हाफ वेव रेक्टिफिएर थ्योरी इन हिंदी

Half Wave रेक्टिफिएर Theory In Hindi

Gk Exams at  2018-03-25

Pradeep Chawla on 20-10-2018


हाफ–वेव रेक्टिफायर (Half-wave Rectifier)
केवल एक डायोड का रेक्टिफायर सर्किट, हाफ वेव रेक्टिफायर कहलाता है क्योंकि यह सर्किट ए0सी0 की केवल आधी तरंग के लिए (पॉजिटिव हाफ साईकिल) ही आउटपुट देता है।

डायोड को ए0सी0 वोल्टेज ट्रांसफार्मर या मेन रेसिस्टर तथा लोड रेसिस्टर के द्धारा दी जाती है।एनोड सर्किट में करंट प्रवाह प्रत्येक इनपुट साईकिल के केवल आधे समय के लिए होता है क्योंकि एनोड करंट तभी बहेगी जबकि एनोड कैथोड की अपेक्षा पॉजिटिव विभव पर होगा । जब एनोड कैथोड की अपेक्षा नेगेटिव विभव पर होगा तब एनोड करंट का मान शून्य होगा, क्योकि नेगेटिव एनोड और नेगेटिव इलैक्ट्रॉन्स के बीच आकर्षण नही होता।इस प्रकार आल्टरनेटिंग करंट एक दिशा में बहने वाली करंट (डी0सी0) में परिवर्तित हो जाती है। बहुत से इलैक्टोन्स छोड़ देने के कारण कैथोड पॉजिटिव आवेश पर आ जाता है इसीलिए आउटपुट डी0सी0 के लिए कैथोड पॉजिटिव टर्मिनल का कार्य करता है। इलैक्ट्रॉन्स प्रवाह एनोड से ट्रांसफार्मर लोड रेसिस्टर तथा डायोड में से होता हुआ अपना सर्किट पूरा करता है जबकि करंट प्रवाह इस दिशा के विपरीत दिशा में होता है।

हाफ–वेव रेक्टिफायर (Half-wave Rectifier)

जैसा की चित्र में दिखाया गया है आउटपुट करंट का मान शून्य से अधिकतम और अधिकतम से शून्य के बीच एक ही दिशा में घटता बढ़ता है। करंट मान इस प्रकार का घटाव बढ़ाव रिपिल(Ripple)कहलाता है। आउटपुट डी0सी0 की रिपिल फ्रीक्वेन्सी (Ripple frequency) सप्लाई फ्रीक्वेन्सी के तुल्य (सामान्यतः 50 हर्ट्ज) होती है । एनोड करंट के एम्पलीट्यूड में होने वाले उपरोक्त परिवर्तन पल्सेशन्स (Pulsations) कहलाते है और इस पार्क की डी0सी0 पल्सेटिंग डी0सी0 (Pulsating D.C.) कहलाती है। पल्सेटिंग डी0सी0 को सरल डी0सी0 (smooth d.c.) में परिवर्तित करने के लिए फ़िल्टर सर्किट लगाये जाते है।



Comments varsha on 12-08-2018

Rectifier



आप यहाँ पर हाफ gk, वेव question answers, रेक्टिफिएर general knowledge, हाफ सामान्य ज्ञान, वेव questions in hindi, रेक्टिफिएर notes in hindi, pdf in hindi आदि विषय पर अपने जवाब दे सकते हैं।

Total views 542
Labels: , ,
अपना सवाल पूछेंं या जवाब दें।
आपका कमेंट बहुत ही छोटा है



Register to Comment