द्वैध शासन का जनक कौन था

Dvaidh Shashan Ka Janak Kaun Tha

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 12-05-2019

जब दो शासक एक साथ सत्ता का उपभोग करते है तो इसे द्वैध शासन (Diarchy) कहते है। प्रायः देखा गया है की शासक अपने पद को आजीवन ग्रहण किया रहता है तथा वो इसे अपने पुत्र या सगे-संबंधियो को सुपुर्द करता है।


द्वैध शासन का सिद्धान्त सबसे पहले लियोनेल कर्टिसनामक अंग्रेज ने प्रतिपादित किया था जो बहुत दिनों तक राउण्ड टेबिल का सम्पादक रहा। बाद में यह सिद्धान्त 1919 ई. के भारतीय शासन विधान में लागू किया गया, जिसके अनुसार प्रान्तों में द्वैध शासन स्थापित हुआ।


उदाहरण के लिए, १७६५ में बंगाल, बिहार और ऊड़ीसा में भू-राजस्व वसूलने का अधिकार ईस्ट इंडिया कम्पनी के पास था जबकि प्रशासन बंगाल के नवाब के नाम से चलता था। अतः सत्ता के दो केन्द्र थे।



Comments Sapana Tomar on 06-07-2019

Sarvadhik danatmak tatva



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