हिन्दू विवाह अधिनियम धारा 24

Hindu Vivah Adhiniyam Dhara 24

Gk Exams at  2018-03-25


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Pradeep Chawla on 29-10-2018


तलाक या दहेज से संबंधित कानून महिलाओं को सुरक्षा और उचित न्याय के उद्देश्य से बनाए गए हैं। किंतु कुछ महिलाओं द्वारा इनका दुरुपयोग के कारण माननीय न्यायालय इन मामलों पर विचार कर रहा है। ऐसे में गुजारा भत्ता मांगने से पहले अच्छे से सोच लें। ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं, जिसमें पत्नी द्वारा पति पर झूठे आरोप लगाकर फंसाए जाने, बिना कारण के पति का घर छोडऩे और संपन्न होने के बाद भी गुजारा भत्ता मांगने आदि अनेक प्रकरणों में माननीय न्यायालय ने ठोस परीक्षण कर पति के पक्ष में निर्णय दिए हैं।


इस संबंध में कानूनी पक्ष एकदम स्पष्ट है कि पतिप त्नी के बीच जब तलाक का प्रकरण दायर हो जाता है, उसके पश्चात ही पति अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता देने के लिए उत्तरदायी हो जाता है। विवाहित स्त्री हिन्दू विवाह अधिनियम की धारा-24 के तहत गुजारा भत्ता ले सकती है। यही नहीं पति की मृत्यु के पश्चात यदि स्त्री दूसरा विवाह नहीं करती तो उसे सास-ससुर से भी गुजारा भत्ता लेने का अधिकार है। हिन्दू विवाह अधिनियम के अनुसार पत्नी अपने बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और भरण-पोषण के लिए आवेदन कर सकती है।


किसी महिला को यदि मासिक गुजारा भत्ता पाना है, तो उसे यह साबित करना होता है कि जीवन यापन के लिए उसके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है और वह वित्तीय तौर पर अपना गुजारा नहीं कर सकती। मेरा मानना है कि पति-पत्नी अपने विवाद को न्यायालय में ले जाकर अपने आपको दूर ले जाते हैं। अपने आपको खरा साबित करने के लिए पतिप त्नी को झूठ का सहारा लेना पड़ता है। पति-पत्नी को कोर्ट की शरण में जाने से पहले हर पहलू पर विचार कर लेना चाहिए। तलाक के मामले में पत्नी सोचती है कि न्यायालय में प्रकरण दायर कर दो, जब तक निर्णय होगा गुजारा भत्ता मिलता रहेगा। किन्तु हर प्रकरण में गुजारा भत्ता मिल ही जाएगा यह जरूरी नहीं।


कुछ प्रकरणों में माननीय न्यायालय ने पत्नी को गुजारा भत्ता देने से इंकार भी कर दिया है। भोपाल का एक ऐसा ही मामला है जिसमें जहांगीराबाद के आकाश ने भोपाल निवासी सपना से आर्य समाज मंदिर में विवाह कर लिया। शादी के चार माह के पश्चात ही दोनों में विवाद होने लगे। सपना ने आकाश पर मारपीट, धमकी देने और घरेलू हिंसा के झूठे आरोप लगाकर दहेज प्रताडऩा का मामला दायर किया। मामला कोर्ट में चला, पति ने साबित कर दिया कि उसे दहेज प्रताडऩा के झूठे प्रकरण में फंसाया गया है। कोर्ट ने पति के पक्ष में निर्णय दिया। पति केस तो जीत गया लेकिन इस दौरान उसका कारोबार चौपट हो गया। इसके बाद पति ने अपनी पत्नी से क्षतिपूर्ति वसूलने का प्रकरण दायर किया। पत्नी ने झूठे प्रकरण दर्ज करने के मामले मे कार्यवाही करने के लिए कोर्ट में इस्तगासा लगाया। कोर्ट के आदेश के बाद पत्नी ने पति को क्षतिपूर्ति के रूप में कुछ राशि दी। यही नहीं पति ने पत्नी से भरण-पोषण की भी मांग की। पति को क्षतिपूर्ति की राशि मिली। हिन्दू मैरिज एक्ट के तहत उसे भरण-पोषण का लाभ भी मिल सकता है।


एक दूसरे प्रकरण में पत्नी ने शादी के डेढ़ साल बाद ही पति का घर छोड़ दिया था। पति ने उसे इसके लिए कभी उकसाया नहीं था। पति ने उसे घर वापस बुलाने के लिए नोटिस भेजा। कोई जवाब नहीं मिला तो उसने फैमिली कोर्ट में वैवाहिक अधिकारों को लेकर याचिका दायर की। इस बीच पत्नी ने गुजारा भत्ता पाने के लिए याचिका दायर कर दी। फैमिली कोर्ट ने पति की याचिका स्वीकार कर पत्नी की याचिका खारिज कर दी। पत्नी ने ट्रायल कोर्ट में गुजारा भत्ता के लिए याचिका दायर की तो पति ने इस मुकदमे पर चल रही सुनवाई को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। माननीय न्यायाधीश महोदय ने यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी कि यदि पत्नी ने बिना किसी ठोस कारण के पति का घर छोड़ा है तो उसे गुजारा भत्ता पाने का कोई हक नहीं है।



Comments Deepak on 12-05-2019

Dhara 24 se kaise bacha kay

Umesh on 12-05-2019

Ydi section 13 , husband party ne kiya h aur wife educated and private job bHi krti h ,to kya section 24 mai fir bhi husband ,wife ko gujara dega,
Plz tell section 24 se husband kaise bche

Umesh on 12-05-2019

Ydi section 13 , husband party ne kiya h aur wife educated and private job bHi krti h ,to kya section 24 mai fir bhi husband ,wife ko gujara dega,
Plz tell section 24 se husband kaise bche

Mukesh on 21-09-2018

Pati ko gujara Bhaiya kaise milega



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