वित्तीय प्रशासन की अवधारणा एवं महत्व

Vittiya Prashasan Ki Avadharanna Aivam Mahatva

Pradeep Chawla on 12-05-2019

वित्तीय प्रशासन (Financial Administration) शब्द का प्रयोग व्यापक अर्थ में किया जाता है। इसमें वे सब प्रक्रियायें सम्मिलित की जाती हैं जो कि निम्न कार्यों को सम्पन्न करने में उत्पन्न होती हैः

सरकारी धन के संग्रह, बजट-निर्माण, विनियोजन तथा व्यय करने में, आय तथा व्यय, और प्राप्तियों एवं संवितरणों का लेखा-परीक्षण करने में परिसम्पत्तियों (Assets) तथा देयताओं (Liabilities) और सरकार के वित्तीय सौदों का हिसाब-किताब रखने में और आमदनियों व खर्चों, प्राप्तियों व संवितरणों तथा निधियों (Funds) व विनियोजनों (Appropriations) की दशा के संबंध में प्रतिवेदन-लेखन (Reporting) में।

वित्त के बिना सरकार अपने उद्देश्य में पूर्णतः सफल नहीं हो सकती। प्रशासन के लिये वित्त की इतनी अधिक महत्ता होने के कारण वित्त के प्रशासन का अध्ययन भी अत्यन्त महत्वपूर्ण हो गया है। जो सरकार वित्तीय प्रशासन की एक सन्तोषजनक व्यवस्था का निर्माण कर लेती है वह अपने कार्यों का प्रबन्ध कुशलता के साथ करने की दिशा में काफी आगे बढ़ जाती है। इस प्रकार वित्तीय प्रशासन, जोकि एक सी व्यवस्था तथा रीतियों का निर्माण करता है जिनके द्वारा लोक सेवाओं के संचालन के लिये धन प्राप्त किया जाता है, व्यय किया जाता है और उसका लेखा रखा जाता है, आधुनिक सरकार का हृदय माना जाता है।


वित्तीय प्रशासन एक ऐसी गतिशील प्रक्रिया है जो कि निम्नलिखित संक्रियाओं (Operations) की एक सतत शृंखला का निर्माण करती है -

  • (1) आय तथा व्यय की आवश्यकताओं के अनुमान लगाना-अर्थात् ‘बजट बनाना’
  • (2) इन अनुदानों के लिए व्यवस्थापिका की अनुमति प्राप्त करना- अर्थात् ‘बजट की विधायी अनुमति’
  • (3) आय तथा व्यय की क्रियाओं को कार्यान्वित करना- अथवा ‘बजट को कार्यान्वित करना’
  • (4) वित्तीय व्यवस्थाओं का राजकोषीय प्रबंन्धन (Treasury Management of the Finance)।
  • (5) इन संक्रियाओं की विधायी उत्तरदायिता (Legislative Accountability) अर्थात् समुचित रूप से हिसाब-किताब रखना और उस हिसाब-किताब का परीक्षण करना।

वित्तीय प्रशासन में ऊपर बताई गई प्रक्रियायें सम्मिलित हैं। ये वित्तीय क्रियायें निम्नलिखित अभिकरणों (Agencies) द्वारा सम्पन्न की जाती हैं-

  • (क) व्यवस्थापिका अथवा विधान-मण्डल (The Legislature),
  • (ख) सरकार की कार्यपालिका शाखा (The Executive),
  • (ग) राजकोष अथवा वित्त विभाग (Treasury and Finance Department),
  • (घ) लेखा-परीक्षण विभाग (Audit Department),

वित्तीय प्रशासन का संचालन तथा नियन्त्राण इन्हीं अभिकरणों द्वारा किया जाता है।





Comments उषा on 12-05-2019

वितिय प्रशासन की अवधारणा एवम महतव



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