प्रश्न पूछने का कौशल

Prashn Puchhne Ka Kaushal

Gk Exams at  2020-10-15

Pradeep Chawla on 13-09-2018

यदि शिक्षकों को अपने शिक्षण को प्रभावी बनाना है तो उन्हें प्रश्नीकरण कौशल का प्रभावी ढंग से प्रयोग सीखना ही होगा। एक अच्छा शिक्षक प्रश्नों के माध्यम से छात्रों के विचार मंथन की प्रक्रिया को शुरू कर सकता है तथा उनकी झिझक को दूर करते हुए उनकी सोच को विस्तृत परिप्रेक्ष्य प्रदान कर सकता है। उक्त बातें सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ बिहार की वर्कशॉप में व्याख्यान के लिए आए डॉ. शकुन्तला मिश्रा नेशनल रिहैबलिटेशन यूनिवर्सिटी, लखनऊ से डॉ. कौशल शर्मा ने कहा।

ग़ौरतलब है कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ बिहार द्वारा भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना ‘पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन’ के अंतर्गत आयोजित इस वर्कशॉप का आयोजन 24 से 26 अगस्त तक एक होटल में किया जा रहा है। इसमें विभिन्न राज्यों के 40 प्रतिभागियों का चयन किया गया है।
वर्कशॉप के दूसरे दिन में फ़र्स्ट सेशन की शुरुआत प्रतिभागियों द्वारा पहले दिन सीखे गए कौशलों की विवेचना के साथ हुई। वर्कशॉप के दूसरे दिन फ़र्स्ट सेशन में प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर प्रो. कौशल किशोर ने अपने संबोधन में कक्षा में प्रश्नों की महत्ता, प्रश्नों के प्रकार पर चर्चा करते हुए कहा कि पहली बात तो शिक्षक क्लास में स्टूडेंट्स को अधिक से अधिक प्रश्न पूछने के लिए वातावरण उपलब्ध नहीं कराते हैं। यदि कभी कुछ विद्यार्थी प्रश्न करते भी है तो वे संज्ञानात्मक पक्ष के निम्न स्तरों ज्ञान व बोध तक ही सीमित रहते हैं। जबकि विद्यार्थियों में उच्चस्तरीय क्षमताओं के विकास के लिए विश्लेषण-संश्लेषण, मूल्यांकन आदि स्तर के प्रश्नों का आना अनिवार्य है।




Comments Nitesh kumar on 01-01-2020

Prasnikaran ki prakriya me teacher ki bhumika

Sweta on 25-09-2019

Prasnotar koushal kaise Banat hai

Adip on 25-09-2019

Parson kuasal

jyoti on 19-09-2018

visya bhimukh kausaly account ma kai ritna banavvu pls video muko gujarati ma



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