षण नज़र आया। सिनेमा ने अपनी इस यात्रा में कहानी, प्रदर्शन, संगीत, व्यंग्य तथा इफेक्ट जैसी चीज़ों से भरपूर लाभ उठाया और समाजों को बदलने में मुख्य भूमिका निभाई। यहां तक के आज की सभ्यता की एक विशेषता तथा आधुनिकता की एक पहचान के रूप में सिनेमा को देखा जाने लगा।



Comments Roshani on 23-08-2020

Cinema ka mul
rup se kisne aviskar kiya

Rita on 07-07-2020

Sinema ka vikas yatra

Rita on 07-07-2020

Sinema ki vikas yatra

sachin on 12-02-2020

pahli film arivhal of the train h

Shobha saini on 12-05-2019

विशव की सबसे पहली फिल्म कौन सी है?



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