सिद्ध कीजिए कि पद्माकर रस सिद्ध कवि है

Siddh Kijiye Ki Padmakar Ras Siddh Kavi Hai

Pradeep Chawla on 12-05-2019

जन्म



1753



निधन: 1833





उपनाम पद्माकर जन्म स्थान सागर, मध्य प्रदेश

कृतियाँ



१. जगद्विनोद २. हिम्मत बहादुर विरदावली



३. पद्माभरण ४. जयसिंह विरदावली



५. अलीजाह प्रकाश ६. हितोपदेश



७. रामरसायन ८. प्रबोध पचासा



९.गंग-लहरी





विविध ये बंद के रहने वाले तैलंग ब्राह्मण थे . इनके पिता का नाम मोहन भट्ट था .



पदमाकर पन्ना के महाराज हिंदूपति के गुरु थे. कई राज-दरबारों में इनका बड़ा मान था. यद्द्यपी इनको मिश्र-बन्धुओं के नवरत्नों में स्थान नहीं मिला है, तथापि लक्षणों की सरलता और स्पष्टता तथा उदाहरणों की उपयुक्तता और विशाल काव्यत्व के कारण इनका स्थान रीतिकालीन कवियों में बड़े महत्व का है. पद्माकर के सम्बन्ध में शुक्लजी का मत है :-- “लाक्षणिक शब्दों के प्रयोग द्वारा कहीं कहीं ये मन की अव्यक्त भावना को ऐसा मूर्ति मान कर देते हैं कि सुनने वालों का हृदय आप ही आप हामी भरता है . यह लाक्षणिकता भी इनकी बड़ी विशेषता है.”



पद्माकर ने वीर –रस की भी कविता की है , किन्तु उसमें उतने सफल नहीं हुए जितने श्रृंगार रस में.



Comments Bhav sondha on 18-03-2021

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Dinesh Katare on 12-05-2019

Siddh kijiye ki padmakar Ras siddh kawi h?

A d on 12-05-2019

Siddique ji ki Padmakar Rashid kabhi hai

Anand on 12-05-2019

Padmakar sidha rash Kavi k

MayankNamdev on 12-05-2019

Sidh kijiye padmakar ras sidh kabi hai

दीपक सिंह on 12-05-2019

तुलसी के पत्तों को पीसकर चूर्ण बना लें




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