कबीर की साखी अर्थ सहित

Kabir Ki Sakhi Arth Sahit

Gk Exams at  2018-03-25

Pradeep Chawla on 13-09-2018


Check link below -



https://vimisahitya.wordpress.com/2008/07/31/kabir_saki1/

Pradeep Chawla on 12-05-2019

ronniedey January 29, 2018 CBSE Poems, IX, Poets

कक्षा – 9 ‘अ’ क्षितिज भाग 1 पाठ 1



साखियाँ एवं सबद- कबीर





कबीर की “साखियाँ” का संक्षिप्त सारांश (Kabir Das Sakhi Summary in Hindi) :-



यहाँ संकलित साखियों में कबीर जी ने जहाँ एक ओर प्रेम की महत्ता का गुण गान काफी बढ़ चढ़कर किया है वहीँ दूसरी और उन्होंने एक आदर्श संत के लक्षणों से हमें अवगत कराया है। उन्होंने संत के गुणों को बताते हुए ये कहा है की सच्चा संत वही है जो धर्म, जाती आदि पर विस्वास नहीं करता। उनके अनुसार इस सम्पूर्ण जगत में ज्ञान से बढ़ कर और कुछ भी नहीं है। उन्होंने ज्ञान की महिमा के बारे में बताते हुए कहा है की कोई भी अपनी जाती या काम से छोटा बड़ा नहीं होता बल्कि अपने ज्ञान से होता है। उन्होंने अपने साखियों में उस समय समाज में फैले अंधविस्वास तथा अन्य त्रुटियों का खुल कर विरोध किया है।





कबीर के दोहे “सबद” का संक्षिप्त सारांश (Kabir Das Sabad Summary in Hindi) :-



अपने पहले सबद में कबीर ने जहाँ एक और उस समय समाज में चल रहे विभिन्न आडम्बरों का विरोध किया है वहीँ दूसरी और हमें इस्वर को खोजने का सही रास्ता दिखाया है। उनका मानना है की इस्वर मंदिर मस्जिद में नहीं बल्कि खुद हमारे अंदर बस्ते हैं।



Comments mayra on 05-07-2019

k

Payal on 12-05-2019

Kabir ji ka janm kb hua



आप यहाँ पर कबीर gk, साखी question answers, सहित general knowledge, कबीर सामान्य ज्ञान, साखी questions in hindi, सहित notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Total views 387
Labels: , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।
आपका कमेंट बहुत ही छोटा है



Register to Comment