सुचालक और कुचालक में अंतर

Suchalak Aur Kuchalak Me Antar

Pradeep Chawla on 12-05-2019

चालक/conductor

वे पदार्थ, जिनके परमाणुओं के बाहरी कक्ष में 4 से कम (1,2 या 3) इलेक्ट्रान होते हैं, चालक कहलाते हैं।
कुछ पदार्थों में, जेसे कॉपर, लोहा, एल्युमीनियम आदि में 8 के आधे से भी कम यानि 3,2, अथवा 1 इलेक्ट्रान होते हैं। अतः ये पदार्थ अपने बाहरी कक्षा के इलेक्ट्रान को बाहरी ऊर्जा(वोल्टेज) मिलने पर आसानी से छोड़ देते हैं, जिसकी वजह से इन पदार्थों में इलेक्ट्रान का बहाव अच्छा होता है। अतः ये पदार्थ विधुत के अच्छे चालक होते हैं और चालक/conductor कहलाते हैं। सभी धातु चालक होते हैं। जिस चालक के सबसे बाहरी कक्ष में केवल एक इलेक्ट्रान होता है, उसका परमाणु अपने इलेक्ट्रान को कम ऊर्जा मिलने पर सबसे आसानी से मुक्त करता है। अतः वह सबसे अच्छा चालक होता है। ऊपर दिए गये चित्रों के माध्यम से हम समझ सकते हैं की कॉपर(तांबा), लोहे और एल्युमीनियम से अच्छा चालक है। अपने घरों में भी हम अच्छी बिजली सप्लाई के लिए एल्युमीनियम की जगह कॉपर की तारों का इस्तमाल करतें हैं।

कुचालक/insulator

वे पदार्थ, जिनके परमाणुओं की बाहरी कक्षा (valency band) में 4 से अधिक (5,6,7 अथवा 8) इलेक्ट्रान होते हैं, कुचालक कहलाते हैं। [नोट: जिनके बाहरी कक्ष में 8 इलेक्ट्रान होते हैं, वे गैस(वायु) के रूप में उपस्थित रहते हैं। अतः हम यहाँ उनकी चर्चा नहीं करेंगे] 6 इलेक्ट्रान वाले पदार्थ, 5 इलेक्ट्रान वाले पदार्थ से अधिक कुचालक होते हैं, जबकि 7 इलेक्ट्रान वाला पदार्थ, 5 और 6 वाले से अधिक कुचालक होता है। क्योंकि सभी प्रकार के परमाणुओं में सबसे बाहरी कक्ष में 8 इलेक्ट्रान पूरे करने की प्रवृति होती है, इसलिए ये पदार्थ 5,6 अथवा 7 इलेक्ट्रान छोड़ने की जगह 3,2 अथवा 1 इलेक्ट्रान पाने की कोशिस करते हैं। इलेक्ट्रान ना छोड़ने की प्रवृति के कारण ही ये पदार्थ कुचालक की श्रंखला में आते हैं, जेसे sulfure, arsenic आदि। यह अवश्यक नहीं की कुचालक किसी एक ही पदार्थ से बना हो। हमारे आस-पास बहुत सी ऐसी वस्तुएं हैं, जो अलग-अलग पदार्थों से मिल कर बनी हैं, जेसे प्लास्टिक, कागज, रबर, कपड़ा आदि। अतः अलग-अलग पदार्थों को मिलाकर भी कुचालक बनाये जा सकते हैं। क्योंकि कुचालक पदार्थों से विधुत प्रवाह नहीं होता है, इसलिए बिजली के उपकरणों पर काम करते समय रबर के दस्ताने और जूते पहने जाते हैं।

अर्धचालक/semiconductro

जिन पदार्थों के परमाणु की आखरी कक्षा (valency band) में 4 इलेक्ट्रान होते हैं, वे अर्धचालक कहलाते हैं।
चित्र में तीन अर्धचालक (सिलिकॉन, जर्मेनियम और कार्बन) के परमाणु दिखाए गये हैं। साधारण तापमान पर ये पदार्थ कुचालक की तरह व्यवहार करते हैं, अर्थात ये अपने इलेक्ट्रान को आसानी से नहीं छोड़ते हैं, परन्तु तापमान बढ़ने पर बाहरी कक्ष के इलेक्ट्रान और nucleus के बीच का बंध कमजोर हो जाता है और पदार्थ किसी चालक की तरह व्यवहार करते हैं। कुछ अन्य पदार्थों के मिश्रण से अर्धचालकों को चालक की तरह स्तेमाल किया जा सकता है।



Comments Âbhîshêk sen on 01-12-2021

Suchlk or kuchalk me antar bataiye

Prakash Seth on 27-08-2021

कुचलक और सुचालक में अंतर 5

Hafsa yameen on 20-05-2021

ऊष्मा चालक और ऊष्मा रोधी (कुचालक )में अंतर बताइए

Hafsa yameen on 20-05-2021

Coprime number kya h

Suchalak kuchalak mein antar on 13-01-2020

Suchalak vah kuchalak mein antar

DILIP MANGAL on 09-12-2019

Mika k bar m


Sumit Yadav on 20-11-2019

Sadharan Namak shakkar donon hi jal mein vilay Hain Kaun sa villain Vidyut ka suchalak hota hai

Pawan on 16-10-2019

कोन सा ऊष्मा का अच्छा चालक है
अ़) पानी ब) जिंक स) एल्कोहॉल द) हाइड्रोजन

Hemraj lodhi on 25-07-2019

चालाक एवं कुचालक में अंतर

ठछूणण on 25-07-2019

कुचालक सुचालक में अंतर

K K M on 15-06-2019

विधुत वाहक बल विमियऍ सुत्र बताते हुए परिभाषा दे।

suchalak wa kuchalak mai antar spast kijiy on 30-05-2019

suchalak wa kuchalak mai antar spast kijiy


Suraj on 12-05-2019

Suchaalak our kuchalk me antar bataao

Mahendra on 12-05-2019

Kuchalak padarth kon kon se hai

अजय on 12-05-2019

सुचालक और कुचालक में अन्तर

Rohit on 28-03-2019

Suchalak ke example

Himanshu on 16-02-2019

Sucalak are kucalak kya hote hai

Razz roshan on 02-12-2018

Chalak aur kuchalak me anter


Jitnder Rana on 28-11-2018

सुचालक पदार्थ क्या है



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