हिन्दी साहित्य सम्मेलन इलाहाबाद 10 वीं परिणाम 2012

Hindi Sahitya Sammelan Allahabad 10 Vee Parinnam 2012

Gk Exams at  2018-03-25


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GkExams on 02-11-2018


हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा दी जाने वाली प्रथमा (10), मध्यमा (12) और साहित्यरत्न (स्नातक) के प्रमाण पत्र और डिग्रियों की वैधता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सम्मेलन को न तो किसी माध्यमिक बोर्ड ने प्रथमा और मध्यमा की परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए मान्यता दी है और न ही विश्र्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने साहित्यरत्न के लिए। इसके बावजूद सम्मेलन न केवल देश में ही ये मार्कशीट और डिग्रियां बांट रहा है, बल्कि विदेश में भी इसके कई केंद्र खुले हुए हैं।


हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री विभूति नारायण मिश्र भी खुद ही स्वीकार करते हैं कि हिंदी साहित्य सम्मेलन न तो बोर्ड है और न ही विश्र्वविद्यालय। डिग्रियों और मार्कशीट की मान्यता के सवाल पर उनका कहना है कि केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार में हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रमाण पत्रों और डिग्रियों को मान्यता प्रदान की गई है।


इसके साथ ही संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में भी यहां की डिग्रियों और प्रमाण पत्रों को मान्यता प्राप्त है। हालांकि केंद्रीय हिंदी निदेशालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर इनसे संबद्ध शिक्षण संस्थानों की सूची में हिंदी साहित्य सम्मेलन का कहीं कोई जिक्र नहीं है। संघ लोक सेवा आयोग का दूर-दूर तक शैक्षणिक या किसी अन्य संस्थानों को मान्यता देने से नाता नहीं है।


क्या है हिंदी साहित्य सम्मेलन


हिंदी साहित्य सम्मेलन की शुरुआत काशी नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने तथा हिंदी भाषा और देवनागरी लिपि का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से एक मई, 1910 को की गई थी। चूंकि आजादी के पूर्व सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी भाषा को बढ़ाना था इसलिए इसके सभापति के रूप में पं. मदन मोहन मालवीय, महात्मा गांधी, गणेश शंकर विद्यार्थी, बाबूराव विष्णुराव पराड़कर जैसे महान हस्तियों ने योगदान दिया।




विदेशों में भी फैला है जाल


हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा मार्कशीट और डिग्रियां बांटने का धंधा देश के तीन सौ से साढ़े तीन सौ केंद्रों पर तो चल ही रहा है, बल्कि विदेशों में भी इसका जाल फैला हुआ है। अकेले मॉरिशस में इन डिग्रियों के लिए करीब दो हजार छात्र पंजीकृत हैं। इसके अलावा न्यूयार्क, स्वीडन, जापान जैसे देशों में भी केंद्र खुले हुए हैं।


हर साल करोड़ों का धंधा


हिंदी साहित्य सम्मेलन 10वीं, 12वीं व स्नातक की मार्कशीट और डिग्रियों के नाम पर प्रतिवर्ष करोड़ों का धंधा करता है। सम्मेलन ने 10वीं के लिए 550, 12वीं के लिए 750 व स्नातक प्रथम वर्ष के लिए 850 व द्वितीय और तृतीय के लिए 950 रुपये शुल्क के रूप में तय किया है।



Comments अशोक चन्द्र on 23-07-2019

माक्र्सीट सन 2000 कक्षा

Vinod kumar on 12-05-2019

Marksit kase check kare

Satendra kumar on 12-05-2019

2006 ki police bharti

Rita devi on 03-01-2019

2004-05 Ki prathma 10 markshet Manya hai ya nahi



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