आचार्य रामचंद्र शुक्ल की रचनाएँ

Aacharya Ramchandra Shukl Ki Rachnayein

GkExams on 12-05-2019

आचार्य रामचंद्र शुक्ल (४ अक्टूबर, १८८४- २ फरवरी, १९४१) हिन्दी आलोचक, निबन्धकार, साहित्येतिहासकार, कोशकार, अनुवादक, कथाकार और कवि थे। उनके द्वारा लिखी गई सर्वाधिक महत्वपूर्ण पुस्तक है हिन्दी साहित्य का इतिहास, जिसके द्वारा आज भी काल निर्धारण एवं पाठ्यक्रम निर्माण में सहायता ली जाती है। हिंदी में पाठ आधारित वैज्ञानिक आलोचना का सूत्रपात उन्हीं के द्वारा हुआ। हिन्दी निबन्ध के क्षेत्र में भी शुक्ल जी का महत्वपूर्ण योगदान है। भाव, मनोविकार संबंधित मनोविश्लेषणात्मक निबंध उनके प्रमुख हस्ताक्षर हैं। शुक्ल जी ने इतिहास लेखन में रचनाकार के जीवन और पाठ को समान महत्व दिया। उन्होंने प्रासंगिकता के दृष्टिकोण से साहित्यिक प्रत्ययों एवं रस आदि की पुनर्व्याख्या की।

शुक्ल जी की कृतियाँ तीन प्रकार की हैं।



मौलिक कृतियाँ तीन प्रकार की हैं--

आलोचनात्मक ग्रंथ : सूर, तुलसी, जायसी पर की गई आलोचनाएं, काव्य में रहस्यवाद, काव्य में अभिव्यंजनावाद, रस मीमांसा आदि शुक्ल जी की आलोचनात्मक रचनाएं हैं।

निबंधात्मक ग्रंथ : उनके निबंध चिंतामणि नामक ग्रंथ के दो भागों में संग्रहीत हैं। चिंतामणि के निबन्धों के अतिरिक्त शुक्लजी ने कुछ अन्य निबन्ध भी लिखे हैं, जिनमें मित्रता, अध्ययन आदि निबन्ध सामान्य विषयों पर लिखे गये निबन्ध हैं। मित्रता निबन्ध जीवनोपयोगी विषय पर लिखा गया उच्चकोटि का निबन्ध है जिसमें शुक्लजी की लेखन शैली गत विशेषतायें झलकती हैं। क्रोध निबन्ध में उन्होंने सामाजिक जीवन में क्रोध का क्या महत्व है, क्रोधी की मानसिकता-जैसै समबन्धित पेहलुओ का विश्लेश्ण किया है।

ऐतिहासिक ग्रंथ : हिंदी साहित्य का इतिहास उनका अनूठा ऐतिहासिक ग्रंथ है।

अनूदित कृतियां

शुक्ल जी की अनूदित कृतियां कई हैं। शशांक उनका बंगला से अनुवादित उपन्यास है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अंग्रेज़ी से विश्वप्रपंच, आदर्श जीवन, मेगस्थनीज का भारतवर्षीय वर्णन, कल्पना का आनंद आदि रचनाओं का अनुवाद किया।



Comments Acharya Sukal ki rachnaye on 30-06-2021

Acharya Sukal ki rachnaye

RAJAT Giri on 09-03-2021

Ramchandra shukla ki 2 rachnao ke nam

Loknath on 13-02-2021

Aacharya ramchandra Shukla ji ki lekhak rachnayen

Ashish pal on 27-01-2021

Pal

dlharm on 19-01-2021

Chandrashekhar ke rachnaon ka naam

Shivam yadav on 20-12-2020

Acar ramchand sukal ke racna


Devendra lodhi on 26-11-2020

Achary ramchandra shukl ki do rachanaatmak

Ajay bhalerav on 22-11-2020

Yy

Payal on 18-10-2020

Acharya ramchandra shukl ki rachnaye

Aryan sharma on 21-09-2020

Ramchandra shukla ji ki koi do rachnae

Vishal choudhary on 01-09-2020

Kon सी रचना आचार्य राम चन्द्र शुक्ल जी का नहीं है

Deepak on 29-08-2020

Kon so rachna achariya
Ramchandr sukal ji ki nhi he


No on 14-08-2020

Aacaray ram chandra sulk ke racnay

Vinay kumar bharti on 26-04-2020

Aachar ramchandra sukl ki pramukh rachnaye kaun si hai

Shivraj on 01-03-2020

आचार्य रामचंद्र शुक्ल की रचनाएं कौन-कौन सी है

Manvvar ali on 17-02-2020

Achaarya ramchandar ki rachna ke naam bataya

पर्यायवाची on 19-01-2020

Poochh Ke Char paryayvachi Shabd kaun kaun se Hain

Birendra on 19-01-2020

Aaj aacharya ramchandra Shukla ki rachna


Prerna Agarwal on 08-01-2020

Lajja aur glani nibandh ka prakashan kab hua

Akhil on 08-12-2019

Kritiyan aur rachnaen

Ram Chandra Shukla ka sahittik avdan ? on 11-10-2019

Ram Chandra Shukla ka sahittik Avdan

Deepak on 30-08-2019

Kya saraswati name se koi book Ramchandr shukl ji ne likhi h

Subhan on 06-08-2019

Inka mehtan nhi.mil rha

Sumit kumar on 03-08-2019

Sir rachnaye nahi nahi hai
Confirm

Madan lal salvi on 14-07-2019

Yadi sukl ka dyan hindi sahitya par nahi jata to sahity kis kagar par hota

tatty on 09-07-2019

I am your brother and I will be able to get the best way

Bimla on 05-07-2019

Ramchandra shukl ki koi 2 rachanaye bataiye

rozz on 12-05-2019

Ramchandre sukla ki racnaye

Rachnaye on 08-04-2019

Rachnaye

Narendra on 03-03-2019

Sukh Sagar kiska hai


Jitendra on 25-02-2019

Racnaye kese likhe

Acharya Ramchandra Shukla ki sari Rachna hai on 15-12-2018

Ramchandra Shukla ki sari Rachna hai

Ashish sahu on 21-08-2018

Ramchandra shukla ki rachnaye



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