मैडम क्यूरी की शिक्षा

Madam Cury Ki Shiksha

Pradeep Chawla on 12-05-2019

मैरी स्क्लाडोवका क्यूरी को Marie Curie के नाम से जाना जाता है, पढ़िए इनकी biography, education, marriage, death और quotes – Hindi में | Madame curie Russia की रहने वाली थीं। इनका पूरा नाम “मारिया स्कोलोडोवस्का क्‍यूरी” था । Madame curie का birth 7th of november, 1867 में Poland की राजधानी “वारसा” में हुआ था। Madame curie के माता और पिता दोनों हीं अध्यापिका और प्रोफेसर थे। माँ-बाप की शिक्षाओं का असर उनकी बेटी “मैडम क्युरी” पर भी पड़ा। मैडम क्युरी के पिता देश-प्रेमी थे इसलिए जनता के साथ हो रहा अन्याय उनको बिलकुल भी पसंद नही था । इसके लिए वे हमेशा बगावत पर उतर आते थे और उनकी इसी विद्रोहात्मक नीति के वजह से उनकी तनख्वाह आधी कर दी गई थी। मैडम क्युरी की माँ की बेवक़्त मौत हो जाने की वजह से उनके family की आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा बिगड़ गई थी।


Biography of Madame Curie in Hindi


मेडम क्यूरी की शिक्षा / Education of Madame Curie

मैरी क्युरी बचपन से ही पढ़ाई काफी intelligent थीं। अपने माँ-पिता के मदद से और पढाई में interest होने की वजह से मैरी क्युरी सभी कक्षाओं में अवल्ल रहती थी। मैरी क्युरी के time में वारसा विश्वविद्यालय (Warsaw University) में महिलाओं के admission पर restriction था ।


घर का financial condition खराब होने के कारण मैडम क्युरी अपने आगे की पढ़ाई के लिए अपनी बहन के पास Paris चली गई । Paris के एक school में मैडम क्युरी का admission हो गया । स्कूल में मैडम क्युरी ने अपने बलपर कई सरे scholarship प्राप्त की जिससे अपनी पढाई के खर्च निकल जाता था और उनकी बहन का बोझ हल्का हो गया । उसके बाद मैडम क्युरी ने france से डॉक्टरेट की पढ़ाई की । France से Doctorate पूरा करने वाली प्रथम महिला “मैडम क्युरी” हीं हैं। Paris University की first female professor बनने का गौरव भी मैडम क्युरी को हीं मिला । 1903 में इन्होने P.H.D पूरी की ।


मैडम क्युरी और पियरे क्यूरी


Paris में एक professor ने जिनका नाम प्रो. गैब्रियल लिपमैन था, मैडम क्युरी की मुलाकात “पियरे क्यूरी” से करवाई जो की उस समय के Physics और Chemistry department के trainer थे। प्रो. गैब्रियल लिपमैन ने पियरे क्यूरी से कहा की मैडम क्युरी एक बहुत होनहार और मेहनती लड़की है, परन्तु इसके पास प्रयोग करने के लिए कोई lab नहीं है । उन्होंने कहा की यदि आप इनकी कुछ Help कर दें तो आपकी बहुत मेहरबानी होगी । पियरे क्युरी ने मैडम क्युरी को अपने हीं lab में अपना partner बना कर रख लिया ।


एक साथ काम करते करते दोनों के बीच प्यार की भावना जागी और फिर दोनों ने शादी कर ली । इस Scientific couple ने मिलकर सन 1898 में “पोलोनियम” की खोज की। फिर कुछ ही month के बाद इन्होने “रेडियम” की भी खोज की। जो की Medical science और diseases के treatment के लिए एक बहुत हीं महत्वपूर्ण खोज साबित हुई। 1903 में इस couple को Radio-activity की खोज के लिए भौतिकी का Nobel Prize दिया गया । सन 1911 में in दोनों को chemistry के field में रेडियम के शुद्धीकरण के लिए रसायनशास्त्र का Nobel prize भी मिला। science के दो branches में Nobel Prize पाने वाली “मैडम क्युरी” पहली महिला वैज्ञानिक हैं।


ये couple दुनिया के शायद ऐसे couple होंगे, जहां दोनों को ही Nobel Prize से नवाजा गया है । पियरे क्युरी की बेवक्त मृत्यु हो जाने से मैडम क्युरी की जिम्मेदारियां और भी बढ़ गई । मैडम क्युरी की दो बेटी थी बड़ी बेटी का नाम आइरीन और छोटी बेटी का नाम ईव था । पति के नोट के बाद अपनी दोनों बेटीयों का future और पति के सपनो को पूरा करना मैडम क्युरी का लक्ष्य बन गया था।


मैडम क्युरी की बेटीयों को भी Nobel prize से नवाज़ा गया था । सन 1935 में उनकी बड़ी बेटी को Chemistry में Nobel prize मिला था और सन 1965 में उनकी छोटी बेटी को शांति के लिए Nobel prize मिला था । मैडम क्युरी का family हीं इकलौता ऐसा family है जिसके सभी members को Nobel prize प्राप्त हुआ है।


मैडम क्युरी का योगदा / Contribution of Madame Curie


मैडम क्युरी के कई सारे योगदान रहे है :-

  • मैडम क्युरी ने Paris में Curie Foundation का गठन किया जिसकी director उन्होंने अपनी बहन ब्रोनिया को बनाया ।
  • अमेरिका के राष्ट्र-पति द्वारा मैडम क्युरी को रेडियम की वह अनमोल धातु प्रदान किया गया जो की पूरी दुनिया में बहुत हीं कम और मूल्यवान वस्तु है। साथ हीं ये भी कहा गया की इस अनमोल धातु पर मैडम क्युरी के बाद उनकी बेटियों का हक़ होगा। परंतु मैडम क्युरी ने इस धातु को france की एक laboratory में जमा करा दिया। और ये कहा की इसका उपयोग केवल Public Benefits के लिए संसार भर में किया जायेगा।
  • मैडम क्युरी ने Xenia’s Hospital में बच्चों की इलाज के लिए भी बहुत पैसो का दान दिया था ।
  • सन 1914 में हो रहे world War में पीड़ितो की सहायता हेतु इन्होने स्वीडन में भी दान दिया।
  • यही नहीं इन्होने युद्ध के मोर्चों पर खुद जा कर वहां रेडियम और X-rays treatment के कई सरे Center खोले।

मृत्यु / Death of Madame Curie


कहा जाता है की परिश्रमी तथा लगातार काम करते रहने की वजह से 4 जुलाई 1934 में ही excess radiation के effect के कारण मैडम क्युरी की मृत्यु हो गई । कहते है की research के वक्त मैडम क्युरी कभी भी अपने health पर ध्यान नहीं दिया करती थी। यही कारण है की वे बहुत जल्दी मौत के करीब चली गई ।


मैडम क्यूरी के कुछ अनमोल विचार / Madame Curie’s Quotes


“जीवन में कुछ भी नहीं जिससे डरा जाए। आपको बस यही समझने की ज़रुरत है”।


“रेडियम किसी को समृद्ध बनाने के लिए नहीं है। यह तत्व सभी लोगों के लिए है”।


“उन लोगों में से एक बनिए जिन्हें कर्म में ही सुंदरता दिखती है। जैसे मुझे साइंस से ज्यादा खूबसूरत कुछ नहीं लगता है”।


“किसी चीज़ की गहराई को तभी समझ पाएंगे जब आपके पास पूरी आज़ादी हो”।


“आगे बढ़ने का रास्ता न ही आसान होता है और न छोटा, पर नतीजे अच्छे मिलते हैं”।



Comments Pdf on 17-12-2020

Madame Curie jivan Parichay Shiksha Diksha ka aavishkar Nobel puraskar



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